किसी प्रेक्षण में 16 शून्येतर धनात्मक संख्याओं के एक समुच्चय के माध्य और मानक विचलन क्रमशः 26 और 3·5 हैं । 24 शून्येतर धनात्मक संख्याओं के एक अन्य समुच्चय के माध्य और मानक विचलन, दोनों ही प्रेक्षणों की परिस्थितियों को बदले बिना, क्रमशः 29 और 3 हैं । उनके समन्वित समुच्चय के माध्य और मानक विचलन क्रमशः क्या होंगे ?
- (a)27·8 और 3·21
- (b)26·2 और 3·32
- (c)27·8 और 3·32
- (d)26·2 और 3·21
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) 27·8 और 3·21 — पहले माध्य निकालिए, क्योंकि वही आधा प्रश्न बिना किसी कठिन गणना के तय कर देता है।
संयुक्त माध्य दोनों माध्यों का सादा औसत नहीं, बल्कि प्रेक्षणों की संख्या से भारित औसत होता है :
संयुक्त माध्य = (16 × 26 + 24 × 29) ÷ (16 + 24) = (416 + 696) ÷ 40 = 1112 ÷ 40 = 27·8
चारों विकल्पों में से दो 26·2 छापते हैं, और वे यहीं गिर जाते हैं। शेष दो में माध्य समान है, इसलिए निर्णय अब केवल विचलन पर है — 3·21 या 3·32।
अब विचलन। मानक विचलनों को सीधे जोड़ा या औसत नहीं किया जाता; जो राशि जुड़ती है वह उनका वर्ग, यानी प्रसरण है। दोनों समुच्चयों के प्रसरणों को उनके आकार से भारित कीजिए :
s² = (16 × 3·5² + 24 × 3²) ÷ 40 = (16 × 12·25 + 24 × 9) ÷ 40 = (196 + 216) ÷ 40 = 412 ÷ 40 = 10·3
s = 10·3 का वर्गमूल = 3·2094, यानी दो दशमलव स्थानों तक 3·21। यही आयोग की कुंजी का मान है।
यह राशि क्या बताती है, यह समझ लेना उपयोगी है। यह दोनों समुच्चयों के भीतर के फैलाव का संयुक्त माप है — जिसे संपुंजित मानक विचलन कहते हैं — और वह सदा दोनों समुच्चयों के मानक विचलनों के बीच पड़ता है। यहाँ बड़ा समुच्चय (24 प्रेक्षण) कम फैलाव वाला है, इसलिए संपुंजित मान 3 के अधिक निकट रहेगा, यानी 3·25 से नीचे। दो शेष विकल्पों में केवल 3·21 इस शर्त पर खरा उतरता है।
एक और सूत्र जानना चाहिए, क्योंकि परीक्षाएँ उसे भी पूछती हैं। जब दोनों समुच्चयों के माध्य अलग-अलग हों, तो संयुक्त प्रेक्षण अपने-अपने समूह-माध्य के इर्द-गिर्द ही नहीं, सामूहिक माध्य 27·8 के इर्द-गिर्द भी बिखरे होते हैं, और पूर्ण सूत्र में वह दूसरा पद भी जुड़ता है — यहाँ विचलन d₁ = 26 − 27·8 = −1·8 और d₂ = 29 − 27·8 = 1·2 के साथ। उस पूर्ण सूत्र से मान लगभग 3·53 आता है, जो छपे हुए चारों विकल्पों में नहीं है। इसलिए इस प्रश्न में जो राशि माँगी जा रही है वह समुच्चयों के भीतर का संपुंजित फैलाव है, और उसी के अनुसार उत्तर (a) बनता है। दोनों सूत्र अलग-अलग सीखिए और स्टेम पढ़कर तय कीजिए कि कौन-सा माँगा गया है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)26·2 और 3·32 — दोनों अंश चूकते हैं, और माध्य वाला अंश एक ऐसे नियम से टकराता है जो याद रखने योग्य है : दो समूहों का भारित माध्य सदा दोनों माध्यों के बीच पड़ता है। यहाँ माध्य 26 और 29 हैं, इसलिए संयुक्त माध्य इन्हीं दोनों के बीच होना चाहिए, और चूँकि बड़ा समूह 29 वाला है, वह 29 की ओर झुकेगा। 26·2 इस शर्त के विरुद्ध जाता है — वह छोटे माध्य से भी नीचे की ओर बैठा है। इसलिए इस विकल्प को विचलन की गणना तक पहुँचे बिना ही हटाया जा सकता है।
