निम्नलिखित में से कौन-सा एक सॉफ्टवेयर अनुप्रयोग (ऐप्लिकेशन) संख्यात्मक और सांख्यिकीय परिकलनों के निष्पादन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होगा ?
- (a)आँकड़ा संचय (डेटाबेस)
- (b)स्प्रेडशीट
- (c)आलेख (ग्रैफिक्स) पैकेज़
- (d)प्रलेख संसाधित्र (डॉक्युमेंट प्रोसेसर)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) स्प्रेडशीट — संख्यात्मक और सांख्यिकीय परिकलन ठीक वही काम है जिसके लिए स्प्रेडशीट बनी है।
स्प्रेडशीट पंक्तियों और स्तंभों के जाल में बँटी होती है और उसकी हर कोठरी में या तो कोई मान रखा जा सकता है या कोई सूत्र। सूत्र दूसरी कोठरियों के पते से जुड़ता है, इसलिए किसी एक मान को बदलते ही उस पर आश्रित सारे परिणाम स्वयं फिर से गणना कर लेते हैं। यही एक गुण उसे परिकलन का औज़ार बना देता है : पुनर्गणना अपने आप होती है, हाथ से दोहरानी नहीं पड़ती।
इसके ऊपर उसमें अंतर्निर्मित फलनों का बड़ा संग्रह होता है — योग, औसत, माध्यिका, मानक विचलन, प्रतिशत, वृद्धि-दर, ब्याज और किस्त की गणना, और सांख्यिकीय जाँचें। आँकड़ों को छाँटने, छानने और उनसे आलेख बनाने की सुविधा भी उसी में रहती है, इसलिए गणना और उसका चित्रण एक ही स्थान पर हो जाते हैं।
एक तीसरा गुण, जो कार्यालयी काम में सबसे उपयोगी सिद्ध होता है, वह है ‘यदि-तो’ विश्लेषण : किसी मान्यता को बदलकर तुरन्त देखना कि परिणाम कैसे बदलते हैं। बजट, लागत-अनुमान और वेतन-गणना जैसे काम इसी कारण स्प्रेडशीट पर किए जाते हैं।
शेष तीनों विकल्प वास्तविक और उपयोगी श्रेणियाँ हैं, पर उनका मुख्य काम कुछ और है — एक बड़े और संरचित आँकड़ा-संचय को सँभालना, दूसरा चित्र और आकृतियाँ बनाना, तीसरा पाठ लिखना और उसका स्वरूप गढ़ना। इनमें गणना गौण है या नहीं के बराबर, इसलिए ‘सर्वाधिक उपयुक्त’ की कसौटी पर स्प्रेडशीट ही खरी उतरती है और उत्तर (b) है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)आँकड़ा संचय (डेटाबेस) — आँकड़ा संचय बड़ी मात्रा में सूचना को संरचित रूप में रखने, उसमें सम्बन्ध बनाए रखने और तेज़ी से खोजने के लिए बनता है। उसकी शक्ति प्रश्न-भाषा में है, जिससे लाखों अभिलेखों में से शर्त के अनुसार पंक्तियाँ निकाली जा सकती हैं, और उसकी चिंता आँकड़ों की शुद्धता तथा एक साथ कई उपयोगकर्ताओं के काम करने की है। गणना वह भी कर लेता है, पर उसका ढाँचा एक-एक कोठरी में सूत्र लिखने और तुरन्त परिणाम देखने के लिए नहीं बना। इसलिए यह विकल्प उपयोगी तो है, पर इस काम के लिए सर्वाधिक उपयुक्त नहीं।
- (c)आलेख (ग्रैफिक्स) पैकेज़ — आलेख पैकेज़ का काम चित्र, आरेख और दृश्य-सामग्री बनाना है — रेखांकन, चित्र-संपादन, प्रस्तुतीकरण। वह आँकड़ों को दिखाने में सहायक होता है, पर आँकड़ों पर गणना करने का औज़ार नहीं है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि आलेख बनाने की क्षमता स्वयं स्प्रेडशीट में भी होती है, इसलिए गणना और चित्रण दोनों के लिए अलग-अलग अनुप्रयोग की आवश्यकता प्रायः नहीं पड़ती। यह विकल्प उस पाठक को खींचता है जो ‘सांख्यिकी’ शब्द सुनकर तुरन्त आलेखों की ओर चला जाता है।
