निम्नलिखित में से कौन-सी, परिक्षेपण की निरपेक्ष माप नहीं है ?
- (a)परास
- (b)माध्य विचलन
- (c)चतुर्थक विचलन
- (d)विचरण गुणांक
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, (d) विचरण गुणांक — यह प्रश्न निषेधात्मक है और हिन्दी स्तंभ में 'नहीं' मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है, इसलिए पूछा यह जा रहा है कि कौन-सी माप निरपेक्ष नहीं है। परिक्षेपण की मापें दो कोटियों में बँटती हैं। निरपेक्ष माप वह है जो आँकड़ों की अपनी इकाई में ही आती है — रुपये के आँकड़ों की माप रुपयों में, किलोग्राम के आँकड़ों की किलोग्राम में। सापेक्ष माप वह है जो दो निरपेक्ष राशियों का अनुपात होने के कारण इकाई-रहित शुद्ध संख्या बन जाती है। विचरण गुणांक की परिभाषा ही अनुपात की है — मानक विचलन को माध्य से भाग देकर सौ से गुणा, अर्थात् (σ ÷ x̄) × 100 — इसलिए उसकी कोई इकाई नहीं बचती और वह सापेक्ष माप है। इसी गुण के कारण उससे अलग-अलग इकाइयों वाली या बहुत भिन्न माध्य वाली दो शृंखलाओं की तुलना की जा सकती है, जो किसी निरपेक्ष माप से संभव नहीं। इस भेद को याद रखने का सबसे टिकाऊ तरीक़ा इकाई देखना है। किसी माप से पूछिए — यदि आँकड़े रुपयों में हों तो यह माप किसमें आएगी ? परास, माध्य विचलन, चतुर्थक विचलन और मानक विचलन सब रुपयों में ही आएँगे, इसलिए वे निरपेक्ष हैं; प्रसरण रुपये के वर्ग में आएगा, इसलिए वह भी निरपेक्ष कोटि का है। पर विचरण गुणांक में रुपया ऊपर और रुपया नीचे — दोनों कट जाते हैं और बचती है शुद्ध संख्या, इसलिए वह सापेक्ष है। नाम में 'गुणांक' होना भी यही संकेत देता है, क्योंकि गुणांक का अर्थ ही अनुपात है; इसी नियम से परास गुणांक और चतुर्थक विचलन गुणांक भी सापेक्ष मापें ठहरती हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)परास — परास सबसे सरल निरपेक्ष माप है — सबसे बड़े और सबसे छोटे प्रेक्षण का अन्तर। यदि आँकड़े रुपयों में हैं तो परास भी रुपयों में ही आएगा, इसलिए वह निरपेक्ष है। इसका सापेक्ष रूप अलग से बनाया जाता है — परास गुणांक, यानी (बड़ा − छोटा) ÷ (बड़ा + छोटा)। परास की एक बड़ी सीमा भी याद रखिए — वह केवल दो चरम प्रेक्षणों पर टिकी होती है और बीच के सारे मानों की उपेक्षा कर देती है, इसलिए एक भी असामान्य मान उसे बहुत बढ़ा देता है। गणना में सबसे सरल होने के कारण फिर भी वह सबसे अधिक प्रयोग में आती है।
- (b)माध्य विचलन — माध्य विचलन प्रेक्षणों के माध्य या माध्यिका से लिए गए विचलनों के निरपेक्ष मानों का औसत है, और वह भी आँकड़ों की उसी इकाई में आता है। इसका सापेक्ष रूप माध्य विचलन गुणांक कहलाता है, जो माध्य विचलन को माध्य या माध्यिका से भाग देकर निकाला जाता है। माध्य विचलन में विचलनों के निरपेक्ष मान लिए जाते हैं, क्योंकि चिह्न सहित लेने पर उनका योग शून्य हो जाता है। यही 'निरपेक्ष मान' लेने की मजबूरी उसे गणितीय दृष्टि से मानक विचलन से कम सुविधाजनक बनाती है, यद्यपि समझने में वह अधिक सरल है।
- (c)चतुर्थक विचलन — चतुर्थक विचलन तीसरे और पहले चतुर्थक के अन्तर का आधा है, अर्थात् (Q3 − Q1) ÷ 2, और वह भी आँकड़ों की अपनी इकाई में रहता है। यह माप चरम मानों से कम प्रभावित होती है, पर इससे उसकी कोटि नहीं बदलती — वह निरपेक्ष ही है। उसका सापेक्ष रूप चतुर्थक विचलन गुणांक है, (Q3 − Q1) ÷ (Q3 + Q1)। चतुर्थक विचलन बीच के पचास प्रतिशत प्रेक्षणों का फैलाव नापता है, इसलिए वह चरम मानों से कम प्रभावित होता है और विषम बंटनों में अधिक भरोसेमंद रहता है। पर यह गुण उसे सापेक्ष नहीं बनाता — कोटि तो इकाई से तय होती है, और उसकी इकाई आँकड़ों वाली ही रहती है।
अवधारणा
