पीड़कों के प्रतिरोध के अलावा, ऐसी कौन-सी अन्य संभावनाएँ हैं जिनके लिए पौधों को आनुवंशिकतः इंजीनियर किया गया है ? 1. उन्हें जलाभावसह बनाना 2. उपज के पोषक मूल्य को बढ़ाना 3. उन्हें अंतरिक्षयानों तथा अंतरिक्ष स्टेशनों में उगने तथा प्रकाश-संश्लेषण करने के योग्य बनाना 4. उनकी निधानी आयु (शेल्फ लाइफ) को बढ़ाना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1, 2 और 3
- (b)केवल 3 और 4
- (c)केवल 1, 2 और 4
- (d)1, 2, 3 और 4
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) केवल 1, 2 और 4 — कथन 1, 2 और 4 आनुवंशिक अभियांत्रिकी के वास्तविक लक्ष्य हैं, जबकि कथन 3 नहीं। स्टेम स्वयं पीड़क-प्रतिरोध को अलग कर देता है, क्योंकि वह इस तकनीक का सबसे प्रसिद्ध उपयोग है — जीवाणु से लिए गए जीन डालकर पौधे को कीटों से बचाना, जैसा Bt कपास में होता है — और पूछा यह गया है कि उसके अतिरिक्त और कौन-सी संभावनाएँ हैं। कथन 1 सही है : जलाभाव सहने की क्षमता, अर्थात् सूखे में भी टिकने वाली क़िस्में विकसित करना इस तकनीक का घोषित लक्ष्य रहा है, और इस दिशा में मक्का जैसी फ़सलों में काम हुआ है। कथन 2 भी सही है : उपज का पोषक मूल्य बढ़ाना एक प्रमुख लक्ष्य है, जिसका सबसे चर्चित उदाहरण वह चावल है जिसमें प्रोविटामिन ए बनाने वाला मार्ग डाला गया, ताकि विटामिन ए की कमी दूर हो। कथन 4 भी सही है : निधानी आयु बढ़ाना इस तकनीक का सबसे पहला व्यावसायिक उपयोग ही था — पकने की प्रक्रिया धीमी करके टमाटर की एक क़िस्म बनाई गई थी, जो पहली व्यावसायिक रूप से स्वीकृत जीएम खाद्य फ़सल मानी जाती है। कथन 3 इस सूची से बाहर है : अंतरिक्षयानों तथा अंतरिक्ष स्टेशनों में उगने और प्रकाश-संश्लेषण करने के योग्य बनाना पौधों की आनुवंशिक अभियांत्रिकी का घोषित लक्ष्य नहीं है। अंतरिक्ष में पौधे उगाने के प्रयोग अवश्य हुए हैं, पर वे मुख्यतः वातावरण, प्रकाश, जल और गुरुत्व से जुड़े प्रयोग हैं, न कि इस उद्देश्य से किया गया जीन-अंतरण। इसलिए सही कथन 1, 2 और 4 हैं और उत्तर (c) है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1, 2 और 3 — यह विकल्प निधानी आयु वाले सही कथन को छोड़कर अंतरिक्ष वाले असत्य कथन को उठा लेता है, अर्थात् दोनों दिशाओं में चूकता है। निधानी आयु बढ़ाना इस तकनीक का सबसे पुराना व्यावसायिक उपयोग है : पकने और नरम पड़ने की प्रक्रिया को धीमा करने वाली टमाटर की क़िस्म पहली स्वीकृत जीएम खाद्य फ़सल थी, और इसके पीछे का तर्क आर्थिक भी है तथा सामाजिक भी — फल-सब्ज़ी की बड़ी मात्रा परिवहन और भंडारण में ही नष्ट हो जाती है, इसलिए निधानी आयु बढ़ाना अपव्यय घटाने का सीधा उपाय है। दूसरी ओर अंतरिक्ष में उगने के लिए पौधों को आनुवंशिकतः तैयार करना इस तकनीक के मानक लक्ष्यों में नहीं गिना जाता। यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए है जिसे भोजन के अपव्यय से जुड़ा उपयोग याद नहीं आता और जो अंतरिक्ष-अनुसंधान की चर्चा से प्रभावित हो जाता है।
