प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यह 18 वर्ष से अधिक आयु-वर्ग के सभी वयस्कों पर लागू होती है । 2. ‘स्वतः नामे सुविधा’ (ऑटो डेबिट फैसिलिटी) के माध्यम से, खाता-धारक के बैंक-खाते से प्रीमियम काट लिया जाता है । 3. जीवन बीमा का मूल्य, खाता-धारक के द्वारा विनिश्चित किया जाता है और उसे उसके अनुसार वार्षिक प्रीमियम देना होता है । 4. अभिदाता की मृत्यु के बाद जीवन बीमा की राशि उसके परिवार को दी जाती है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं ?
- (a)केवल 1 और 3
- (b)केवल 1 और 4
- (c)केवल 2 और 4
- (d)केवल 2 और 3
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) केवल 2 और 4 — इस योजना की पहचान यह है कि यह एक मानकीकृत सूक्ष्म-बीमा उत्पाद है: सबके लिए एक ही बीमा-राशि, दो लाख रुपये, और सबके लिए एक ही वार्षिक प्रीमियम। यही एक बात कथन 3 को गिरा देती है, क्योंकि खाता-धारक न बीमा का मूल्य तय करता है और न उसी के अनुसार प्रीमियम देता है। कथन 1 भी ग़लत है, पर दूसरे कारण से — योजना अठारह वर्ष से ऊपर के सभी वयस्कों के लिए नहीं है; उसमें प्रवेश की आयु अठारह से पचास वर्ष तक ही है और बीमा-सुरक्षा पचपन वर्ष की आयु तक चलती है। शेष दो कथन ठीक हैं: प्रीमियम खाता-धारक के बचत खाते से स्वतः नामे सुविधा द्वारा हर वर्ष कट जाता है, और अभिदाता की मृत्यु होने पर बीमा-राशि उसके नामिती अर्थात् परिवार को दी जाती है। इसलिए केवल 2 और 4 सही हैं। इस योजना और उसकी जोड़ीदार योजना का भेद एक पंक्ति में बाँध लीजिए: जीवन ज्योति जीवन का बीमा है और किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर देय है, जबकि सुरक्षा दुर्घटना का बीमा है और केवल दुर्घटना से हुई मृत्यु या स्थायी निःशक्तता पर। इसी भेद से आयु-सीमाओं का तर्क भी निकल आता है — जीवन बीमा में मृत्यु का जोखिम आयु के साथ तेज़ी से बढ़ता है, इसलिए यहाँ प्रवेश पचास वर्ष पर बंद होता है और सुरक्षा पचपन वर्ष तक चलती है; दुर्घटना का जोखिम आयु पर उतना निर्भर नहीं करता, इसलिए वहाँ सत्तर वर्ष तक चलती है। यही तर्क प्रीमियम के अन्तर को भी समझा देता है, इसलिए इन आँकड़ों को अलग-अलग रटने के बजाय एक साथ, कारण सहित याद कीजिए।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 और 3 — इसमें दोनों असत्य कथन एक साथ आ गए हैं। कथन 1 की आयु-सीमा खुली नहीं है और कथन 3 का 'अपनी इच्छा से बीमा-राशि तय करना' किसी सामान्य जीवन बीमा पॉलिसी का लक्षण है, इस योजना का नहीं। इस योजना का पूरा ढाँचा ही इस बात पर टिका है कि राशि और प्रीमियम दोनों एक-से रखे जाएँ, ताकि उसे बड़े पैमाने पर और बिना चिकित्सा जाँच के चलाया जा सके। मानकीकरण का एक और परिणाम याद रखिए — इस योजना में जुड़ते समय चिकित्सा जाँच नहीं होती, केवल एक सरल घोषणा भरनी पड़ती है। यदि बीमा-राशि ग्राहक तय करता, तो जोखिम का आकलन और चिकित्सा जाँच दोनों अनिवार्य हो जाते, और योजना करोड़ों लोगों तक इतनी सरलता से न पहुँच पाती।
- (b)केवल 1 और 4 — कथन 4 सही है, पर कथन 1 नहीं। अठारह वर्ष निचली सीमा अवश्य है, किन्तु ऊपरी सीमा भी है — पचास वर्ष तक ही नया अभिदाता जुड़ सकता है। इसी पेपर की दूसरी योजनाओं से तुलना करने पर यह भेद स्पष्ट हो जाता है: अटल पेंशन योजना में प्रवेश चालीस वर्ष पर बंद होता है और सुरक्षा बीमा योजना सत्तर वर्ष तक चलती है। ऊपरी आयु-सीमा का व्यावहारिक अर्थ यह है कि पचास वर्ष के बाद कोई नया अभिदाता नहीं जुड़ सकता, पर जो पहले जुड़ चुका है उसकी सुरक्षा पचपन वर्ष की आयु तक चलती रहती है, बशर्ते वह हर वर्ष नवीकरण कराता रहे। यही भेद प्रश्नों में बार-बार पूछा जाता है।