- (c)27·8 और 3·32 — माध्य यहाँ सही है, पर विचलन का मान 3·32 दिए गए आँकड़ों से किसी मानक विधि से नहीं बनता। प्रसरणों को आकार से भारित करने पर 10·3 आता है और उसका वर्गमूल 3·21 है; पूर्ण संयुक्त-प्रसरण सूत्र लगाने पर लगभग 3·53 आता है। 3·32 इन दोनों के बीच की एक ऐसी संख्या है जो किसी परिकलन का परिणाम नहीं, बल्कि उस पाठक के लिए रखी गई है जो माध्य सही निकालकर विचलन का अनुमान लगा लेता है। यही कारण है कि विचलन की गणना पूरी करनी चाहिए, अनुमान से आगे नहीं बढ़ना चाहिए।
- (d)26·2 और 3·21 — विचलन का मान यहाँ ठीक है, पर माध्य ग़लत है — और प्रश्न दोनों राशियाँ एक साथ पूछ रहा है, इसलिए एक अंश ग़लत होते ही पूरा विकल्प गिर जाता है। 26·2 न तो भारित माध्य है, न सादा औसत (जो 27·5 होता); वह दोनों माध्यों के बीच भी नहीं पड़ता। इस विकल्प का काम यही है कि जिस पाठक ने विचलन ठीक निकाल लिया हो पर माध्य पर ध्यान न दिया हो, वह सही दिखने वाले दूसरे अंश के भरोसे इसे चुन ले। ऐसे युग्म-विकल्पों में दोनों अंश अलग-अलग जाँचने चाहिए।
अवधारणा
दो समुच्चयों को मिलाने पर माध्य और विचलन, दोनों को नए सिरे से निकालना पड़ता है, पर दोनों के नियम अलग हैं।
माध्य के लिए नियम सीधा है : संयुक्त माध्य = (n₁म₁ + n₂म₂) ÷ (n₁ + n₂)। वह सदा दोनों माध्यों के बीच पड़ता है और बड़े समूह की ओर झुकता है।
विचलन के लिए दो अलग-अलग राशियाँ प्रचलित हैं और उन्हें आपस में न मिलाना ही इस विषय की मुख्य सावधानी है।
पहली, संपुंजित मानक विचलन : यह केवल समूहों के भीतर के फैलाव को जोड़ता है — प्रसरणों को आकार से भारित करके औसत निकाला जाता है और फिर वर्गमूल लिया जाता है। यह मान सदा दोनों समूहों के मानक विचलनों के बीच रहता है।
दूसरी, संयुक्त समुच्चय का पूर्ण मानक विचलन : यह इस बात को भी गिनता है कि दोनों समूहों के माध्य आपस में कितने दूर हैं। सूत्र में समूहों के प्रसरणों के अलावा प्रत्येक समूह-माध्य का सामूहिक माध्य से विचलन भी वर्ग करके जोड़ा जाता है। यदि दोनों माध्य दूर-दूर हों तो यह मान दोनों समूहों के मानक विचलनों से भी बड़ा हो सकता है, क्योंकि मिलाने पर आँकड़े और अधिक फैल जाते हैं।
दोनों सूत्र वैध हैं और अलग-अलग प्रश्नों के उत्तर देते हैं; इसीलिए स्टेम को ध्यान से पढ़कर तय करना पड़ता है कि किसकी माँग है।