- (d)प्रलेख संसाधित्र (डॉक्युमेंट प्रोसेसर) — प्रलेख संसाधित्र पाठ लिखने, उसका स्वरूप गढ़ने और छपाई योग्य प्रलेख तैयार करने के लिए है — शीर्षक, अनुच्छेद, सूचियाँ, पाद-टिप्पणियाँ। उसमें छोटी सारणियाँ बनाई जा सकती हैं और कुछ सरल जोड़ भी संभव है, पर वह परिकलन का औज़ार नहीं है : न वहाँ सूत्रों का बड़ा संग्रह है, न कोठरियों के बीच निर्भरता का वह ढाँचा जिससे एक मान बदलते ही सब कुछ फिर से गणना कर ले। सांख्यिकीय काम के लिए इसे चुनना औज़ार और काम का मेल न बैठाना है।
अवधारणा
कार्यालयी सॉफ़्टवेयर की चार बड़ी श्रेणियाँ हैं और उनका बँटवारा उनके मूल उद्देश्य से होता है : प्रलेख संसाधित्र पाठ के लिए, स्प्रेडशीट संख्याओं के लिए, आँकड़ा संचय संरचित सूचना के लिए, और प्रस्तुति तथा आलेख के अनुप्रयोग दृश्य-सामग्री के लिए।
स्प्रेडशीट का मूल विचार यह है कि गणना को आँकड़ों से अलग रखा जाए। कोठरी में मान रहता है और दूसरी कोठरी में उस मान का सूत्र; सूत्र मान का पता जानता है, मान स्वयं नहीं। इसलिए मान बदलते ही परिणाम बदल जाता है। इसी विचार पर आगे चलकर परास, सूत्रों की प्रतिलिपि, सापेक्ष और निरपेक्ष संदर्भ, तथा सारांश-सारणियाँ जैसी सुविधाएँ खड़ी हुईं।
आँकड़ा संचय का मूल विचार इससे भिन्न है : वहाँ सूचना सारणियों में रहती है, हर सारणी में अभिलेख होते हैं, और सारणियाँ आपस में कुंजियों से जुड़ी होती हैं। उसका बल दोहराव रोकने, शुद्धता बनाए रखने और बहुत बड़े संग्रह में तेज़ी से खोजने पर है।
दोनों की सीमा जानना व्यावहारिक रूप से उपयोगी है : जब आँकड़े बहुत बड़े हों, कई लोग एक साथ काम करते हों और शुद्धता के नियम लागू करने हों, तब आँकड़ा संचय उपयुक्त है; जब गणना, प्रतिरूपण और ‘यदि-तो’ विश्लेषण करना हो, तब स्प्रेडशीट।
इस प्रश्नपत्र में कंप्यूटर से जुड़े प्रश्नों का बड़ा हिस्सा सामान्य उपयोग की जानकारी पर है — कार्यालयी अनुप्रयोग, जालक्रम, इंटरनेट की शब्दावली। इसका कारण पद की प्रकृति है : प्रशासनिक कार्य में आँकड़ों की सारणियाँ, वेतन-गणना, दावों का हिसाब और रिपोर्ट-निर्माण नित्य के काम हैं।
ऐसे प्रश्नों में विकल्प सदा चारों श्रेणियों में से लिए जाते हैं, इसलिए तैयारी का सबसे कारगर तरीक़ा यह है कि हर श्रेणी का एक-वाक्य उद्देश्य याद रखा जाए और यह भी कि वह किस काम के लिए उपयुक्त नहीं है।
हिन्दी स्तंभ में तीन विकल्पों के साथ कोष्ठक में अंग्रेज़ी का देवनागरी लिप्यन्तरण दिया गया है, पर विकल्प (b) केवल ‘स्प्रेडशीट’ है — उसके लिए कोई हिन्दी पर्याय नहीं दिया गया। यह असमानता छपाई की है और अर्थ पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।
