निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 किस आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे के लिए शिक्षा का उपबंध करता है ?
- (a)5 – 13 वर्ष
- (b)8 – 16 वर्ष
- (c)7 – 15 वर्ष
- (d)6 – 14 वर्ष
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) 6 – 14 वर्ष — निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 इसी आयु-वर्ग के प्रत्येक बच्चे के लिए शिक्षा का उपबंध करता है, और यह आयु-सीमा स्वयं संविधान से आती है। संविधान के 86वें संशोधन ने अनुच्छेद 21क जोड़ा, जिसमें कहा गया है कि राज्य छह से चौदह वर्ष की आयु के सभी बालकों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध कराएगा; उसी संशोधन ने अनुच्छेद 45 को बदलकर उसे छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल और शिक्षा से जोड़ा, तथा माता-पिता या संरक्षक के लिए छह से चौदह वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देने का मूल कर्तव्य भी जोड़ा। 2009 का अधिनियम उसी अनुच्छेद को व्यवहार में उतारने वाली विधि है और वह 1 अप्रैल 2010 से प्रवृत्त हुआ। इसलिए आयु-वर्ग तीनों जगह एक ही है — संविधान के अनुच्छेद में, मूल कर्तव्य में और अधिनियम में — और यही इस उत्तर को याद रखने का सबसे सुरक्षित सूत्र भी है। इस आयु-सीमा का शैक्षिक अर्थ भी समझ लेना चाहिए : छह से चौदह वर्ष की अवधि सामान्यतः कक्षा एक से आठ तक की प्रारंभिक शिक्षा की अवधि है, इसलिए अधिनियम का दायरा प्रारंभिक शिक्षा तक है, माध्यमिक शिक्षा तक नहीं। अधिनियम के अन्य प्रमुख उपबंध भी इसी ढाँचे के अनुरूप हैं : प्रवेश के समय छँटनी और कैपिटेशन शुल्क का प्रतिषेध, ग़ैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों में वंचित वर्गों के बच्चों के लिए कुछ स्थानों का आरक्षण, विद्यालयों के लिए न्यूनतम मानक, और विद्यालय प्रबंधन समितियों की व्यवस्था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)5 – 13 वर्ष — यह आयु-सीमा पूरी की पूरी एक वर्ष खिसकी हुई है और किसी भी उपबंध से मेल नहीं खाती। इसका आकर्षण संभवतः इस धारणा से आता है कि विद्यालय में प्रवेश पाँच वर्ष की आयु से होता है, जो अनेक राज्यों की व्यवहार-रीति में दिखता भी है — पर अधिनियम और अनुच्छेद 21क दोनों में आरंभ-आयु छह वर्ष है, और उससे कम आयु के बच्चों के लिए संविधान में अलग उपबंध है, जो प्रारंभिक बाल्यावस्था की देखभाल तथा शिक्षा की बात करता है। इसलिए पाँच वर्ष से आरंभ होने वाली कोई भी सीमा इस अधिनियम की नहीं हो सकती। ऐसे संख्यात्मक प्रश्नों में यह जाँच बहुत काम आती है कि दिया गया आँकड़ा किसी दूसरे उपबंध का तो नहीं है — क्योंकि परीक्षक प्रायः पड़ोसी योजना या पड़ोसी अनुच्छेद की संख्या उठाकर चारा बनाता है।
- (b)8 – 16 वर्ष — यह सीमा दोनों सिरों पर दो वर्ष आगे खिसकी हुई है और अधिनियम के प्रयोजन से भी मेल नहीं खाती। सोलह वर्ष की आयु सामान्यतः माध्यमिक शिक्षा के अंत के आसपास पड़ती है, जबकि यह अधिनियम प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित है, अर्थात् कक्षा एक से आठ तक। इसी प्रकार आठ वर्ष की आयु से आरंभ करने का अर्थ यह होगा कि प्रारंभिक कक्षाओं के बच्चे इस अधिकार से बाहर रह जाएँ, जो अधिनियम की पूरी योजना के विरुद्ध है। यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए है जो केवल यह याद रखता है कि सीमा आठ वर्ष की चौड़ाई की है और सिरों को अनुमान से रख देता है। सुरक्षित विधि यह है कि आयु-सीमा को संविधान के अनुच्छेद से जोड़कर याद रखा जाए, क्योंकि वहाँ वह शब्दों में लिखी है और अधिनियम उसी को दोहराता है।
