रंग-भेद (अपार्थेड) क्या है ?
- (a)शान्ति का एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन
- (b)चिकित्सा सम्बन्धी शब्द
- (c)व्यावसायिक घोषणापत्र
- (d)प्रजातीय संपृथकन की एक नीति
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) प्रजातीय संपृथकन की एक नीति — रंग-भेद अर्थात् अपार्थेड दक्षिण अफ़्रीका में लागू की गई वह शासकीय नीति थी जिसके अंतर्गत लोगों को प्रजाति के आधार पर वर्गीकृत करके उनके निवास, शिक्षा, रोज़गार, आवागमन और राजनीतिक अधिकार अलग-अलग निर्धारित कर दिए गए थे। यह शब्द स्वयं अफ़्रीकांस भाषा का है और उसका शाब्दिक अर्थ है 'अलगाव' या 'पृथक्ता', इसलिए विकल्प (d) पद के शाब्दिक अर्थ और उसके ऐतिहासिक प्रयोग — दोनों से मेल खाता है। यह नीति 1948 में सत्ता में आई सरकार के साथ औपचारिक रूप से लागू हुई और आगे के वर्षों में विधियों की एक पूरी शृंखला से खड़ी की गई : जनसंख्या को प्रजाति के आधार पर पंजीकृत करने वाला क़ानून, बस्तियों को प्रजाति के अनुसार बाँटने वाला क़ानून, अश्वेत आबादी के आवागमन को पास-व्यवस्था से नियंत्रित करने वाले नियम, और शिक्षा को अलग-अलग करने वाला क़ानून। इसके विरुद्ध लंबा संघर्ष चला, जिसमें अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस की भूमिका प्रमुख रही; 1960 का शार्पविल गोलीकांड और 1976 का सोवेटो विद्रोह इसके सबसे चर्चित पड़ाव हैं, और नेल्सन मंडेला लगभग सत्ताईस वर्ष कारावास में रहे। यह व्यवस्था उन्नीस सौ नब्बे के दशक के आरंभ में समाप्त हुई और 1994 के प्रथम सर्व-प्रजातीय निर्वाचन के बाद मंडेला राष्ट्रपति बने। भारत का इस प्रश्न से पुराना संबंध रहा है : महात्मा गाँधी ने अपने दक्षिण अफ़्रीका-प्रवास में प्रजातीय भेदभाव के विरुद्ध सत्याग्रह किया, और स्वतंत्रता से पहले ही 1946 में भारत ने यह प्रश्न संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया तथा दक्षिण अफ़्रीका से व्यापारिक संबंध तोड़ लिए।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)शान्ति का एक अन्तर्राष्ट्रीय संगठन — अपार्थेड कोई संगठन नहीं, एक नीति है — और यह भेद इस विकल्प को तुरंत काट देता है। संभवतः यह चारा इसलिए रखा गया कि शब्द विदेशी लगता है और अभ्यर्थी उसे किसी संस्था का नाम मान सकता है, जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अनेक नाम विदेशी भाषाओं से आते हैं। यहाँ पद की कोटि पहचानना ही पर्याप्त है : प्रश्न पूछता है कि यह 'क्या है', और उत्तर या तो कोई संस्था होगी, या कोई नीति, या कोई पारिभाषिक शब्द, या कोई दस्तावेज़। अपार्थेड शासन की नीति है, और वह भी शांति की नहीं बल्कि पृथक्ता की। ध्यान देने योग्य विडंबना यह है कि इस नीति के विरुद्ध कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र के मंच पर हुई — महासभा में इसकी निंदा हुई और आगे चलकर इसे अपराध घोषित करने वाला अभिसमय भी बना — पर यह संबंध विकल्प को सही नहीं बनाता।
- (b)चिकित्सा सम्बन्धी शब्द — यह विकल्प केवल शब्द की अपरिचित ध्वनि पर टिका है : अपार्थेड सुनने में किसी चिकित्सा-पद जैसा लग सकता है, क्योंकि अनेक चिकित्सा-शब्द भी विदेशी भाषाओं से आते हैं और उनका अंत ऐसी ही ध्वनि पर होता है। पर इसका चिकित्सा से कोई संबंध नहीं है; यह अफ़्रीकांस भाषा का शब्द है जिसका अर्थ अलगाव या पृथक्ता है और जो दक्षिण अफ़्रीका की प्रजातीय नीति के नाम के रूप में विश्व-भर में प्रचलित हुआ। इस प्रकार के विकल्प का उद्देश्य केवल यह होता है कि जिसने पद कभी नहीं सुना वह अनुमान लगाकर कोई तटस्थ-सी कोटि चुन ले। बचाव यह है कि पद के साथ जुड़ा कोई एक ऐतिहासिक संदर्भ याद रखा जाए — यहाँ दक्षिण अफ़्रीका और नेल्सन मंडेला — क्योंकि संदर्भ याद हो तो कोटि अपने आप स्पष्ट हो जाती है।
