किसी बेलनाकार बन्द टंकी में 36π घन मीटर जल है, और यह अपनी क्षमता की आधी भरी है । जब बेलनाकार टंकी को समतल भूमि पर इसके वृत्ताकार आधार पर खड़ा किया जाता है, तो टंकी में जल की ऊँचाई 4 मीटर होती है । लेकिन जब इस टंकी को समतल भूमि पर इसके पार्श्व पर रखा जाए, तो भूमि से ऊपर जलपृष्ठ की ऊँचाई क्या होगी ?
- (a)9 मीटर
- (b)6 मीटर
- (c)3 मीटर
- (d)1 मीटर
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) 3 मीटर — इस प्रश्न का पूरा रहस्य एक सममिति में है : जब बेलन को उसके पार्श्व पर लिटाया जाए और वह ठीक आधा भरा हो, तब जल का पृष्ठ बेलन के अक्ष से होकर गुज़रता है, इसलिए भूमि से उसकी ऊँचाई ठीक त्रिज्या के बराबर होती है।
पहले त्रिज्या निकालिए। खड़ी अवस्था में जल की ऊँचाई 4 मीटर है और उतने जल का आयतन 36π घन मीटर :
πr² × 4 = 36π r² = 9 r = 3 मीटर
चाहें तो बेलन की ऊँचाई भी निकाल लीजिए। टंकी आधी भरी है, इसलिए उसकी पूरी क्षमता 72π घन मीटर है :
πr² × H = 72π, यानी 9H = 72, इसलिए H = 8 मीटर
यह उत्तर से मेल भी खाता है — खड़ी अवस्था में आधा भरा होने पर जल की ऊँचाई 8 का आधा, यानी 4 मीटर, ठीक वही जो प्रश्न में दी गई है। यह जाँच बताती है कि आँकड़े आपस में संगत हैं।
अब टंकी को पार्श्व पर लिटाइए। अब उसका अनुप्रस्थ काट 3 मीटर त्रिज्या का एक वृत्त है और बेलन की लंबाई 8 मीटर क्षैतिज पड़ी है। जल आयतन में आधा है, और चूँकि लंबाई पूरी भर में एक जैसी है, इसका अर्थ है कि वृत्ताकार काट का भी ठीक आधा भाग जल से भरा है। वृत्त को आधा-आधा बाँटने वाली रेखा उसका व्यास है, जो केंद्र से होकर जाती है। इसलिए जल का पृष्ठ ठीक अक्ष की ऊँचाई पर है :
भूमि से जलपृष्ठ की ऊँचाई = त्रिज्या = 3 मीटर
यही विकल्प (c) है। ध्यान दीजिए कि यहाँ π कहीं भी गुणा-भाग में उलझाता नहीं — वह दोनों ओर से कट जाता है, और यही संकेत है कि प्रश्न गणना का नहीं, दृष्टि का है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)9 मीटर — 9 मीटर वह मान है जो त्रिज्या के वर्ग को त्रिज्या मान लेने पर आता है। समीकरण r² = 9 देता है, और वहीं रुक जाने पर 9 दिखने लगता है, जबकि उत्तर उसका वर्गमूल 3 है। इस चूक को पकड़ने का एक सरल उपाय है — परिमाण देखिए : बेलन की ऊँचाई ही 8 मीटर है, इसलिए उसकी त्रिज्या 9 मीटर होने का अर्थ होगा एक ऐसी टंकी जो अपनी ऊँचाई से कहीं अधिक चौड़ी हो और जिसका आयतन दिए गए 72π से बहुत बड़ा बैठे। संख्या रखते ही विरोधाभास दिखता है।
- (b)6 मीटर — 6 मीटर बेलन का व्यास है, त्रिज्या नहीं। यह वह उत्तर है जो तब आता है जब यह मान लिया जाए कि लिटाने पर जल पूरे काट की ऊँचाई तक भरा है, या जब आधा भरने का अर्थ केंद्र के बजाय ऊपरी सिरे से लगा लिया जाए। पर टंकी आधी भरी है : लिटाने पर जल का पृष्ठ काट के केंद्र पर होगा, ऊपरी किनारे पर नहीं। 6 मीटर तभी सही होता जब टंकी पूरी भरी होती, और तब वह ‘जलपृष्ठ’ भी न रहकर बंद टंकी का शीर्ष होता।
