किसी मध्यम-आकार के उपनगर में, वार्षिक आप्रवासन की प्रवृत्ति प्रारंभिक जनसंख्या में 20% और जुड़ जाने की है; साथ ही अनुमान है कि प्रारंभिक जनसंख्या में से 15% प्रति वर्ष स्थान बदल कर कहीं और चले जाते हैं । यदि वर्तमान जनसंख्या 80000 है, तो अब से तीन वर्ष पश्चात् संभावित जनसंख्या क्या होगी ?
- (a)90000
- (b)91200
- (c)92000
- (d)92610
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) 92610 — यह चक्रवृद्धि वृद्धि का प्रश्न है, साधारण वृद्धि का नहीं, और पूरा निर्णय इसी एक बात पर टिका है। प्रश्न कहता है कि प्रत्येक वर्ष आप्रवासन से जनसंख्या में उसकी प्रारंभिक जनसंख्या का बीस प्रतिशत जुड़ता है और उसी प्रारंभिक जनसंख्या का पन्द्रह प्रतिशत बाहर चला जाता है। यहाँ 'प्रारंभिक' का अर्थ है उस वर्ष के आरंभ की जनसंख्या, अर्थात् हर वर्ष का आधार नया होता है। इसलिए प्रत्येक वर्ष की निवल वृद्धि उस वर्ष के आरंभ की जनसंख्या का बीस घटा पन्द्रह, अर्थात् पाँच प्रतिशत है, और वह पाँच प्रतिशत हर वर्ष बढ़े हुए आधार पर लगता है। अब गणना सीधी है : पहले वर्ष के अंत में 80000 का पाँच प्रतिशत जुड़कर 84000; दूसरे वर्ष के अंत में 84000 का पाँच प्रतिशत जुड़कर 88200; और तीसरे वर्ष के अंत में 88200 का पाँच प्रतिशत जुड़कर 92610। सूत्र के रूप में यही 80000 × (1·05)³ है, और (1·05)³ = 1·157625 होने से गुणनफल 92610 आता है। इसलिए उत्तर (d) है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि दो प्रतिशत अलग-अलग दिए गए हैं — बीस जुड़ता है, पन्द्रह घटता है — पर दोनों का आधार एक ही है, इसलिए उन्हें पहले घटाकर एक निवल दर बना लेना चाहिए और उसके बाद ही चक्रवृद्धि लगानी चाहिए। यदि दोनों के आधार अलग-अलग होते, जैसा कुछ प्रश्नों में होता है, तो उन्हें अलग-अलग लगाना पड़ता और उत्तर बदल जाता। इसलिए ऐसे प्रश्न में पहला काम यह पढ़ना है कि प्रतिशत किस राशि पर लगाया जा रहा है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)90000 — यह मान न तो चक्रवृद्धि गणना से निकलता है और न साधारण गणना से — यह 80000 और सही उत्तर के बीच का एक गोल-सा दिखने वाला अंक है, जो अनुमान लगाने वाले को सुरक्षित लगता है। ऐसे विकल्प इसी उद्देश्य से रखे जाते हैं : जब अभ्यर्थी के पास गणना पूरी करने का समय नहीं होता, तब वह दिशा ठीक होते हुए भी परिमाण अनुमान से चुन लेता है, और गोल संख्या सबसे पहले हाथ आती है। यहाँ जाँच का एक सरल उपाय है — तीन वर्षों में पाँच प्रतिशत की चक्रवृद्धि वृद्धि लगभग पन्द्रह से सोलह प्रतिशत की कुल वृद्धि देगी, अर्थात् 80000 पर लगभग 12000 से 12500 की वृद्धि, इसलिए उत्तर 92000 से ऊपर होना चाहिए। यह मोटा अनुमान ही 90000 और 91200 दोनों को हटा देता है और शेष दो विकल्पों पर ध्यान केंद्रित कर देता है, जिनमें निर्णय साधारण बनाम चक्रवृद्धि का है।
