भारत में कितने राज्य और संघ राज्यक्षेत्र हैं ?
- (a)29 और 6
- (b)28 और 7
- (c)29 और 7
- (d)28 और 6
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) 29 और 7 — जिस समय यह प्रश्नपत्र पूछा गया, भारत में उनतीस राज्य और सात संघ राज्यक्षेत्र थे। उनतीसवाँ राज्य तेलंगाना था, जो आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के अधीन 2 जून 2014 को अस्तित्व में आया; उससे पहले राज्यों की संख्या अट्ठाईस थी। उस समय के सात संघ राज्यक्षेत्र ये थे : दिल्ली (राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र), पुदुच्चेरी, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव, तथा दादरा और नगर हवेली। इनमें से दिल्ली और पुदुच्चेरी ऐसे संघ राज्यक्षेत्र हैं जिनकी अपनी विधानसभा है, शेष का प्रशासन सीधे राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से होता है। इसलिए 2016 के प्रश्नपत्र के लिए 29 और 7 ही सही युग्म है और उत्तर (c) है। यहाँ एक बात स्पष्ट रूप से जान लेनी चाहिए, क्योंकि आज पढ़ने वाले के लिए वही सबसे उपयोगी है : यह संख्या तब से बदल चुकी है। जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के अधीन 31 अक्तूबर 2019 से जम्मू-कश्मीर राज्य के स्थान पर दो संघ राज्यक्षेत्र — जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख — बने, जिससे राज्य अट्ठाईस और संघ राज्यक्षेत्र नौ हो गए; फिर 26 जनवरी 2020 से दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को मिलाकर एक संघ राज्यक्षेत्र बना दिया गया, जिससे उनकी संख्या आठ रह गई। इस प्रकार आज की स्थिति अट्ठाईस राज्य और आठ संघ राज्यक्षेत्र है — यह युग्म इस प्रश्न के विकल्पों में है ही नहीं, क्योंकि प्रश्न उस समय की स्थिति पूछ रहा था।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)29 और 6 — इसमें राज्यों की संख्या तो ठीक है, पर संघ राज्यक्षेत्रों की संख्या एक कम कर दी गई है। उस समय के सातों संघ राज्यक्षेत्र गिनाए जा सकते हैं — दिल्ली, पुदुच्चेरी, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव, तथा दादरा और नगर हवेली — और सूची बनाकर गिनना ही ऐसे प्रश्न में सबसे सुरक्षित तरीक़ा है, क्योंकि अनुमान से एक-दो का अंतर सहज ही रह जाता है। यह चारा प्रायः उस अभ्यर्थी को फँसाता है जो दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली को एक ही इकाई मान लेता है — वे उस समय दो अलग संघ राज्यक्षेत्र थे, और उन्हें मिलाकर एक बनाने का काम बहुत बाद में, 26 जनवरी 2020 से हुआ। ध्यान रहे कि तब भी परिणाम आठ होता, छह नहीं।
- (b)28 और 7 — यह विकल्प संयोगवश एक वास्तविक ऐतिहासिक स्थिति बताता है, पर वह स्थिति इस प्रश्नपत्र से पहले की है। तेलंगाना के गठन से ठीक पहले, अर्थात् 2 जून 2014 से पूर्व, भारत में अट्ठाईस राज्य और सात संघ राज्यक्षेत्र ही थे। इसलिए यह विकल्प उस अभ्यर्थी के लिए बनाया गया है जिसने राज्यों की संख्या तेलंगाना के गठन से पहले याद की थी और उसके बाद संशोधित नहीं की। यही इस प्रकार के प्रश्नों की सबसे बड़ी सीख है : राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों की संख्या स्थिर तथ्य नहीं है, वह संसद के पुनर्गठन अधिनियमों से बदलती रहती है, इसलिए संख्या के साथ उसका 'कब से' भी याद रखना चाहिए। आज की संख्या अट्ठाईस राज्य और आठ संघ राज्यक्षेत्र है, अर्थात् राज्यों की संख्या फिर से अट्ठाईस है, पर संघ राज्यक्षेत्र सात नहीं आठ हैं।