- (d)1 मीटर — 1 मीटर के लिए कोई आधार नहीं बनता। न यह त्रिज्या है, न व्यास, न ऊँचाई का कोई सार्थक अंश। आयतन 36π और खड़ी अवस्था की ऊँचाई 4 मीटर से त्रिज्या सीधे 3 मीटर निकलती है, और आधी भरी लिटाई हुई टंकी में जलपृष्ठ ठीक त्रिज्या की ऊँचाई पर होता है। ऐसे विकल्प केवल यह देखने के लिए रखे जाते हैं कि उत्तर देने वाले ने वास्तव में सममिति का तर्क लगाया या अनुमान से कोई छोटी संख्या चुन ली।
अवधारणा
इस प्रश्न में तीन विचार जुड़े हुए हैं।
पहला, बेलन का आयतन : आयतन = πr²h। खड़ी अवस्था में जल भी एक बेलन का रूप लेता है, जिसकी त्रिज्या टंकी की त्रिज्या और ऊँचाई जल-स्तर है। इसी से त्रिज्या निकाली जाती है।
दूसरा, ‘आधा भरा’ होने का अर्थ अभिविन्यास के साथ बदलता है। खड़ी टंकी में आधा आयतन का अर्थ है आधी ऊँचाई तक जल, क्योंकि हर स्तर पर काट का क्षेत्रफल एक जैसा है। लिटाई हुई टंकी में हर ऊँचाई पर जल की चौड़ाई बदलती जाती है — बीच में सबसे अधिक, ऊपर-नीचे कम — इसलिए आधा आयतन आधी ऊँचाई पर नहीं होता। पर यहाँ ठीक आधा भरा होने की विशेष स्थिति है, जहाँ सममिति के कारण उत्तर बिना किसी कठिन गणित के मिल जाता है : वृत्त का ठीक आधा क्षेत्रफल व्यास के नीचे रहता है।
तीसरा, लंबाई की भूमिका। लिटाई हुई टंकी में जल की मात्रा = काट का भरा हुआ क्षेत्रफल × टंकी की लंबाई। चूँकि लंबाई पूरी भर में स्थिर है, आयतन का जो अनुपात भरा है वही अनुपात काट के क्षेत्रफल का भी भरा होगा। यही कदम पूरे प्रश्न को द्विविम ज्यामिति में बदल देता है।
यदि टंकी आधे से कम या अधिक भरी होती, तो वृत्तखंड के क्षेत्रफल का सूत्र लगाना पड़ता — यह ऐसे प्रश्नों का कठिन रूप है।
क्षेत्रमिति के प्रश्नों में यह प्रारूप — पात्र को घुमाकर या लिटाकर पूछना — नियमित रूप से लौटता है, क्योंकि वह केवल सूत्र याद रखने से हल नहीं होता। सूत्र सब जानते हैं; परखा यह जाता है कि अभिविन्यास बदलने पर कौन-सी राशि स्थिर रहती है और कौन-सी बदल जाती है। यहाँ आयतन स्थिर है, ऊँचाई की परिभाषा बदल जाती है।
प्रश्न में दिए गए आँकड़े भी संगत रखे गए हैं, जो हल की जाँच का अवसर देते हैं : आयतन 36π, खड़ी अवस्था में ऊँचाई 4 मीटर, और यह सूचना कि टंकी आधी भरी है। इन तीनों से त्रिज्या 3 और ऊँचाई 8 निकलती है, और तीनों एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं।
छपाई की एक बात : आयतन ‘36π’ के रूप में छपा है — अंक के तुरन्त बाद यूनानी अक्षर पाई, बीच में कोई गुणा-चिह्न नहीं। हिन्दी स्तंभ में ‘4 मीटर होती है ।’ के बाद विधिवत् दण्ड है और अगला वाक्य ‘लेकिन जब …’ से आरम्भ होता है, जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ में उस स्थान पर पूर्णविराम छूट गया है।