- (d)केवल 2 और 3 — कथन 2 सही है, पर कथन 3 उसी मानकीकरण के विरुद्ध जाता है जो इस योजना की रीढ़ है। बीमा-राशि निश्चित दो लाख रुपये है और प्रीमियम भी सबके लिए एक ही; अभिदाता के पास केवल यह विकल्प है कि वह योजना में जुड़े या न जुड़े, राशि घटाने-बढ़ाने का नहीं। यह भी ध्यान रखिए कि दावा नामिती को दिया जाता है, इसलिए नामांकन इस योजना का आवश्यक अंग है। कथन 4 इसी व्यवस्था का सही वर्णन करता है और उसे छोड़ने का कोई कारण नहीं बनता; इस विकल्प का दोष केवल कथन 3 है।
अवधारणा
प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एक वर्ष की अवधि वाली जीवन बीमा योजना है, जिसका नवीकरण हर वर्ष होता है और जिसका बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है। यह मानकीकृत सूक्ष्म-बीमा का उदाहरण है, और उसकी तीन पहचानें हैं। पहली, सबके लिए एक ही बीमा-राशि और एक ही प्रीमियम — इससे न चिकित्सा जाँच की आवश्यकता पड़ती है और न व्यक्ति-दर-व्यक्ति गणना की, इसलिए योजना करोड़ों लोगों तक पहुँच पाती है। दूसरी, बैंक खाते से स्वतः नामे द्वारा प्रीमियम की वसूली, जिससे वसूली की लागत लगभग शून्य रह जाती है। और तीसरी, सीधा दावा-भुगतान — मृत्यु होने पर बीमा-राशि नामिती को दी जाती है। इसी सादगी की क़ीमत यह है कि ग्राहक को कोई चुनाव नहीं मिलता: वह न राशि बदल सकता है, न प्रीमियम।
यह योजना 9 मई 2015 को अटल पेंशन योजना और प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के साथ आरम्भ हुई थी; तीनों को जन सुरक्षा योजनाएँ कहा जाता है और तीनों प्रधान मंत्री जन धन योजना से खुले बैंक खातों के जाल पर टिकी हैं। इस प्रश्नपत्र में तीनों अलग-अलग प्रश्नों के रूप में आई हैं और तीनों के प्रश्न लगभग एक ही ढाँचे के हैं — चार कथन, जिनमें एक या दो योजना के किसी नियम को उलटकर बनाए गए हैं। इसलिए इनका सबसे उपयोगी अध्ययन तुलनात्मक है: आयु-सीमा, प्रीमियम या अंशदान, हितलाभ और मृत्यु के बाद की व्यवस्था एक ही सारणी में रखकर याद कीजिए। हिन्दी स्तंभ में कथन 2 का पद एकल उद्धरण-चिह्नों में है और उसके बाद कोष्ठक में उसका देवनागरी लिप्यन्तरण भी दिया गया है।
मुख्य तथ्य
- बीमा-राशि — किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर दो लाख रुपये, जो नामिती को दी जाती है।
- प्रवेश की आयु अठारह से पचास वर्ष तक और बीमा-सुरक्षा पचपन वर्ष की आयु तक चलती है।
- प्रीमियम बचत बैंक खाते से स्वतः नामे सुविधा द्वारा, वार्षिक रूप से कटता है — इसी से वसूली की लागत लगभग शून्य रहती है।
- वार्षिक प्रीमियम आरम्भ में तीन सौ तीस रुपये था और 1 जून 2022 से बढ़ाकर चार सौ छत्तीस रुपये कर दिया गया।
- बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है और हर वर्ष नवीकरण कराना पड़ता है; बीमा-राशि और प्रीमियम दोनों सबके लिए एक-से हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- तीनों योजनाओं की आयु-सीमाएँ आपस में बदल देना — जीवन ज्योति में प्रवेश अठारह से पचास वर्ष तक ही है।