- (d)28 और 6 — इस विकल्प में दोनों संख्याएँ ग़लत हैं और यह किसी भी कालखंड की स्थिति नहीं बताता। अट्ठाईस राज्य तेलंगाना के गठन से पहले की स्थिति है, पर उस समय भी संघ राज्यक्षेत्र सात थे, छह नहीं। इस प्रकार यह विकल्प दोनों संख्याओं में एक-एक की कमी करके बनाया गया चारा है — यह ठीक वह उत्तर है जो अनुमान लगाने वाला अभ्यर्थी चुनता है, क्योंकि निकट की संख्याएँ देखकर 'लगभग इतने ही होंगे' मान लेना सहज है। संख्या-आधारित प्रश्न में अनुमान का कोई अंश काम नहीं आता; या तो सूची गिनकर याद हो, या कोई निर्णायक घटना याद हो जिससे संख्या बँधी हो — जैसे तेलंगाना का गठन राज्यों की संख्या को अट्ठाईस से उनतीस कर देता है।
अवधारणा
भारत का संघीय ढाँचा संविधान के अनुच्छेद 1 से आरंभ होता है, जिसमें कहा गया है कि भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा, और राज्यों तथा संघ राज्यक्षेत्रों के नाम पहली अनुसूची में दिए गए हैं। राज्य और संघ राज्यक्षेत्र दो भिन्न कोटियाँ हैं : राज्य की अपनी निर्वाचित सरकार और विधानमंडल होता है और राज्यपाल के माध्यम से कार्यपालिका चलती है, जबकि संघ राज्यक्षेत्र का प्रशासन अनुच्छेद 239 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त प्रशासक के माध्यम से होता है। कुछ संघ राज्यक्षेत्रों को विधानसभा दी गई है — दिल्ली को अनुच्छेद 239क-क के अंतर्गत विशेष स्थिति प्राप्त है और पुदुच्चेरी की भी अपनी विधानसभा है — इसलिए 'संघ राज्यक्षेत्र' कहते ही विधानसभा का न होना मान लेना ग़लत है। संख्या बदलने की शक्ति संसद के पास है : अनुच्छेद 3 के अधीन संसद विधि द्वारा नया राज्य बना सकती है, किसी राज्य का क्षेत्र बढ़ा या घटा सकती है, सीमाएँ बदल सकती है और नाम बदल सकती है, और इसके लिए संबंधित राज्य विधानमंडल के विचार जानने भर की अपेक्षा है, उसकी सहमति की नहीं। इसी शक्ति के प्रयोग से 2014 में तेलंगाना बना, 2019 में जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन हुआ और 2020 में दो संघ राज्यक्षेत्र मिलाकर एक कर दिए गए।
यह एक शुद्ध संख्या-प्रश्न है और इसकी कठिनाई विषय में नहीं, तिथि में है : उत्तर उस समय पर निर्भर करता है जब प्रश्न पूछा गया। जिस वर्ष यह प्रश्नपत्र आया, उससे दो वर्ष पहले तेलंगाना बना था, इसलिए राज्यों की संख्या उनतीस थी और संघ राज्यक्षेत्रों की सात। इसके बाद हुए दो पुनर्गठनों ने यह गणित बदल दिया, इसलिए आज पढ़ने वाले को दोनों स्थितियाँ अलग-अलग याद रखनी चाहिए — प्रश्नपत्र के समय की और आज की। इसी कारण पुराने प्रश्नपत्रों से तैयारी करते समय संख्या वाले प्रश्नों को अलग सूची में रखना उपयोगी होता है : राज्यों तथा संघ राज्यक्षेत्रों की संख्या, अनुसूचियों में जोड़ी गई भाषाओं की संख्या, रामसर स्थलों या विश्व धरोहर स्थलों की संख्या — ये सभी समय के साथ बदलते हैं, जबकि अनुच्छेद-संख्या और परिभाषाएँ स्थिर रहती हैं। हिन्दी स्तंभ में यहाँ अंक अंग्रेज़ी अंकों में ही छपे हैं और केवल जोड़ने वाला शब्द 'और' देवनागरी में है, इसलिए विकल्प दोनों स्तंभों में समान पढ़े जाते हैं।