- (b)91200 — यह मान भी दोनों वैध पाठों में से किसी से नहीं निकलता, और यह सही उत्तर से थोड़ा ही कम होने के कारण सबसे भ्रामक है : यह उस अभ्यर्थी को पकड़ता है जो चक्रवृद्धि तो लगाता है पर बीच में कहीं आधार बदलने में चूक जाता है, या दो वर्ष की वृद्धि लगाकर तीसरे वर्ष में गणना अधूरी छोड़ देता है। ऐसी स्थिति से बचने का सबसे अच्छा तरीक़ा यह है कि गणना को वर्ष-दर-वर्ष तीन छोटी पंक्तियों में लिखा जाए — 80000, फिर 84000, फिर 88200, फिर 92610 — क्योंकि हर पंक्ति पिछली पंक्ति से केवल पाँच प्रतिशत अधिक है और पाँच प्रतिशत निकालना सरल है : संख्या को बीस से भाग दीजिए। इस विधि में एक भी चरण छूटे तो वह तुरंत दिखाई देता है, जबकि सीधे सूत्र लगाने पर घात या दशमलव में हुई भूल पकड़ में नहीं आती। परीक्षा में ऐसे प्रश्नों पर यही अनुशासन सबसे अधिक अंक बचाता है।
- (c)92000 — यह इस प्रश्न का असली चारा है, और इसका पूरा तर्क एक शब्द के अलग पाठ पर टिका है। यदि 'प्रारंभिक जनसंख्या' का अर्थ हर वर्ष वही आरंभिक 80000 लिया जाए, तो प्रत्येक वर्ष की निवल वृद्धि 80000 का पाँच प्रतिशत, अर्थात् 4000, स्थिर रहेगी; तीन वर्षों में 12000 जुड़कर उत्तर 92000 आएगा — और वही यह विकल्प है। किन्तु प्रश्न की भाषा जनसंख्या-वृद्धि की सामान्य रीति के अनुसार है, जिसमें प्रत्येक वर्ष का आधार उस वर्ष के आरंभ की जनसंख्या होती है, इसलिए वृद्धि चक्रवृद्धि रूप में लगती है और उत्तर 92610 बनता है। यह भेद केवल इस प्रश्न का नहीं है : ब्याज, जनसंख्या, मूल्यह्रास और वृद्धि-दर से जुड़े हर प्रश्न में यही निर्णय सबसे पहले लेना पड़ता है — आधार स्थिर है या हर बार नया। यहाँ 92000 और 92610 का अंतर केवल 610 का है, जो यह भी दिखाता है कि तीन वर्षों की छोटी अवधि में दोनों विधियाँ पास-पास रहती हैं और लंबी अवधि में दूर चली जाती हैं।
अवधारणा
वृद्धि के प्रश्नों में सबसे पहला निर्णय यह होता है कि प्रतिशत किस आधार पर लग रहा है। यदि आधार हर बार वही आरंभिक राशि हो, तो वृद्धि साधारण होती है और कुल वृद्धि = दर × अवधि × मूल राशि; यदि आधार हर अवधि के आरंभ की राशि हो, तो वृद्धि चक्रवृद्धि होती है और अंतिम राशि = मूल राशि × (1 + दर)^अवधि। जनसंख्या, चक्रवृद्धि ब्याज, मूल्यह्रास और जीवाणुओं की वृद्धि — इन सभी में दूसरा रूप चलता है, इसलिए इस सूत्र को कंठस्थ रखना चाहिए। दूसरी उपयोगी बात यह है कि जब एक ही आधार पर दो विपरीत प्रतिशत लगें — कुछ जुड़े और कुछ घटे — तो उन्हें पहले घटाकर एक निवल दर बना लेनी चाहिए; यहाँ बीस घटा पन्द्रह से पाँच प्रतिशत की निवल दर बनती है। यदि दोनों