किसी तंत्र (ई-मेल) में स्पैम (SPAM) क्या होता है ?
- (a)अंधाधुंध वितरित किया गया कोई संदेश
- (b)एक खोज (सर्च) इंजन
- (c)उपयोगकर्ता की एक गतिविधि
- (d)प्रेषक द्वारा प्रारम्भ किया गया कोई समादेश (कमांड)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) अंधाधुंध वितरित किया गया कोई संदेश — स्पैम की परिभाषा में दो बातें केंद्रीय हैं : संदेश बड़ी संख्या में भेजा गया हो, और पाने वाले ने उसे माँगा न हो।
ई-मेल के संदर्भ में यही अनचाहे थोक संदेश हैं — विज्ञापन, झाँसे, या किसी लिंक पर ले जाने वाले संदेश — जो लाखों पतों पर एक साथ भेज दिए जाते हैं। इनकी अर्थव्यवस्था ही इस परिघटना का कारण है : एक और संदेश भेजने की अतिरिक्त लागत लगभग शून्य होती है, इसलिए यदि दस लाख में से कुछ ही लोग प्रतिक्रिया दें, तब भी भेजने वाले का काम चल जाता है। यही ‘अंधाधुंध’ शब्द का अर्थ है — प्राप्तकर्ता चुने नहीं जाते।
इसी से स्पैम की तीन पहचानें निकलती हैं। पहली, वह अनचाहा होता है; दूसरी, वह थोक में भेजा जाता है; तीसरी, प्राप्तकर्ता से भेजने वाले का कोई पूर्व सम्बन्ध नहीं होता। इन्हीं तीन कसौटियों पर स्पैम-रोधी छननी काम करती हैं : वे संदेश की भाषा, भेजने वाले के पते की प्रतिष्ठा और सर्वर के प्रमाणीकरण को देखकर संदेश को अलग डिब्बे में डाल देती हैं।
स्पैम को उसके निकट के पदों से अलग रखना भी आवश्यक है। फ़िशिंग वह संदेश है जो किसी विश्वसनीय संस्था के रूप में आकर पासवर्ड या बैंक-विवरण निकलवाने का प्रयास करता है; वह स्पैम के माध्यम से आ सकता है, पर उसका उद्देश्य धोखाधड़ी है। मालवेयर हानिकारक सॉफ़्टवेयर है, और उसे फैलाने के लिए भी स्पैम का उपयोग होता है।
शेष तीन विकल्प कंप्यूटर की दुनिया की वास्तविक चीज़ें बताते हैं, पर स्पैम उनमें से कोई नहीं है — इसी भेद पर प्रश्न टिका है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)एक खोज (सर्च) इंजन — खोज इंजन एक अलग ही चीज़ है : वह ऐसा तंत्र है जो जालक्रम पर उपलब्ध पृष्ठों को स्वचालित क्रॉलर से पढ़ता है, उनका अनुक्रमणिका-कोश बनाता है, और उपयोगकर्ता के प्रश्न पर उन पृष्ठों को प्रासंगिकता के क्रम में लौटाता है। इसका स्पैम से नाता उलटा है — खोज इंजनों को स्वयं ‘खोज-स्पैम’ से जूझना पड़ता है, यानी उन पृष्ठों से जो कृत्रिम उपायों से ऊपर आने का प्रयास करते हैं। पर परिभाषा के स्तर पर स्पैम संदेश है, तंत्र नहीं।
- (c)उपयोगकर्ता की एक गतिविधि — स्पैम उपयोगकर्ता की गतिविधि नहीं, उस तक पहुँचने वाली सामग्री है, और उसकी परिभाषा में ही यह निहित है कि उपयोगकर्ता ने उसे माँगा नहीं। यदि कोई व्यक्ति स्वयं किसी सूची में नाम लिखाकर संदेश मँगवाता है तो वह स्पैम नहीं रह जाता, चाहे वह विज्ञापन ही क्यों न हो — सहमति ही वह रेखा है जो दोनों को बाँटती है। यह विकल्प उस पाठक के लिए है जो स्पैम को ‘इनबॉक्स में गड़बड़ी’ जैसी किसी क्रिया से जोड़ लेता है।
- (d)प्रेषक द्वारा प्रारम्भ किया गया कोई समादेश (कमांड) — प्रेषक द्वारा दिया गया समादेश तकनीकी दृष्टि से अलग वस्तु है : ई-मेल भेजते समय भेजने वाला सर्वर प्रोटोकॉल के निश्चित समादेशों का प्रयोग करता है, जिनसे संदेश का मार्ग तय होता है। ये समादेश हर ई-मेल में चलते हैं, चाहे वह स्पैम हो या न हो, इसलिए वे स्पैम की पहचान नहीं बन सकते। स्पैम की पहचान संदेश की प्रकृति से बनती है — अनचाहा और थोक में भेजा गया — न कि उस प्रक्रिया से जिससे कोई भी संदेश भेजा जाता है।
अवधारणा
स्पैम इंटरनेट के आरम्भिक वर्षों से चली आ रही समस्या है और उसका मूल कारण आर्थिक है : संदेश भेजने की सीमांत लागत लगभग शून्य है। इसी कारण भेजने वाले को केवल बहुत थोड़ी प्रतिक्रिया-दर से भी लाभ हो जाता है, जबकि लागत पूरे तंत्र और प्राप्तकर्ताओं पर पड़ती है।
तकनीकी रूप से बड़ी मात्रा में स्पैम संक्रमित कंप्यूटरों के जाल से भेजा जाता है, जिन्हें उनके स्वामियों की जानकारी के बिना नियंत्रित किया जाता है। इसीलिए स्पैम-रोधी उपाय केवल संदेश देखने तक सीमित नहीं रहते, वे भेजने वाले सर्वर की पहचान भी जाँचते हैं। प्रेषक-प्रमाणीकरण की व्यवस्थाएँ ठीक यही काम करती हैं — वे बताती हैं कि किसी क्षेत्र-नाम की ओर से संदेश भेजने का अधिकार किन सर्वरों को है।