- मानकीकृत सूक्ष्म-बीमा को सामान्य जीवन बीमा पॉलिसी की तरह समझ लेना, जिसमें बीमा-राशि ग्राहक चुनता है।
- जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा के दायरे मिला देना — यहाँ किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर भुगतान होता है।
इन योजनाओं पर प्रश्न प्रायः आयु-सीमा, प्रीमियम, बीमा-राशि और सुरक्षा के दायरे पर बनते हैं, और कभी आरम्भ के वर्ष पर भी। कथन-सूची वाले रूप में एक कथन प्रायः ऐसा रखा जाता है जो योजना के मूल ढाँचे के ही विरुद्ध हो — जैसे यहाँ बीमा-राशि ग्राहक द्वारा तय किए जाने की बात। मिलान वाले प्रश्नों में तीनों जन सुरक्षा योजनाओं को उनके प्रीमियम, आयु-सीमा या हितलाभ से जोड़ना पड़ता है, इसलिए आँकड़े तिथि सहित याद रखिए और यह भी ध्यान रखिए कि 2022 में प्रीमियम बदल चुके हैं।
संबंधित PYQ
EPFO_APFC_2016_Q102खोलें व हल करें →Consider the following statements regarding the Pradhan Mantri Suraksha Bima Yojana : 1. It is applicable for all bank account holders up to the age of 60 years. 2. It is a life insurance cover. 3. It is an accident insurance cover. 4. The insurance covers death and permanent disability due to accident. Which of the above statements are correct ?
- (a) 1 and 2 only
- (b) 3 and 4 only
- (c) 2 and 3 only
- (d) 1 and 4 only
उत्तर(b) 3 and 4 only
इसी पेपर का प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना वाला कथन-प्रश्न — जोड़ीदार दुर्घटना बीमा योजना, जिससे इस जीवन बीमा योजना का भेद बनता है।
EPFO_APFC_2016_Q100खोलें व हल करें →Consider the following statements in respect of Atal Pension Yojana : 1. Beneficiary must be in the age group of 18 to 40 years. 2. Beneficiary will receive the pension only after he attains the age of 60 years. 3. After the death of a beneficiary, his spouse continues to receive the pension. 4. No nominee of the beneficiary is permitted. Which of the above statements are correct ?
- (a) 3 and 4 only
- (b) 1, 3 and 4 only
- (c) 1, 2 and 3 only
- (d) 1, 2, 3 and 4
उत्तर(c) 1, 2 and 3 only
इसी पेपर का अटल पेंशन योजना वाला कथन-प्रश्न — उन्हीं दिनों आरम्भ हुई तीसरी योजना, जहाँ प्रवेश की आयु 18 से 40 वर्ष है।
EPFO_APFC_2016_Q92खोलें व हल करें →Which of the following are the instruments of providing social security in India ? 1. Income Tax 2. Employees' Provident Fund 3. General Sales Tax 4. LIC 5. National Pension Scheme 6. Postal Provident Fund Select the correct answer using the codes given below :
- (a) 1, 2, 3 and 4
- (b) 2, 3, 4 and 5
- (c) 2, 4, 5 and 6
- (d) 3, 4, 5 and 6
उत्तर(c) 2, 4, 5 and 6
इसी पेपर का सामाजिक सुरक्षा के साधनों वाला प्रश्न — जीवन बीमा को उसी बड़े ढाँचे में रखकर देखने के लिए।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में नया अभिदाता किस आयु-वर्ग में जुड़ सकता है ?
- (a)18 से 40 वर्ष
- (b)18 से 50 वर्ष
- (c)18 से 60 वर्ष
- (d)18 से 70 वर्ष
उत्तर(b) 18 से 50 वर्ष — बीमा-सुरक्षा 55 वर्ष की आयु तक चलती है; 18 से 40 वर्ष अटल पेंशन योजना की सीमा है और 18 से 70 वर्ष प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना की।