- (c)7 – 15 वर्ष — यह सही उत्तर से केवल एक वर्ष खिसकी हुई सीमा है और इसीलिए सबसे भ्रामक है : चौड़ाई वही आठ वर्ष की है, केवल आरंभ और अंत एक-एक वर्ष आगे हैं। ऐसे विकल्प इसी उद्देश्य से बनाए जाते हैं कि जिस अभ्यर्थी को सीमा लगभग याद है वह दो निकट विकल्पों के बीच झूल जाए। यहाँ निर्णय का सहारा संविधान का पाठ है, जिसमें छह से चौदह वर्ष शब्दों में लिखा है; इसके अतिरिक्त एक और स्मरण-कड़ी यह है कि छह वर्ष से नीचे के बच्चों के लिए संविधान में अलग उपबंध है, इसलिए छह वर्ष ही वह विभाजक आयु है जहाँ से यह अधिकार आरंभ होता है। सात वर्ष से आरंभ करने पर यह विभाजन टूट जाएगा और दोनों उपबंधों के बीच एक वर्ष का अंतराल छूट जाएगा, जो विधायी दृष्टि से असंगत है।
अवधारणा
शिक्षा के अधिकार का ढाँचा तीन कड़ियों का है और तीनों में आयु-सीमा एक ही है। पहली कड़ी संविधान का 86वाँ संशोधन है, जिसने अनुच्छेद 21क जोड़कर छह से चौदह वर्ष की आयु के बालकों के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया, अनुच्छेद 45 को बदलकर उसे छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल तथा शिक्षा से जोड़ा, और माता-पिता या संरक्षक के लिए इसी आयु-वर्ग के बच्चे को शिक्षा का अवसर देने का मूल कर्तव्य जोड़ा। दूसरी कड़ी 2009 का अधिनियम है, जो इस अधिकार को व्यवहार में उतारता है और 1 अप्रैल 2010 से प्रवृत्त हुआ; इसके प्रमुख उपबंधों में प्रवेश के समय छँटनी तथा कैपिटेशन शुल्क का प्रतिषेध, ग़ैर-सहायता प्राप्त निजी विद्यालयों में वंचित वर्गों के बच्चों के लिए कुछ स्थानों का आरक्षण, विद्यालयों के लिए न्यूनतम मानक, अध्यापकों की अर्हता, और विद्यालय प्रबंधन समितियाँ आती हैं। तीसरी कड़ी न्यायिक है : शिक्षा के अधिकार को अनुच्छेद 21 के अंतर्गत पहले भी पढ़ा जा चुका था, और संशोधन ने उसे स्पष्ट रूप से अलग अनुच्छेद का दर्जा दिया। यह भी ध्यान रखिए कि यह अधिकार प्रारंभिक शिक्षा तक है, अर्थात् सामान्यतः कक्षा एक से आठ तक।
यह सांविधिक तथ्य का प्रश्न है और उसका उत्तर एक संख्या-युग्म है, इसलिए चारों विकल्प एक ही चौड़ाई की मिलती-जुलती सीमाएँ हैं। ऐसे प्रश्न में अनुमान लगभग निष्फल रहता है, क्योंकि सभी विकल्प विश्वसनीय दिखते हैं; निर्णय केवल स्मृति से होता है, और स्मृति को सुरक्षित करने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि संख्या को किसी दूसरी कड़ी से बाँध दिया जाए। यहाँ वह कड़ी संविधान का अनुच्छेद है, जिसमें आयु-सीमा शब्दों में लिखी है, और उसी के साथ छह वर्ष से नीचे के बच्चों वाला उपबंध भी जुड़ा है — इसलिए छह वर्ष विभाजक आयु के रूप में याद रह जाती है। इस प्रश्नपत्र में इस प्रकार के आयु-आधारित प्रश्न एक से अधिक बार आते हैं, क्योंकि सामाजिक सुरक्षा और कल्याण की योजनाओं में पात्रता प्रायः आयु से तय होती है। हिन्दी स्तंभ में चारों आयु-सीमाएँ रिक्ति-सहित en dash से छपी हैं, हाइफन से नहीं, और अधिनियम का नाम हिन्दी में अनूदित है; 'निशुल्क' इसी वर्तनी में छपा है।
मुख्य तथ्य
- निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 छह से चौदह वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे के लिए शिक्षा का उपबंध करता है और 1 अप्रैल 2010 से प्रवृत्त हुआ।
- संविधान के 86वें संशोधन ने अनुच्छेद 21क जोड़ा, जिसमें छह से चौदह वर्ष की आयु के बालकों के लिए निशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया गया।
- उसी संशोधन ने अनुच्छेद 45 को बदलकर उसे छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल तथा शिक्षा से जोड़ा, और माता-पिता के लिए इसी आयु-वर्ग के बच्चे को शिक्षा का अवसर देने का मूल कर्तव्य जोड़ा।