- (b)केवल 3 और 4 — यह विकल्प दो सबसे बुनियादी लक्ष्यों — जलाभाव सहने की क्षमता और पोषक मूल्य में वृद्धि — को छोड़ देता है और उनके स्थान पर अंतरिक्ष वाला कथन उठा लेता है, इसलिए यह इस समुच्चय का सबसे कमज़ोर विकल्प है। सूखा-सहिष्णुता कृषि-जैवप्रौद्योगिकी का प्रमुख लक्ष्य है, क्योंकि वर्षा-आधारित क्षेत्रों में जल की अनिश्चितता ही सबसे बड़ी बाधा है; और पोषक मूल्य बढ़ाना, अर्थात् जैव-प्रबलन, कुपोषण से लड़ने की एक बड़ी दिशा है, जिसका सबसे चर्चित उदाहरण प्रोविटामिन ए वाला चावल है। ये दोनों लक्ष्य पाठ्यपुस्तकों में इस तकनीक के उपयोगों की सूची में लगभग सदैव आते हैं। इसलिए इन्हें छोड़कर केवल दो कथनों वाला विकल्प चुनना विषय की मूल सूची को ही छोड़ देना है। कथन-सूची वाले प्रश्नों में सबसे छोटा विकल्प तभी चुनिए जब उसके पक्ष में स्पष्ट कारण हो।
- (d)1, 2, 3 और 4 — यह विकल्प तीनों सही कथनों के साथ अंतरिक्ष वाले कथन को भी जोड़ लेता है, और यही इसकी एकमात्र भूल है — पर वह निर्णायक है। कथन-सूची वाले प्रश्नों में 'सभी सही' चुनने की प्रवृत्ति तब बढ़ जाती है जब तीन कथन स्पष्ट रूप से सही दिखते हों, क्योंकि तब चौथे को अलग से परखने का धैर्य नहीं रहता। यहाँ चौथा कथन ठीक इसी प्रवृत्ति के लिए रखा गया है : वह विज्ञान की भाषा में लिखा है, उसमें प्रकाश-संश्लेषण जैसा परिचित शब्द है, और अंतरिक्ष-अनुसंधान की चर्चा उसे विश्वसनीय बना देती है। पर विश्वसनीय लगना और उस तकनीक का घोषित लक्ष्य होना दो अलग बातें हैं। ऐसे प्रश्नों में उपयोगी कसौटी यह है कि क्या वह उपयोग व्यावसायिक या अनुसंधान की मानक सूची में गिनाया जाता है — पीड़क-प्रतिरोध, शाकनाशी-सहिष्णुता, सूखा तथा लवणता की सहिष्णुता, पोषक मूल्य और निधानी आयु — और अंतरिक्ष वाला उपयोग उस सूची में नहीं है।
अवधारणा
आनुवंशिक अभियांत्रिकी में किसी जीव के डीएनए में वांछित जीन डालकर या उसमें परिवर्तन करके नया गुण लाया जाता है, और फ़सलों में इसके लक्ष्यों की एक लगभग मानक सूची है। पहला और सबसे प्रसिद्ध लक्ष्य पीड़क-प्रतिरोध है, जिसमें मिट्टी के एक जीवाणु से लिए गए जीन पौधे में डाले जाते हैं और पौधा स्वयं ऐसा प्रोटीन बनाता है जो कुछ कीटों के लिए घातक होता है; भारत में इसी तकनीक से बनी कपास व्यावसायिक खेती के लिए स्वीकृत हुई। दूसरा लक्ष्य शाकनाशी-सहिष्णुता है। तीसरा अजैविक दबावों को सहने की क्षमता है — सूखा, लवणता, अधिक या कम तापमान। चौथा पोषक मूल्य में वृद्धि, अर्थात् जैव-प्रबलन, जिसका