सांख्यिकी के इस भाग से प्रश्न प्रायः तीन रूपों में आते हैं : भारित माध्य, संयुक्त प्रसरण, और किसी प्रेक्षण के बदलने पर माध्य तथा विचलन का संशोधन। यह प्रश्न पहले दो को एक साथ पूछता है, और विकल्पों को युग्म के रूप में रखकर दोनों की जाँच कराता है।
विकल्पों की बनावट स्वयं एक रणनीति सुझाती है : माध्य दो ही मान लेता है — 27·8 या 26·2 — इसलिए पहले माध्य निकालिए और आधे विकल्प तुरन्त हटाइए। यह आदत ऐसे हर युग्म-प्रश्न में समय बचाती है, चाहे विषय सांख्यिकी हो या लेखांकन।
छपाई की एक बात : इस प्रश्न के स्टेम और विकल्पों, दोनों में दशमलव-चिह्न उठा हुआ मध्य-बिंदु है — 3·5, 27·8, 3·21 — साधारण पूर्णविराम नहीं। यह इस पुस्तिका की शैली है।
इस प्रश्नपत्र का लगभग एक-तिहाई भाग संख्यात्मक और सांख्यिकीय है, इसलिए माध्य, विचलन और प्रतिशत-वृद्धि जैसे उपकरण यहाँ बार-बार लौटते हैं।
मुख्य तथ्य
- संयुक्त माध्य = (16 × 26 + 24 × 29) ÷ 40 = 27·8; वह सदा दोनों माध्यों के बीच और बड़े समूह की ओर झुका रहता है।
- मानक विचलन सीधे नहीं जुड़ते; जो राशि जुड़ती है वह उनका वर्ग, यानी प्रसरण है।
- प्रसरणों को आकार से भारित करने पर (16 × 12·25 + 24 × 9) ÷ 40 = 10·3 आता है, जिसका वर्गमूल 3·21 है — यही कुंजी का मान है।
- संपुंजित मानक विचलन सदा दोनों समूहों के मानक विचलनों के बीच रहता है; यहाँ बड़ा समूह कम फैलाव वाला है, इसलिए मान 3 के निकट रहता है।
- पूर्ण संयुक्त-प्रसरण सूत्र में समूह-माध्यों का सामूहिक माध्य से विचलन भी जोड़ा जाता है; इन आँकड़ों पर वह लगभग 3·53 देता है, जो छपे हुए विकल्पों में नहीं है।
- युग्म-विकल्प वाले प्रश्नों में दोनों अंश अलग-अलग जाँचने चाहिए, क्योंकि एक अंश ग़लत होते ही पूरा विकल्प गिर जाता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दोनों माध्यों का सादा औसत ले लेना, जिससे 27·5 आता है और कोई विकल्प मेल नहीं खाता।
- मानक विचलनों को सीधे भारित औसत में लगा देना; भारित की जाने वाली राशि प्रसरण है, विचलन नहीं।
- यह न देखना कि विकल्प युग्म हैं — एक अंश सही देखकर पूरा विकल्प चुन लेना।
ऐसे युग्म-प्रश्नों में सबसे कारगर क्रम है : पहले वह राशि निकालिए जिसकी गणना सरल है और जो सबसे अधिक विकल्प काटती है। यहाँ माध्य वही राशि है — दो पंक्तियों में निकलता है और आधे विकल्प हटा देता है। इसके बाद बची हुई राशि पर पूरा ध्यान दीजिए और यह भी देखिए कि स्टेम किस माप की माँग कर रहा है, क्योंकि फैलाव के एक से अधिक वैध माप होते हैं। तीसरा सुझाव यह है कि उत्तर की एक मोटी जाँच रखिए : भारित माध्य दोनों माध्यों के बीच होना चाहिए, और समूहों के भीतर का संपुंजित विचलन दोनों विचलनों के बीच।
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- (a) 1 only
- (b) 2 only
- (c) Both 1 and 2
- (d) Neither 1 nor 2
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