- (c)व्यावसायिक घोषणापत्र — यह विकल्प भी कोटि की भूल पर टिका है : घोषणापत्र एक दस्तावेज़ होता है, जबकि अपार्थेड एक शासकीय नीति थी जो अनेक अधिनियमों के माध्यम से लागू की गई। दोनों के बीच सतही समानता इतनी है कि नीति भी लिखित रूप में आती है, पर 'व्यावसायिक घोषणापत्र' का अर्थ व्यापार से जुड़ा कोई अभिलेख होगा, और अपार्थेड का व्यापार से संबंध केवल उल्टा है — उसके विरुद्ध अनेक देशों ने व्यापारिक प्रतिबंध लगाए, और भारत ने तो 1946 में ही व्यापारिक संबंध तोड़ लिए थे। इस प्रकार यह विकल्प उस परिणाम को उलटकर रख देता है जो इस नीति से जुड़ा है। ऐसे प्रश्नों में सबसे तेज़ विधि यही है कि चारों विकल्पों की कोटि देखिए — संगठन, चिकित्सा-पद, दस्तावेज़ और नीति — और फिर पूछिए कि जिस शब्द का अर्थ पूछा गया है वह किस कोटि का है।
अवधारणा
अपार्थेड दक्षिण अफ़्रीका की वह प्रजातीय संपृथकन की नीति थी जो 1948 में औपचारिक रूप से लागू हुई और उन्नीस सौ नब्बे के दशक के आरंभ में समाप्त हुई। शब्द अफ़्रीकांस भाषा का है और उसका अर्थ है अलगाव। इस व्यवस्था का ढाँचा विधियों से बना था : जनसंख्या का प्रजाति के आधार पर पंजीकरण, बस्तियों का प्रजातीय विभाजन, अश्वेत आबादी के आवागमन पर पास-व्यवस्था का नियंत्रण, और शिक्षा तथा सार्वजनिक सुविधाओं का पृथक्करण। राजनीतिक अधिकार अश्वेत बहुसंख्या से छीन लिए गए थे, यद्यपि वह देश की अधिकांश जनसंख्या थी। इसके विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व मुख्यतः अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस ने किया; 1960 का शार्पविल गोलीकांड और 1976 का सोवेटो विद्रोह इसके प्रमुख पड़ाव हैं, और नेल्सन मंडेला लगभग सत्ताईस वर्ष कारावास में रहकर इस संघर्ष के प्रतीक बने। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र ने इसकी निंदा की, इसे अपराध घोषित करने वाला अभिसमय बना, और अनेक देशों ने आर्थिक तथा खेल-संबंधी प्रतिबंध लगाए। 1994 के प्रथम सर्व-प्रजातीय निर्वाचन के बाद मंडेला राष्ट्रपति बने और आगे चलकर सत्य तथा सुलह आयोग के माध्यम से अतीत के अपराधों की सार्वजनिक सुनवाई हुई।
यह पद का अर्थ पूछने वाला प्रश्न है और उसकी हल-विधि कोटि पहचानने की है : चारों विकल्प चार अलग कोटियों के हैं — एक संगठन, एक चिकित्सा-पद, एक दस्तावेज़ और एक नीति। जिस अभ्यर्थी को पद का ऐतिहासिक संदर्भ याद है, उसके लिए यह कुछ सेकंड का प्रश्न है; जिसे नहीं याद, उसके लिए भी बचाव है, क्योंकि तीन विकल्पों की कोटि इस प्रकार के शब्द के लिए असंगत लगती है। भारत के दृष्टिकोण से यह विषय पाठ्यक्रम में दो जगह आता है — आधुनिक भारत में, महात्मा गाँधी के दक्षिण अफ़्रीका-प्रवास के प्रसंग में, और स्वतंत्र भारत की विदेश नीति में, जहाँ रंग-भेद का विरोध एक स्थायी स्थिति रही है। इसी प्रश्नपत्र में भारत रत्न पर भी एक प्रश्न है, और उससे यह संबंध भी बनता है कि नेल्सन मंडेला उन गिने-चुने विदेशी व्यक्तियों में हैं जिन्हें भारत रत्न दिया गया। हिन्दी स्तंभ में अंग्रेज़ी शब्द का देवनागरी लिप्यन्तरण कोष्ठक में जोड़ा गया है — रंग-भेद (अपार्थेड) — जबकि अंग्रेज़ी स्तंभ में ऐसा कोष्ठक नहीं है; यह जोड़ पहचान को सरल बनाता है।
मुख्य तथ्य
- अपार्थेड अफ़्रीकांस भाषा का शब्द है जिसका अर्थ अलगाव है; यह दक्षिण अफ़्रीका में 1948 से लागू की गई प्रजातीय संपृथकन की शासकीय नीति थी।
- इस नीति का ढाँचा विधियों से बना था — जनसंख्या का प्रजातीय पंजीकरण, बस्तियों का प्रजातीय विभाजन, पास-व्यवस्था से आवागमन का नियंत्रण, और शिक्षा तथा सार्वजनिक सुविधाओं का पृथक्करण।