छननी के दो बड़े प्रकार हैं। एक, सामग्री-आधारित छननी, जो शब्दों और उनके सांख्यिकीय प्रारूप से संदेह करती है। दूसरा, प्रतिष्ठा-आधारित छननी, जो भेजने वाले पते या सर्वर के पिछले व्यवहार को देखती है। आधुनिक तंत्र दोनों को मिलाकर चलते हैं।
नाम की उत्पत्ति भी दिलचस्प है : यह डिब्बाबंद माँस के एक ब्रांड के नाम से आया, जो एक प्रसिद्ध हास्य-प्रसंग में बार-बार दोहराया जाता है — और यही ‘बार-बार, हर जगह’ वाला भाव इस शब्द के साथ चिपक गया।
कंप्यूटर और जालक्रम से जुड़े प्रश्न इस प्रश्नपत्र में लगभग ग्यारह हैं, और उनमें बड़ा हिस्सा ऐसे ही परिभाषा-प्रश्नों का है, जहाँ चारों विकल्प वास्तविक तकनीकी वस्तुएँ होते हैं। ऐसे प्रश्नों में तैयारी का सबसे उपयोगी रूप यह है कि हर पद के साथ एक पंक्ति का उत्तर याद रखा जाए — यह क्या है, और किससे अलग है।
स्पैम के आसपास के पद विशेष रूप से आपस में गड्डमड्ड होते हैं : फ़िशिंग, मालवेयर, वाइरस, ट्रोजन, बॉटनेट, और अनचाहे विज्ञापन दिखाने वाला सॉफ़्टवेयर। इनमें से कुछ माध्यम हैं और कुछ उद्देश्य; स्पैम माध्यम की श्रेणी में आता है।
हिन्दी स्तंभ में इस प्रश्न के स्टेम में दो कोष्ठक हैं — तंत्र (ई-मेल) और स्पैम (SPAM) — यानी अंग्रेज़ी संक्षेप देवनागरी लिप्यन्तरण के बाद रोमन में दोहराया गया है; अंग्रेज़ी स्तंभ में केवल एक कोष्ठक है।
मुख्य तथ्य
- स्पैम का अर्थ है अनचाहा, थोक में और अंधाधुंध भेजा गया संदेश, जिसमें प्राप्तकर्ता चुने नहीं जाते।
- इसका आर्थिक आधार यह है कि एक और संदेश भेजने की अतिरिक्त लागत लगभग शून्य होती है, इसलिए बहुत कम प्रतिक्रिया-दर पर भी भेजने वाले का काम चल जाता है।
- फ़िशिंग स्पैम से भिन्न है : वह किसी विश्वसनीय संस्था के रूप में आकर पासवर्ड या बैंक-विवरण निकलवाने का प्रयास करता है।
- बड़ी मात्रा में स्पैम संक्रमित कंप्यूटरों के जाल से भेजा जाता है, जिन्हें उनके स्वामियों की जानकारी के बिना नियंत्रित किया जाता है।
- स्पैम-रोधी उपाय दो प्रकार के हैं — सामग्री-आधारित छननी और भेजने वाले की प्रतिष्ठा तथा प्रमाणीकरण की जाँच।
- सहमति ही वह रेखा है जो सामान्य विज्ञापन-संदेश को स्पैम से अलग करती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- स्पैम और फ़िशिंग को एक मान लेना — पहला संदेश भेजने का ढंग है, दूसरा धोखाधड़ी का उद्देश्य।
- स्पैम को उपयोगकर्ता की कोई क्रिया समझ लेना, जबकि वह उस तक पहुँचने वाली अनचाही सामग्री है।
- सहमति से मँगवाए गए विज्ञापन-संदेशों को भी स्पैम कह देना; सहमति ही दोनों को बाँटने वाली रेखा है।
कंप्यूटर की शब्दावली वाले प्रश्नों में विकल्प प्रायः इसी तरह बनाए जाते हैं कि तीनों ग़लत विकल्प भी वास्तविक चीज़ों के नाम हों। इसलिए ‘यह क्या नहीं है’ की बजाय ‘यह ठीक-ठीक क्या है’ की परिभाषा याद रखनी चाहिए, और वह परिभाषा एक वाक्य में सिमटनी चाहिए। स्पैम के लिए वह वाक्य है — अनचाहा, थोक में भेजा गया संदेश। इसी पत्र में क्लाउड कंप्यूटिंग, प्लग-एन-प्ले और जालक्रमों के प्रकार जैसे प्रश्न भी हैं, और उन सबमें यही तरीक़ा काम आता है : पहले एक-पंक्ति परिभाषा, फिर विकल्पों की जाँच।
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उत्तर(c) Local, Wide and Metropolitan
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अभ्यास
- practice — not a real PYQ
किसी विश्वसनीय संस्था के नाम से आकर पासवर्ड या बैंक-विवरण निकलवाने के प्रयास को क्या कहते हैं ?
- (a)स्पैम
- (b)फ़िशिंग
- (c)क्रॉलिंग
- (d)कैशिंग
उत्तर(b) फ़िशिंग
- practice — not a real PYQ
स्पैम की परिभाषा में निम्नलिखित में से कौन-सी बात केंद्रीय है ?
- (a)संदेश में चित्र होना
- (b)संदेश का अनचाहा और थोक में भेजा जाना
- (c)संदेश का विदेशी पते से आना
- (d)संदेश में लिंक होना
उत्तर(b) संदेश का अनचाहा और थोक में भेजा जाना