परिक्षेपण बताता है कि प्रेक्षण अपने केन्द्रीय मान के चारों ओर कितने फैले हुए हैं, और उसकी मापें दो कोटियों में बँटती हैं। निरपेक्ष मापें आँकड़ों की अपनी इकाई में आती हैं — परास सबसे सरल है और केवल दो चरम मानों पर टिकी होती है; चतुर्थक विचलन बीच के पचास प्रतिशत प्रेक्षणों के फैलाव को नापता है और इसलिए चरम मानों से कम प्रभावित होता है; माध्य विचलन सभी विचलनों के निरपेक्ष मानों का औसत है; और मानक विचलन विचलनों के वर्गों के औसत का वर्गमूल, जो गणितीय दृष्टि से सबसे उपयोगी माना जाता है। सापेक्ष मापें इन्हीं को किसी केन्द्रीय मान से भाग देकर इकाई-रहित बना देती हैं, ताकि अलग-अलग इकाइयों या बहुत भिन्न माध्य वाली शृंखलाओं की तुलना संभव हो सके — और उन्हीं में सबसे प्रचलित विचरण गुणांक है।
इस पुस्तिका में केवल दो प्रश्न निषेधात्मक हैं और यह उनमें दूसरा है; पहला Q15 है। दोनों में निषेध-सूचक शब्द पर छपाई में बल दिया गया है — हिन्दी स्तंभ में 'नहीं' मोटे तिरछे अक्षरों में छपा है — जिससे जल्दबाज़ी में उलटा उत्तर चुनने का ख़तरा कुछ घट जाता है। यह पेपर सांख्यिकी को केवल गणना के रूप में नहीं, वर्गीकरण के रूप में भी पूछता है, इसलिए मापों के नाम याद रखने के साथ उनकी कोटि भी याद रखनी पड़ती है। हिन्दी स्तंभ में चारों सांख्यिकीय पद पूरी तरह देवनागरी में अनूदित हैं और किसी के आगे कोष्ठक में अंग्रेज़ी पद नहीं दिया गया, इसलिए हिन्दी नाम पहचानना ही होगा।
मुख्य तथ्य
- विचरण गुणांक = (मानक विचलन ÷ समान्तर माध्य) × 100; अंश और हर दोनों एक ही इकाई में होने से वह इकाई-रहित हो जाता है।
- निरपेक्ष मापें — परास, चतुर्थक विचलन, माध्य विचलन, मानक विचलन और प्रसरण; ये सब आँकड़ों की इकाई में आती हैं।
- सापेक्ष मापें — परास गुणांक (बड़ा − छोटा) ÷ (बड़ा + छोटा), चतुर्थक विचलन गुणांक (Q3 − Q1) ÷ (Q3 + Q1), माध्य विचलन गुणांक और विचरण गुणांक।
- जिस शृंखला का विचरण गुणांक कम होता है वह अधिक संगत या स्थिर मानी जाती है, और यही तुलना का आधार बनता है।
- प्रसरण मानक विचलन का वर्ग है, इसलिए उसकी इकाई मूल इकाई का वर्ग होती है — यही उसे व्याख्या के लिए कम सुविधाजनक बनाता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- निषेधात्मक प्रश्न में सीधा उत्तर चुन लेना — यहाँ पूछा यह है कि कौन-सी माप निरपेक्ष नहीं है।
- 'गुणांक' शब्द वाली माप को भी निरपेक्ष मान लेना, जबकि गुणांक का अर्थ ही अनुपात है और अनुपात इकाई-रहित होता है।
- प्रसरण और मानक विचलन को एक मान लेना, जबकि प्रसरण उसका वर्ग है और उसकी इकाई भी वर्गित होती है।
सांख्यिकी की यह कोटि तीन रूपों में पूछी जाती है — कोई माप निरपेक्ष है या सापेक्ष, दो शृंखलाओं में से अधिक संगत कौन-सी है, और किसी माप का सूत्र या गुणधर्म। दूसरे रूप का उत्तर सदैव विचरण गुणांक से निकलता है, क्योंकि तुलना तभी संभव है जब माप इकाई-रहित हो। कभी-कभी प्रश्न चरम मानों के प्रभाव पर आता है, और तब उत्तर चतुर्थक विचलन या माध्यिका की ओर जाता है, क्योंकि वे चरम मानों से कम प्रभावित होते हैं।
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- (a) 27·8 and 3·21
- (b) 26·2 and 3·32
- (c) 27·8 and 3·32
- (d) 26·2 and 3·21
उत्तर(a) 27·8 and 3·21
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- (a) Sum of the first three quantities
- (b) A.M. of the first three quantities
- (c) (Sum of the first three quantities)/4
- (d) (Sum of the first three quantities)/2
उत्तर(b) A.M. of the first three quantities
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- (a) ₹ 1,00,000
- (b) ₹ 1,02,500
- (c) ₹ 1,05,000
- (d) ₹ 1,07,500
उत्तर(c) ₹ 1,05,000
इसी पेपर का किसी वस्तु के भंडार-आँकड़ों वाला प्रश्न — आँकड़ों के औसत और उनके उतार-चढ़ाव का व्यावहारिक प्रयोग।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
दो शृंखलाओं में से कौन अधिक संगत (consistent) है, यह जानने के लिए निम्नलिखित में से किस माप का प्रयोग किया जाता है ?
- (a)परास
- (b)माध्य विचलन
- (c)मानक विचलन
- (d)विचरण गुणांक
उत्तर(d) विचरण गुणांक — यह इकाई-रहित होता है, इसलिए भिन्न इकाइयों या भिन्न माध्य वाली शृंखलाओं की तुलना इसी से की जाती है; कम गुणांक अधिक संगति दिखाता है।