मुख्य तथ्य
- तेलंगाना आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के अधीन 2 जून 2014 को भारत का उनतीसवाँ राज्य बना; इससे पहले राज्यों की संख्या अट्ठाईस थी।
- 2016 में सात संघ राज्यक्षेत्र थे : दिल्ली, पुदुच्चेरी, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव, तथा दादरा और नगर हवेली।
- जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के अधीन 31 अक्तूबर 2019 से जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख नाम के दो संघ राज्यक्षेत्र बने, जिससे राज्य अट्ठाईस और संघ राज्यक्षेत्र नौ हो गए।
- 26 जनवरी 2020 से दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को मिलाकर एक संघ राज्यक्षेत्र बना दिया गया, जिससे उनकी संख्या नौ से घटकर आठ रह गई; आज की स्थिति अट्ठाईस राज्य और आठ संघ राज्यक्षेत्र है।
- अनुच्छेद 1 के अनुसार भारत राज्यों का संघ है और पहली अनुसूची में राज्यों तथा संघ राज्यक्षेत्रों के नाम दिए गए हैं; अनुच्छेद 3 संसद को नया राज्य बनाने, सीमा या नाम बदलने की शक्ति देता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पुराने प्रश्नपत्र की संख्या को आज की संख्या मान लेना; यहाँ उत्तर 29 और 7 है, जबकि आज की स्थिति अट्ठाईस राज्य और आठ संघ राज्यक्षेत्र है।
- तेलंगाना के गठन से पहले की संख्या याद रखना — विकल्प (b) ठीक उसी पुरानी स्थिति को छापकर उस अभ्यर्थी को पकड़ता है जिसने अपनी सूची संशोधित नहीं की।
- दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली को एक इकाई मान लेना; उस समय वे दो अलग संघ राज्यक्षेत्र थे और उनका विलय बहुत बाद में हुआ।
- संख्या का अनुमान लगाना; ऐसे प्रश्न में या तो पूरी सूची गिनकर याद हो, या कोई निर्णायक घटना याद हो जिससे संख्या बँधी हुई हो।
राज्य और संघ राज्यक्षेत्र से जुड़े प्रश्न तीन रूपों में आते हैं। पहला यही सीधा संख्या-प्रश्न है, जिसका उत्तर प्रश्नपत्र के वर्ष पर निर्भर करता है और जिसमें विकल्प एक-एक की कमी-बेशी से बनाए जाते हैं। दूसरा रूप सूची का है — कौन-सा क्षेत्र संघ राज्यक्षेत्र है और कौन-सा राज्य, अथवा किस संघ राज्यक्षेत्र की अपनी विधानसभा है; यहाँ दिल्ली और पुदुच्चेरी का अपवाद बार-बार पूछा जाता है। तीसरा रूप संवैधानिक प्रक्रिया का है — किस अनुच्छेद के अधीन नया राज्य बनाया जाता है, क्या संबंधित राज्य की सहमति आवश्यक है, और क्या ऐसे विधेयक को संविधान संशोधन माना जाता है; इसका उत्तर अनुच्छेद 3 और 4 में है और यह सबसे अधिक अंक देने वाला रूप है, क्योंकि यह समय के साथ बदलता नहीं। तैयारी में इन तीनों को अलग-अलग रखिए : संख्या हर वर्ष जाँचिए, सूची एक बार बनाइए, और प्रक्रिया एक बार समझ लीजिए।
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- (b) 2, 3 and 4 only
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