मुख्य तथ्य
- बेलन का आयतन = πr²h; खड़ी टंकी में जल का आयतन 36π और ऊँचाई 4 मीटर होने से त्रिज्या 3 मीटर निकलती है।
- टंकी आधी भरी है, इसलिए उसकी पूरी क्षमता 72π घन मीटर और बेलन की ऊँचाई 8 मीटर है — यह दिए गए आँकड़ों की आपसी संगति भी दिखाता है।
- लिटाई हुई बेलनाकार टंकी में जल का आयतन = भरे हुए वृत्तखंड का क्षेत्रफल × बेलन की लंबाई।
- ठीक आधा भरा होने पर वृत्ताकार काट भी ठीक आधा भरा होगा, और वृत्त को आधा बाँटने वाली रेखा उसका व्यास है — इसलिए जलपृष्ठ अक्ष की ऊँचाई पर, यानी त्रिज्या के बराबर, रहता है।
- खड़ी टंकी में आधा आयतन का अर्थ आधी ऊँचाई होता है, क्योंकि हर स्तर पर काट का क्षेत्रफल एक जैसा रहता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- r² = 9 पर रुककर त्रिज्या 9 मान लेना; वर्गमूल लेना शेष रह जाता है।
- लिटाई हुई टंकी में जलपृष्ठ की ऊँचाई को व्यास मान लेना, जबकि आधी भरी टंकी में वह त्रिज्या के बराबर होती है।
- यह मान लेना कि लिटाने पर भी आधा आयतन आधी ऊँचाई देता है; यह केवल ठीक आधे भराव की सममिति के कारण सच है और वह ऊँचाई काट की आधी होती है।
क्षेत्रमिति के ऐसे प्रश्नों में सबसे पहले वह राशि पहचानिए जो अभिविन्यास बदलने पर भी नहीं बदलती — प्रायः आयतन। फिर पूछिए कि नई स्थिति में ‘ऊँचाई’ किस चीज़ की माप है। यहाँ खड़ी अवस्था में ऊँचाई जल-स्तंभ की थी और लिटाई हुई अवस्था में वह वृत्ताकार काट पर जल की गहराई बन जाती है। तीसरा सुझाव यह है कि π को रखे रहने दीजिए; ऐसे प्रश्नों में वह प्रायः दोनों ओर से कट जाता है और गणना बहुत हल्की हो जाती है। इस प्रश्नपत्र में संख्यात्मक प्रश्न पूरे पत्र में बिखरे हैं, और उनमें कई इसी तरह गणना से अधिक दृष्टि की माँग करते हैं।
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- (a) 120 m
- (b) 130 m
- (c) 140 m
- (d) 150 m
उत्तर(a) 120 m
इसी प्रश्नपत्र का आयताकार उद्यान की बाड़ वाला प्रश्न — क्षेत्रमिति के उसी खंड से, जहाँ दी गई शर्त को समीकरण में बदलना ही हल है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
किसी बेलनाकार टंकी की त्रिज्या 3 मीटर और ऊँचाई 8 मीटर है । उसकी पूरी क्षमता कितनी होगी ?
- (a)36π घन मीटर
- (b)48π घन मीटर
- (c)72π घन मीटर
- (d)144π घन मीटर
उत्तर(c) 72π घन मीटर
- practice — not a real PYQ
एक बेलनाकार टंकी अपने पार्श्व पर लिटाई गई है और ठीक आधी भरी है । उसकी त्रिज्या 5 मीटर है । भूमि से जलपृष्ठ की ऊँचाई क्या होगी ?
- (a)2·5 मीटर
- (b)5 मीटर
- (c)7·5 मीटर
- (d)10 मीटर
उत्तर(b) 5 मीटर