सबसे चर्चित उदाहरण प्रोविटामिन ए वाला चावल है। पाँचवाँ निधानी आयु बढ़ाना, जिसका पहला व्यावसायिक उदाहरण देर से पकने वाली टमाटर की क़िस्म थी। भारत में इस क्षेत्र का नियमन पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अधीन बने नियमों से होता है और उसके लिए एक अनुमोदन समिति है; Bt बैंगन के व्यावसायिक विमोचन पर 2010 में रोक लगाई गई थी, जो यह दिखाता है कि स्वीकृति की प्रक्रिया में जैव-सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रभाव और सार्वजनिक बहस तीनों की भूमिका रहती है।
यह चार कथनों वाला प्रश्न है और इसकी बनावट में एक विशेष सावधानी है : स्टेम स्वयं एक उपयोग को — पीड़क-प्रतिरोध को — पहले ही हटा देता है और शेष संभावनाएँ पूछता है। इसका अर्थ यह हुआ कि यदि कोई कथन पीड़क-प्रतिरोध की बात करता, तो वह सही होते हुए भी उत्तर से बाहर रहता; यहाँ ऐसा कोई कथन नहीं है, पर यह बनावट याद रखने योग्य है, क्योंकि परीक्षा प्रायः 'इसके अतिरिक्त' वाला वाक्यांश लगाकर सबसे परिचित उत्तर को ही अवैध बना देती है। शेष निर्णय एक ही कथन पर टिकता है — अंतरिक्ष वाला — और तीनों ग़लत विकल्प उसी को उठाते हैं या किसी सही कथन को गिराते हैं। हिन्दी स्तंभ की कुछ बातें दर्ज करने योग्य हैं : 'आनुवंशिकतः' मुद्रित रूप में विसर्ग के साथ छपा है; कथन 1 में drought-resistant के लिए एक ही समस्त शब्द 'जलाभावसह' प्रयुक्त हुआ है; और कथन 4 में अंग्रेज़ी पद का देवनागरी लिप्यन्तरण कोष्ठक में जोड़ा गया है — निधानी आयु (शेल्फ लाइफ) — जो अंग्रेज़ी स्तंभ में नहीं है। किसी कथन के अंत में दण्ड नहीं छपा है।
मुख्य तथ्य
- फ़सलों की आनुवंशिक अभियांत्रिकी के मानक लक्ष्य हैं — पीड़क-प्रतिरोध, शाकनाशी-सहिष्णुता, सूखा तथा लवणता जैसे अजैविक दबावों की सहिष्णुता, पोषक मूल्य में वृद्धि, और निधानी आयु बढ़ाना।
- पीड़क-प्रतिरोध का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण वह कपास है जिसमें मिट्टी के एक जीवाणु से लिए गए जीन डाले जाते हैं; भारत में यही जीएम फ़सल व्यावसायिक खेती के लिए स्वीकृत हुई।
- पोषक मूल्य बढ़ाने का सबसे चर्चित उदाहरण वह चावल है जिसमें प्रोविटामिन ए बनाने वाला मार्ग डाला गया, ताकि विटामिन ए की कमी दूर की जा सके।
- निधानी आयु बढ़ाने वाली, देर से पकने वाली टमाटर की क़िस्म इस तकनीक की पहली व्यावसायिक रूप से स्वीकृत खाद्य फ़सल मानी जाती है।
- भारत में इस क्षेत्र का नियमन पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अधीन बने नियमों तथा एक अनुमोदन समिति के माध्यम से होता है; Bt बैंगन के व्यावसायिक विमोचन पर 2010 में रोक लगाई गई थी।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'इसके अतिरिक्त' वाले वाक्यांश की उपेक्षा करना, जो सबसे परिचित उत्तर को पहले ही हटा देता है।