प्रतिशत अलग-अलग राशियों पर लगते, तो ऐसा नहीं किया जा सकता था। तीसरी बात गणना की सुविधा की है : पाँच प्रतिशत निकालने के लिए संख्या को बीस से भाग देना सबसे तेज़ है, दस प्रतिशत निकालकर आधा करना भी सरल है, और तीन वर्ष जैसी छोटी अवधि में सूत्र लगाने के बजाय वर्ष-दर-वर्ष जोड़ते जाना कम भूल-प्रवण होता है। जनसंख्या के संदर्भ में यह भी जान लेना चाहिए कि वास्तविक वृद्धि-दर में जन्म-दर तथा मृत्यु-दर से बनी प्राकृतिक वृद्धि और प्रवास दोनों सम्मिलित होते हैं, और यह प्रश्न केवल प्रवास वाले भाग की बात कर रहा है।
यह संख्यात्मक अभियोग्यता का प्रश्न है और इस प्रश्नपत्र में ऐसे प्रश्न विषयों के बीच बिखरे हुए हैं, किसी अलग खंड में नहीं। इसकी बनावट में एक ही निर्णायक शब्द है — 'प्रारंभिक जनसंख्या' — और उस शब्द के दो संभावित पाठों में से एक पर विकल्प (c) रखा गया है और दूसरे पर सही उत्तर। इसलिए यहाँ गणना से पहले पढ़ना अधिक महत्त्वपूर्ण है : यह प्रश्न गणित से नहीं, पाठ से हारा या जीता जाता है। ऐसे प्रश्न में समय-प्रबंधन की दृष्टि से यह भी उपयोगी है कि पहले मोटा अनुमान लगा लिया जाए — तीन वर्ष में पाँच प्रतिशत की चक्रवृद्धि से कुल वृद्धि लगभग पन्द्रह-सोलह प्रतिशत होगी — जिससे दो विकल्प तुरंत कट जाते हैं और वास्तविक गणना केवल शेष दो के बीच निर्णय के लिए करनी पड़ती है। हिन्दी स्तंभ में चारों विकल्प केवल अंक हैं और उनमें कोई सहस्र-विभाजक नहीं छपा है; प्रतिशत चिह्न से पहले कोई जगह नहीं है, और 'पश्चात्' हलन्त सहित छपा है।
मुख्य तथ्य
- चक्रवृद्धि वृद्धि का सूत्र है — अंतिम राशि = मूल राशि × (1 + दर)^अवधि; जनसंख्या, चक्रवृद्धि ब्याज और मूल्यह्रास के प्रश्नों में यही रूप चलता है।
- इस प्रश्न में प्रत्येक वर्ष की निवल वृद्धि उस वर्ष के आरंभ की जनसंख्या का बीस घटा पन्द्रह, अर्थात् पाँच प्रतिशत है, इसलिए 80000 × (1·05)³ = 92610 आता है।
- वर्ष-दर-वर्ष गणना इस प्रकार है — 80000, फिर 84000, फिर 88200, फिर 92610; तीन वर्ष जैसी छोटी अवधि में यही विधि सूत्र से अधिक सुरक्षित है।
- यदि 'प्रारंभिक जनसंख्या' का अर्थ स्थिर आधार 80000 लिया जाए तो प्रत्येक वर्ष 4000 जुड़कर उत्तर 92000 आता है — यही विकल्प (c) है और यही इस प्रश्न का मुख्य चारा।
- जब एक ही आधार पर दो विपरीत प्रतिशत लगें, तो उन्हें पहले घटाकर एक निवल दर बना लेनी चाहिए; यदि आधार अलग-अलग हों तो ऐसा नहीं किया जा सकता।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'प्रारंभिक जनसंख्या' को स्थिर आधार मान लेना, जिससे उत्तर 92000 आता है — यही विकल्प (c) का पूरा तर्क है।
- दो प्रतिशतों को एक निवल दर में बदलने से पहले यह न देखना कि दोनों का आधार एक ही है या नहीं।