मुख्य तथ्य
- स्प्रेडशीट पंक्ति-स्तंभ के जाल में बनी होती है, जहाँ कोठरियों में मान या सूत्र रखे जाते हैं और सूत्र दूसरी कोठरियों के पते से जुड़ते हैं।
- किसी मान को बदलते ही उस पर आश्रित सारे परिणाम स्वयं फिर से गणना कर लेते हैं — यही उसे परिकलन का औज़ार बनाता है।
- उसमें योग, औसत, माध्यिका, मानक विचलन, ब्याज और किस्त जैसे अंतर्निर्मित फलनों का बड़ा संग्रह होता है।
- ‘यदि-तो’ विश्लेषण, यानी मान्यता बदलकर परिणाम देखना, स्प्रेडशीट की विशिष्ट सुविधा है और बजट तथा लागत-अनुमान में उसी का उपयोग होता है।
- आँकड़ा संचय का बल बड़ी और संरचित सूचना को सँभालने, शुद्धता बनाए रखने तथा तेज़ी से खोजने पर है, कोठरी-स्तर की गणना पर नहीं।
- प्रलेख संसाधित्र पाठ लिखने और उसका स्वरूप गढ़ने के लिए है, तथा आलेख पैकेज़ दृश्य-सामग्री बनाने के लिए।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- ‘सांख्यिकी’ शब्द सुनकर सीधे आलेख या प्रस्तुति के अनुप्रयोग की ओर चले जाना।
- आँकड़ा संचय और स्प्रेडशीट के उद्देश्य आपस में बदल देना — एक भंडारण और खोज के लिए है, दूसरा गणना के लिए।
- प्रलेख संसाधित्र की छोटी सारणी-सुविधा को परिकलन-क्षमता मान लेना।
‘सर्वाधिक उपयुक्त’ वाले प्रश्न में यह देखना पर्याप्त नहीं कि कोई अनुप्रयोग वह काम कर सकता है या नहीं; देखना यह है कि वह काम किसके लिए बना है। इसलिए हर विकल्प के आगे उसका मूल उद्देश्य लिखिए और फिर स्टेम के काम से मिलाइए। यहाँ स्टेम ‘संख्यात्मक और सांख्यिकीय परिकलन’ कहता है, और चार में से केवल एक श्रेणी ठीक इसी के लिए बनी है। ऐसे प्रश्न EPFO और अन्य परीक्षाओं में कार्यालयी सॉफ़्टवेयर, इंटरनेट और जालक्रम की सामान्य जानकारी के अंतर्गत नियमित रूप से आते हैं।
संबंधित PYQ
EPFO_APFC_2016_Q77खोलें व हल करें →The devices that work with computer systems as soon as they are connected are described as
- (a) Hot Swapping
- (b) Bay Swap
- (c) Plug-N-Play
- (d) USB Swapping
उत्तर(c) Plug-N-Play
इसी प्रश्नपत्र का प्लग-एन-प्ले वाला प्रश्न — कंप्यूटर की सामान्य जानकारी के उसी खंड से।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
स्प्रेडशीट में किसी कोठरी का मान बदलने पर उस पर आश्रित सूत्रों के परिणामों का क्या होता है ?
- (a)वे अपरिवर्तित रहते हैं
- (b)वे स्वयं फिर से गणना कर लेते हैं
- (c)उन्हें हाथ से फिर लिखना पड़ता है
- (d)फ़ाइल बंद होने पर ही बदलते हैं
उत्तर(b) वे स्वयं फिर से गणना कर लेते हैं
- practice — not a real PYQ
बहुत बड़ी मात्रा में संरचित सूचना रखने और उसमें शर्त के अनुसार तेज़ी से खोज करने के लिए कौन-सा अनुप्रयोग सर्वाधिक उपयुक्त है ?
- (a)प्रलेख संसाधित्र
- (b)आलेख पैकेज़
- (c)आँकड़ा संचय
- (d)प्रस्तुति सॉफ़्टवेयर
उत्तर(c) आँकड़ा संचय