- इसके विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व मुख्यतः अफ़्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस ने किया; 1960 का शार्पविल गोलीकांड और 1976 का सोवेटो विद्रोह इसके प्रमुख पड़ाव हैं।
- नेल्सन मंडेला लगभग सत्ताईस वर्ष कारावास में रहे; 1994 के प्रथम सर्व-प्रजातीय निर्वाचन के बाद वे राष्ट्रपति बने और यह व्यवस्था समाप्त हुई।
- भारत ने 1946 में यह प्रश्न संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया और दक्षिण अफ़्रीका से व्यापारिक संबंध तोड़ लिए; महात्मा गाँधी का दक्षिण अफ़्रीका-प्रवास प्रजातीय भेदभाव के विरुद्ध उनके पहले सत्याग्रहों का काल था।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पद की कोटि पर ध्यान न देना; प्रश्न पूछ रहा है कि यह क्या है, और तीन विकल्प संगठन, चिकित्सा-पद तथा दस्तावेज़ की कोटि के हैं।
- विदेशी ध्वनि वाले शब्द को किसी संस्था का नाम मान लेना — यह इस प्रकार के प्रश्नों की सबसे आम भूल है।
- अपार्थेड को केवल सामाजिक भेदभाव समझ लेना, जबकि वह विधियों से लागू की गई शासकीय नीति थी।
- इस विषय को केवल विश्व इतिहास का मानकर छोड़ देना, जबकि भारत की विदेश नीति और गाँधी के प्रारंभिक जीवन से इसका सीधा संबंध है।
इस प्रकार के पद-अर्थ वाले प्रश्न सामान्य अध्ययन के हर खंड में आते हैं और उनकी बनावट लगभग एक जैसी रहती है : एक पारिभाषिक या ऐतिहासिक शब्द, और चार विकल्प जो अलग-अलग कोटियों से लिए जाते हैं। हल-विधि दो चरणों की है — पहले कोटि तय कीजिए, फिर अर्थ। अपार्थेड जैसे विषय पर परीक्षा तीन ढंग से आगे बढ़ती है : पद का अर्थ, जैसा यहाँ; उससे जुड़ी घटनाओं और व्यक्तियों का सुमेलन, जैसे मंडेला, शार्पविल, सोवेटो और 1994 का निर्वाचन; और भारत से उसके संबंध का प्रश्न, जिसमें गाँधी का दक्षिण अफ़्रीका-प्रवास तथा भारत की विदेश नीति आती है। तैयारी की दृष्टि से हर ऐसे पद के साथ तीन बातें लिख लेना पर्याप्त होता है — शाब्दिक अर्थ, वह देश या काल जिससे वह जुड़ा है, और एक प्रमुख व्यक्ति या घटना। इतनी सूचना से पद-अर्थ, सुमेलन और कथन-प्रश्न तीनों सध जाते हैं।
संबंधित PYQ
EPFO_APFC_2016_Q28खोलें व हल करें →Amongst the following, who is the latest recipient of the 'Bharat Ratna' award ?
- (a) Sachin Tendulkar
- (b) Atal Bihari Vajpayee
- (c) Amartya Sen
- (d) A.P.J. Abdul Kalam
उत्तर(b) Atal Bihari Vajpayee
इसी प्रश्नपत्र का भारत रत्न वाला प्रश्न — वही सम्मान, जो रंग-भेद-विरोधी संघर्ष के नेता नेल्सन मंडेला को भी दिया गया था, अर्थात् इस विषय की भारत से जुड़ी कड़ी।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
अपार्थेड की नीति मुख्यतः किस देश से जुड़ी हुई है ?
- (a)नाइजीरिया
- (b)दक्षिण अफ़्रीका
- (c)केन्या
- (d)मिस्र
उत्तर(b) दक्षिण अफ़्रीका — यह नीति वहीं 1948 से लागू हुई और उन्नीस सौ नब्बे के दशक के आरंभ में समाप्त हुई, और 1994 के प्रथम सर्व-प्रजातीय निर्वाचन के बाद नेल्सन मंडेला राष्ट्रपति बने। शेष तीनों देशों का उपनिवेश-विरोधी इतिहास अलग है और उनमें ऐसी विधिबद्ध प्रजातीय संपृथकन की व्यवस्था इस रूप में नहीं थी।
- practice — not a real PYQ
निम्नलिखित में से कौन-सी घटना रंग-भेद-विरोधी संघर्ष से जुड़ी है ?
- (a)शार्पविल गोलीकांड
- (b)बोस्टन टी पार्टी
- (c)बास्तील का पतन
- (d)जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड
उत्तर(a) शार्पविल गोलीकांड — 1960 की यह घटना दक्षिण अफ़्रीका में पास-व्यवस्था के विरुद्ध प्रदर्शन पर हुई गोलीबारी की है और रंग-भेद-विरोधी संघर्ष का प्रमुख पड़ाव मानी जाती है। शेष तीनों घटनाएँ क्रमशः अमेरिकी उपनिवेशों, फ़्रांस और भारत के इतिहास की हैं।