- तीन वर्ष की गणना में कोई एक चरण छोड़ देना; वर्ष-दर-वर्ष लिखने से ऐसी चूक तुरंत पकड़ में आ जाती है।
- गोल दिखने वाली संख्या को अनुमान से चुन लेना, जबकि मोटा आकलन ही उसे हटा देता है।
संख्यात्मक अभियोग्यता के इस भाग से प्रश्न तीन रूपों में आते हैं। पहला, सीधा चक्रवृद्धि प्रश्न — मूल राशि, दर और अवधि देकर अंतिम राशि पूछना, अथवा उलटकर दर या अवधि पूछना। दूसरा, यही प्रश्न किसी वास्तविक संदर्भ में लपेटकर — जनसंख्या, मूल्यह्रास, उत्पादन-वृद्धि — जहाँ असली कठिनाई यह पढ़ना है कि प्रतिशत किस आधार पर लग रहा है, जैसा इस प्रश्न में है। तीसरा, दो या अधिक क्रमिक प्रतिशत परिवर्तनों को मिलाकर एक तुल्य परिवर्तन निकालना। तीनों में एक ही अनुशासन काम आता है : पहले आधार पहचानिए, फिर निवल दर बनाइए, फिर गणना कीजिए, और छोटी अवधि हो तो सूत्र के बजाय वर्ष-दर-वर्ष बढ़ते जाइए। इसके साथ मोटा अनुमान लगाने की आदत भी बहुत काम आती है, क्योंकि वह प्रायः दो विकल्प पहले ही हटा देती है और गणना का समय बचा देती है।
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EPFO_EOAO_2017_Q107The price of an article is increased by 20%. Further, there is a tax of 5% on the increment. If the article costs ₹ 1,331 to the customer, then what was the price of the article before the increase in price?
- (a) ₹ 1,000
- (b) ₹ 1,064
- (c) ₹ 1,100
- (d) ₹ 1,200
उत्तर(c) ₹ 1,100
इसी परिवार का प्रतिशत-आधारित प्रश्न, जिसमें मूल्य में वृद्धि और फिर उस वृद्धि पर कर लगाया जाता है — वही निर्णय, कि प्रतिशत किस आधार पर लग रहा है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
किसी नगर की जनसंख्या 50000 है और वह प्रति वर्ष उस वर्ष के आरंभ की जनसंख्या के 10 प्रतिशत की दर से बढ़ती है । दो वर्ष पश्चात् जनसंख्या कितनी होगी ?
- (a)60000
- (b)60500
- (c)61000
- (d)62000
उत्तर(b) 60500 — पहले वर्ष के अंत में 55000 और दूसरे वर्ष के अंत में 55000 का दस प्रतिशत जुड़कर 60500। 60000 वह उत्तर है जो साधारण वृद्धि मानने पर आता है, अर्थात् हर वर्ष 5000 जोड़ने पर, और वही इस प्रकार के प्रश्नों का सामान्य चारा है।
- practice — not a real PYQ
किसी गाँव की जनसंख्या में प्रति वर्ष आरंभिक जनसंख्या का 12 प्रतिशत जुड़ता है और 8 प्रतिशत बाहर चला जाता है । इस स्थिति में निवल वार्षिक वृद्धि-दर क्या होगी ?
- (a)4 प्रतिशत
- (b)8 प्रतिशत
- (c)12 प्रतिशत
- (d)20 प्रतिशत
उत्तर(a) 4 प्रतिशत — दोनों प्रतिशत एक ही आधार पर लगते हैं, इसलिए उन्हें घटाकर एक निवल दर बनाई जा सकती है, और बारह घटा आठ से चार प्रतिशत आता है। यदि दोनों के आधार अलग-अलग होते तो इस प्रकार घटाना ठीक नहीं होता।