प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961 (M.B. अधिनियम) में प्रसूति काल के दौरान कितने सप्ताह की मज़दूरी का उपबंध है ?
- (a)11 सप्ताह
- (b)12 सप्ताह
- (c)13 सप्ताह
- (d)14 सप्ताह
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) 12 सप्ताह — प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961 की धारा 5(3) उस समय, जब यह प्रश्नपत्र बना, यही अवधि देती थी: किसी स्त्री को अधिकतम बारह सप्ताह की प्रसूति प्रसुविधा मिलेगी, जिनमें से छह सप्ताह से अधिक प्रत्याशित प्रसव की तारीख़ से पहले नहीं होंगे। ध्यान रखने की बात यह है कि यह प्रसुविधा 'मज़दूरी' के रूप में मिलती है — धारा 5(1) के अनुसार वास्तविक अनुपस्थिति की अवधि के लिए औसत दैनिक मज़दूरी की दर से भुगतान, अवकाश मात्र नहीं। पात्रता की शर्त धारा 5(2) में है: प्रत्याशित प्रसव से ठीक पहले के बारह महीनों में नियोजक के यहाँ कम-से-कम अस्सी दिन काम किया हो। आगे चलकर प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2017 ने यही अधिकतम अवधि बढ़ाकर छब्बीस सप्ताह कर दी, जिनमें से आठ सप्ताह से अधिक प्रसव से पहले नहीं; किन्तु दो या दो से अधिक जीवित संतानों वाली स्त्री के लिए बारह सप्ताह की सीमा आज भी वहीं बनी हुई है। एक बात और, जो ऐसे प्रश्नों में बार-बार काम आती है: अधिनियम की अवधि और उसकी उप-सीमा दोनों याद रखिए। बारह सप्ताह कुल अवधि थी और छह सप्ताह उसकी वह उप-सीमा, जो प्रसव से पहले ली जा सकती थी — परीक्षा दोनों में से किसी को भी पूछ सकती है, और दोनों एक ही उपधारा में हैं। यह भी ध्यान रखिए कि यह अधिनियम उन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जो कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के दायरे में नहीं आते; जहाँ वह योजना लागू है वहाँ प्रसूति हितलाभ उसी के अंतर्गत मिलता है। इसलिए दोनों अधिनियम एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी नहीं, पूरक हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)11 सप्ताह — ग्यारह सप्ताह अधिनियम की किसी भी धारा में नहीं आता। अधिनियम की अवधियाँ इस प्रकार हैं — धारा 5(3) की बारह सप्ताह की अधिकतम सीमा, उसी में प्रसव से पहले छह सप्ताह की उप-सीमा, धारा 9 का गर्भपात के बाद छह सप्ताह का अवकाश और धारा 10 का बीमारी की दशा में एक मास का अतिरिक्त अवकाश। ग्यारह इनमें से किसी से नहीं बनता। ऐसे प्रश्नों में सुरक्षित रीति यही है कि अधिनियम की सारी अवधियाँ एक साथ याद रखी जाएँ, क्योंकि विकल्प प्रायः उन्हीं में से किसी को उठाकर बनाए जाते हैं — और जो अंक अधिनियम में कहीं आता ही न हो, वह केवल भरने के लिए रखा गया होता है।
- (c)13 सप्ताह — तेरह सप्ताह अर्थात् इक्यानवे दिन — यह अंक श्रम-विधि पढ़ने वाले को परिचित लगता है, क्योंकि कर्मचारी राज्य बीमा योजना में बीमारी हितलाभ की अधिकतम अवधि इक्यानवे दिन है। पर वह दूसरा अधिनियम और दूसरा हितलाभ है; प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम में तेरह सप्ताह की कोई अवधि नहीं है। दोनों व्यवस्थाओं का दायरा भी अलग है: कर्मचारी राज्य बीमा योजना अंशदान-आधारित सामाजिक बीमा है और उसका हितलाभ निगम की निधि से मिलता है, जबकि प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम में भुगतान का दायित्व सीधे नियोजक पर होता है।
- (d)14 सप्ताह — चौदह सप्ताह अंतर्राष्ट्रीय मानक है, भारतीय अधिनियम की उस समय की सीमा नहीं — अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के प्रसूति संरक्षण अभिसमय, 2000 (संख्या 183) में सदस्य देशों के लिए कम-से-कम चौदह सप्ताह का प्रसूति अवकाश रखा गया है। यही इस विकल्प को सबसे आकर्षक जाल बनाता है: उत्तर सही है, पर दूसरे दस्तावेज़ का। भारत ने इस अभिसमय की पुष्टि नहीं की है, फिर भी 2017 का संशोधन अवधि को उस मानक से आगे ले गया।
अवधारणा