- वैज्ञानिक भाषा में लिखे कथन को केवल इसलिए सही मान लेना कि उसमें परिचित पारिभाषिक शब्द हैं।
- 'सभी सही' वाला विकल्प चुन लेना, जब तीन कथन स्पष्ट रूप से सही दिखें और चौथे को परखने का धैर्य न रहे।
- निधानी आयु वाले उपयोग को भूल जाना, जबकि वह इस तकनीक का पहला व्यावसायिक उपयोग ही था।
सामान्य विज्ञान के इस भाग से प्रश्न तीन रूपों में आते हैं। पहला, उपयोगों की सूची वाला कथन-प्रश्न, जैसा यह है : किसी तकनीक के संभावित उपयोग गिनाकर पूछना कि कौन-से सही हैं; यहाँ चारा प्रायः वह कथन होता है जो विज्ञान की भाषा में लिखा हो पर उस तकनीक के मानक लक्ष्यों में न हो। दूसरा, उदाहरण से पहचान — कोई प्रसिद्ध जीएम फ़सल का नाम देकर उसका गुण पूछना, अथवा गुण देकर फ़सल। तीसरा, नियमन और नीति से जुड़ा प्रश्न — कौन-सी संस्था स्वीकृति देती है, किस फ़सल पर रोक लगी। तीनों के लिए एक ही तैयारी पर्याप्त है : इस तकनीक के पाँच मानक लक्ष्यों की सूची, हर लक्ष्य के साथ एक प्रसिद्ध उदाहरण, और नियमन की एक-पंक्ति व्यवस्था। इस प्रश्न में केवल पहली सूची से काम चल जाता है, क्योंकि तीनों सही कथन उसी सूची से आते हैं और चौथा उससे बाहर है।
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- (a) 1 and 2 only
- (b) 1 and 3 only
- (c) 2 and 3 only
- (d) 1, 2 and 3
उत्तर(d) 1, 2 and 3
इसी प्रश्नपत्र का नैनो-तकनीक वाला कथन-प्रश्न — नई तकनीकों के उपयोग गिनाने वाली वही बनावट, जिसमें एक कथन विज्ञान की भाषा में होते हुए भी सूची से बाहर होता है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
जीएम फ़सलों के संदर्भ में, किसी फ़सल में मिट्टी के जीवाणु से लिया गया जीन डालकर मुख्यतः कौन-सा गुण लाया जाता है ?
- (a)पीड़क-प्रतिरोध
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उत्तर(a) पीड़क-प्रतिरोध — इसी तकनीक से पौधा स्वयं ऐसा प्रोटीन बनाता है जो कुछ कीटों के लिए घातक होता है, और भारत में इसी प्रकार की कपास व्यावसायिक खेती के लिए स्वीकृत हुई। शेष तीनों गुण इस जीन-अंतरण के लक्ष्य नहीं हैं।
- practice — not a real PYQ
उपज का पोषक मूल्य बढ़ाने के लिए की गई आनुवंशिक अभियांत्रिकी का सबसे चर्चित उदाहरण निम्नलिखित में से कौन-सा है ?
- (a)प्रोविटामिन ए वाला चावल
- (b)देर से पकने वाला टमाटर
- (c)शाकनाशी-सहिष्णु सोयाबीन
- (d)पीड़क-प्रतिरोधी कपास
उत्तर(a) प्रोविटामिन ए वाला चावल — इसमें विटामिन ए के अग्रगामी बनाने वाला मार्ग डाला गया, ताकि विटामिन ए की कमी दूर की जा सके। देर से पकने वाला टमाटर निधानी आयु का उदाहरण है, और शेष दो क्रमशः शाकनाशी-सहिष्णुता तथा पीड़क-प्रतिरोध के।