- यह अधिकार प्रारंभिक शिक्षा तक है, अर्थात् सामान्यतः कक्षा एक से आठ तक, माध्यमिक शिक्षा तक नहीं।
- अधिनियम के प्रमुख उपबंधों में प्रवेश के समय छँटनी तथा कैपिटेशन शुल्क का प्रतिषेध, निजी ग़ैर-सहायता प्राप्त विद्यालयों में वंचित वर्गों के लिए कुछ स्थानों का आरक्षण, विद्यालयों के न्यूनतम मानक और विद्यालय प्रबंधन समितियाँ सम्मिलित हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- आयु-सीमा को व्यवहार में प्रचलित विद्यालय-प्रवेश की आयु से मिला देना; अधिनियम की आरंभ-आयु छह वर्ष है।
- सीमा की चौड़ाई याद रखकर सिरे अनुमान से रख देना, जिससे 7 – 15 जैसे एक वर्ष खिसके विकल्प चुन लिए जाते हैं।
- अधिनियम का दायरा माध्यमिक शिक्षा तक मान लेना, जबकि वह प्रारंभिक शिक्षा तक सीमित है।
- अनुच्छेद 21क और अनुच्छेद 45 के उपबंधों को आपस में बदल देना; दूसरा छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए है।
कल्याणकारी विधियों और योजनाओं से जुड़े प्रश्न इस परिवार की परीक्षाओं में तीन रूपों में आते हैं। पहला, पात्रता का प्रश्न, जैसा यह है — आयु-वर्ग, आय-सीमा या श्रेणी; इसमें विकल्प मिलती-जुलती संख्याएँ होती हैं और अनुमान काम नहीं आता। दूसरा, उपबंध का प्रश्न — किस अधिनियम में क्या व्यवस्था है, कौन-सी धारा किस विषय पर है, कौन-सा निकाय उसका पालन कराता है। तीसरा, संवैधानिक आधार का प्रश्न — कौन-सा अनुच्छेद या संशोधन उस अधिकार का स्रोत है। तीनों को जोड़कर पढ़ना सबसे लाभदायक है, क्योंकि इससे संख्याएँ अलग-अलग रटने के बजाय एक कड़ी में बँध जाती हैं : संशोधन, अनुच्छेद, अधिनियम और उसकी प्रमुख व्यवस्थाएँ। इस प्रश्न में यही कड़ी उत्तर तक पहुँचाती है, क्योंकि आयु-सीमा संविधान के पाठ में शब्दों में लिखी है और अधिनियम उसी को दोहराता है।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2023_Q106The beneficiaries under the Integrated Child Development Services (ICDS) Scheme are children in the age group of :
- (a) 0 - 6 years
- (b) 0 - 3 years
- (c) 3 - 6 years
- (d) 6 - 15 years
उत्तर(a) 0 - 6 years
इसी परिवार का प्रश्न, जो एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के लाभार्थियों का आयु-वर्ग पूछता है — पात्रता-आयु वाले प्रश्नों की वही श्रेणी, जिसमें विकल्प मिलती-जुलती संख्याएँ होती हैं।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
संविधान के किस अनुच्छेद में छह से चौदह वर्ष की आयु के बालकों के लिए निशुल्क तथा अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया गया है ?
- (a)अनुच्छेद 19
- (b)अनुच्छेद 21क
- (c)अनुच्छेद 29
- (d)अनुच्छेद 45
उत्तर(b) अनुच्छेद 21क — यह 86वें संशोधन से जोड़ा गया था और इसी को व्यवहार में उतारने के लिए 2009 का अधिनियम बना। अनुच्छेद 45 अब छह वर्ष से कम आयु के बच्चों की प्रारंभिक देखभाल तथा शिक्षा से संबंधित है, इसलिए दोनों प्रायः आपस में बदलकर पूछे जाते हैं।
- practice — not a real PYQ
निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 किस स्तर की शिक्षा तक लागू होता है ?
- (a)केवल पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तक
- (b)प्रारंभिक शिक्षा तक, अर्थात् सामान्यतः कक्षा एक से आठ तक
- (c)माध्यमिक शिक्षा तक, अर्थात् कक्षा दस तक
- (d)उच्चतर माध्यमिक शिक्षा तक, अर्थात् कक्षा बारह तक
उत्तर(b) प्रारंभिक शिक्षा तक, अर्थात् सामान्यतः कक्षा एक से आठ तक — यही छह से चौदह वर्ष की आयु-सीमा के अनुरूप है। इसी कारण माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक स्तर इस अधिनियम के दायरे से बाहर हैं।