प्रसूति प्रसुविधा अधिनियम, 1961 उन प्रतिष्ठानों पर लागू होता है जहाँ दस या अधिक व्यक्ति काम करते हैं और जो कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के दायरे में नहीं आते। इसका ढाँचा तीन स्तंभों पर खड़ा है। पहला, प्रसव के आसपास की निश्चित अवधि के लिए औसत दैनिक मज़दूरी की दर से नक़द भुगतान — यह अवकाश मात्र नहीं, वेतन-सहित अवकाश है। दूसरा, उस अवधि में नियोजन पर रोक, ताकि नियोजक काम कराकर उपबंध को व्यर्थ न कर दे। तीसरा, संरक्षण — प्रसूति अवकाश की अनुपस्थिति के आधार पर सेवा से हटाना प्रतिषिद्ध है और उस अवधि में सेवा-शर्तें अहितकर रूप से बदली नहीं जा सकतीं। इनके साथ कुछ सहायक उपबंध भी हैं — चिकित्सा बोनस, गर्भपात की दशा में अवकाश, प्रसूति से उत्पन्न बीमारी की दशा में अतिरिक्त अवकाश, और काम पर लौटने के बाद शिशु को दूध पिलाने के लिए विश्राम-काल।
इस पेपर में श्रम विधि और सामाजिक सुरक्षा के लगभग दस प्रश्न हैं, और उनमें से अधिकांश किसी अधिनियम या योजना के एक निश्चित अंक पर टिके हैं — सप्ताह, आयु-सीमा, कर्मचारियों की संख्या या बीमा-राशि। ऐसे प्रश्नों में अधिनियम के साथ धारा जोड़कर याद रखना निर्णायक हो जाता है, क्योंकि विकल्प जान-बूझकर आसपास के मान रखते हैं। इस प्रश्न की एक और विशेषता यह है कि उत्तर उस समय की विधि के अनुसार है: 2017 के संशोधन ने वही सीमा बदल दी, इसलिए आज का पाठक यदि वर्तमान अवधि याद रखकर आए तो वह पुराने प्रश्नपत्र पर उलटा उत्तर दे बैठेगा। पुराने प्रश्नपत्रों में तिथि देखकर विधि की स्थिति तय करना इसी कारण एक अलग कौशल है।
मुख्य तथ्य
- धारा 5(3) — प्रश्नपत्र के समय अधिकतम बारह सप्ताह की प्रसूति प्रसुविधा, जिनमें छह सप्ताह से अधिक प्रसव की प्रत्याशित तारीख़ से पहले नहीं।
- धारा 5(2) — पात्रता के लिए प्रत्याशित प्रसव से ठीक पहले के बारह महीनों में कम-से-कम अस्सी दिन का काम आवश्यक।
- धारा 8 चिकित्सा बोनस, धारा 9 गर्भपात पर छह सप्ताह का अवकाश और धारा 11 शिशु को दूध पिलाने के लिए विश्राम-काल का उपबंध करती है।
- धारा 12 — प्रसूति अवकाश की अनुपस्थिति के कारण किसी स्त्री को सेवा से हटाना प्रतिषिद्ध है।
- प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2017 ने अवधि बढ़ाकर छब्बीस सप्ताह की, पर दो या अधिक जीवित संतानों वाली स्त्री के लिए बारह सप्ताह की सीमा बनी रही।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 2017 के संशोधन के बाद की छब्बीस सप्ताह वाली संख्या 2016 के प्रश्न पर लगा देना — प्रश्न उसी समय की विधि पर बनता है।
- अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के चौदह सप्ताह वाले न्यूनतम मानक को भारतीय अधिनियम की सीमा मान लेना।
- इस अधिनियम और कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम के प्रसूति हितलाभ को एक ही मान लेना — दोनों का दायरा अलग है।
यह अधिनियम तीन कोणों से पूछा जाता है — प्रसुविधा की अवधि, पात्रता की शर्त यानी अस्सी दिन, और लागू होने की सीमा यानी दस या अधिक कर्मचारी। 2017 के संशोधन के बाद तुलनात्मक प्रश्न भी बनने लगे हैं, जिनमें पहले और बाद की अवधियाँ आमने-सामने रखी जाती हैं, तथा शिशु-गृह और घर से काम जैसे नए उपबंध पूछे जाते हैं। पुराने प्रश्नपत्र हल करते समय सबसे पहले प्रश्नपत्र का वर्ष देखिए और तब तय कीजिए कि उस समय विधि की स्थिति क्या थी।
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- (a) 1, 2 and 3 only
- (b) 1, 2 and 4 only
- (c) 3 and 4 only
- (d) 1, 2, 3 and 4
उत्तर(d) 1, 2, 3 and 4
इसी पेपर का कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 वाला कथन-प्रश्न — वही हितलाभ जब बीमा-आधारित योजना से मिलता है, जहाँ बीमारी और प्रसूति दोनों के लिए नक़द भुगतान का उपबंध है।
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- (a) 1, 2, 3 and 4
- (b) 2, 3, 4 and 5
- (c) 2, 4, 5 and 6
- (d) 3, 4, 5 and 6
उत्तर(c) 2, 4, 5 and 6
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- (a) 1 and 2 only
- (b) 1 and 3 only
- (c) 2 and 3 only
- (d) 1, 2 and 3
उत्तर(a) 1 and 2 only
इसी पेपर का भविष्य निधि योजना की कमियों वाला प्रश्न — सामाजिक सुरक्षा के दो अलग रास्तों, संचय और बीमा, की तुलना के लिए।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
प्रसूति प्रसुविधा (संशोधन) अधिनियम, 2017 के बाद सामान्य दशा में अधिकतम प्रसूति प्रसुविधा की अवधि कितनी है ?
- (a)12 सप्ताह
- (b)16 सप्ताह
- (c)26 सप्ताह
- (d)28 सप्ताह
उत्तर(c) 26 सप्ताह — जिनमें से आठ सप्ताह से अधिक प्रसव की प्रत्याशित तारीख़ से पहले नहीं; दो या अधिक जीवित संतानों वाली स्त्री के लिए यह सीमा बारह सप्ताह ही रहती है।