1 km की किसी दौड़ में, A, B को 40 m से और B, C को 50 m से हरा सकता है । 0·5 km की दौड़ में A, C को कितनी दूरी के अन्तर से हरा सकता है ?
- (a)42 m
- (b)43 m
- (c)44 m
- (d)45 m
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) 44 m — इस प्रश्न को खोलने वाला कदम यह है कि हराने की दूरियाँ जोड़ी नहीं जातीं, अनुपात की तरह गुणा की जाती हैं। पहले दोनों सूचनाओं को एक ही समय-सन्दर्भ में लाइए। जब A 1000 m दौड़ता है, तब B 960 m दौड़ता है। जब B 1000 m दौड़ता है, तब C 950 m दौड़ता है; अर्थात् C की चाल B की चाल की 0·95 गुनी है। इसलिए जिस समय में B ने 960 m तय किए, उसी समय में C ने 960 × 0·95 = 912 m तय किए। इस प्रकार 1 km की दौड़ में A, C को 1000 − 912 = 88 m से हराता है। अब दौड़ आधी, यानी 0·5 km की है, और चालें वही हैं, इसलिए हराने की दूरी भी आधी हो जाएगी — 44 m। इसी हल को अनुपात की भाषा में लिख लेना सबसे उपयोगी है, क्योंकि तब कोई भी अंक बदलने पर भी विधि वही रहती है। A : B = 1000 : 960 = 25 : 24 और B : C = 1000 : 950 = 20 : 19; दोनों को गुणा करने पर A : C = (25 × 20) : (24 × 19) = 500 : 456, अर्थात् 1000 : 912। यही 88 m का अन्तर देता है, और आधी दौड़ में आधा — 44 m। ध्यान दीजिए कि अनुपात गुणा करने से पहले उन्हें एक ही मध्य-पद पर लाना पड़ता है, और वह मध्य-पद B है; यही कदम जोड़ने वाली ग़लती से बचाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)42 m — 42 m किसी संगत रीति से नहीं निकलता। यह 44 के ठीक नीचे रखा गया मान है, ताकि 'लगभग इतना ही होगा' सोचकर चुनने वाले अभ्यर्थी की गणना पकड़ में आ जाए। सही मान चालों के अनुपात से आता है — C की चाल A की चाल की 0·96 × 0·95 = 0·912 गुनी है, और इसी से 1000 m पर 88 m का अन्तर बनता है।
- (b)43 m — 43 m के लिए भी कोई सुसंगत रास्ता नहीं है। ध्यान रखिए कि 1 km की दौड़ का अन्तर 88 m है, जो सम संख्या है, इसलिए आधी दौड़ का अन्तर पूर्ण संख्या ही बनेगा — और वह 44 है। बीच के मान केवल विकल्प-सूची भरने के लिए हैं।
- (d)45 m — 45 m इस प्रश्न का असली जाल है, क्योंकि यह सबसे स्वाभाविक ग़लती से निकलता है — 40 और 50 को जोड़कर 1 km पर 90 m मान लेना और उसे आधा कर देना। पर दोनों दूरियाँ अलग-अलग आधारों पर हैं: 50 m का अन्तर तब बनता है जब B पूरे 1000 m दौड़े, जबकि A के साथ की दौड़ में B केवल 960 m ही दौड़ पाता है। इसीलिए C का नुक़सान 50 नहीं, उसका 96% यानी 48 m रह जाता है, और कुल अन्तर 88 m बनता है।
अवधारणा
दौड़ के इन प्रश्नों की रीढ़ यह है कि 'इतने मीटर से हराना' वास्तव में चालों का अनुपात बताता है, दूरी का अन्तर नहीं। यदि 1000 m की दौड़ में A, B को d मीटर से हराता है, तो जिस समय में A ने 1000 m तय किए उसी समय में B ने (1000 − d) m तय किए, अर्थात् उनकी चालों का अनुपात 1000 : (1000 − d) है। तीन धावकों वाले प्रश्न में दो ऐसे अनुपात मिलते हैं और उन्हें मध्य-पद के सहारे जोड़कर एक कर लिया जाता है — इसी को अनुपातों का संयोजन कहते हैं, और यह गुणा से होता है, जोड़ से नहीं। एक बार A : C का अनुपात मिल जाए तो किसी भी लंबाई की दौड़ का अन्तर उसी अनुपात से निकल आता है, क्योंकि चालें वही रहती हैं और दूरी के साथ अन्तर समानुपाती रूप से बदलता है।
इस पेपर में दौड़ पर दो प्रश्न लगातार आए हैं और वे जान-बूझकर अलग-अलग रूप के हैं — पिछले में छूट दूरी के रूप में और हराना समय के रूप में था, इसमें दोनों दूरी के रूप में हैं। यह दूसरा रूप अधिक कठिन है, क्योंकि इसमें दो अनुपातों को जोड़ने का प्रलोभन बहुत प्रबल होता है और वही प्रलोभन एक विकल्प के रूप में रख भी दिया गया है। स्टेम में दूरी उठे हुए मध्य-बिन्दु वाले दशमलव से छपी है, अर्थात् 0·5 km का अर्थ आधा किलोमीटर है, और चारों विकल्प केवल मीटर में हैं। ऐसे प्रश्नों में अन्तिम वाक्य दोबारा पढ़ना आवश्यक है, क्योंकि दौड़ की लंबाई बदल जाने पर उत्तर भी उसी अनुपात में बदल जाता है।
मुख्य तथ्य
- A और B की चालों का अनुपात 1000 : 960, अर्थात् 25 : 24, क्योंकि A के 1000 m के समय में B 960 m ही दौड़ पाता है।
- B और C की चालों का अनुपात 1000 : 950, अर्थात् 20 : 19।
- दोनों अनुपातों को मध्य-पद B के सहारे गुणा करने पर A : C = 1000 : 912, यानी 1 km की दौड़ में 88 m का अन्तर।
- चालें वही रहें तो हराने की दूरी दौड़ की लंबाई के अनुपात में बदलती है — इसलिए आधी दौड़ में अन्तर भी आधा, 44 m।
- दो हराने की दूरियों को सीधे जोड़ देना ग़लत है, क्योंकि दोनों अलग-अलग आधारों पर नापी गई हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 40 और 50 को जोड़कर 1 km पर 90 m मान लेना — दोनों अन्तर अलग-अलग आधारों पर हैं, इसलिए उन्हें गुणा से जोड़ना पड़ता है।
- दौड़ की लंबाई बदलने पर अन्तर को उसी अनुपात में बदलना भूल जाना।
- अनुपातों को मध्य-पद पर लाए बिना ही गुणा कर देना, जिससे संयोजन ग़लत बैठ जाता है।
यह ढाँचा प्रायः तीन प्रतियोगियों के साथ ही आता है, और उत्तर कभी सीधे तो कभी उलटी दिशा में पूछा जाता है — 'A को C से कितनी छूट देनी चाहिए कि दौड़ बराबरी पर छूटे' या 'C को कितनी छूट मिलनी चाहिए'। कभी दौड़ की लंबाई बदल दी जाती है, जैसा यहाँ किया गया है। रास्ता हर बार वही रहता है: पहले हर जोड़ी के लिए चालों का अनुपात लिखिए, फिर उन्हें मध्य-पद के सहारे गुणा कीजिए, और अन्त में दौड़ की नई लंबाई से समानुपात लगाइए।
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अभ्यास
- practice — not a real PYQ
1 km की किसी दौड़ में A, B को 100 m से और B, C को 100 m से हरा सकता है । उसी 1 km की दौड़ में A, C को कितनी दूरी से हराएगा ?
- (a)180 m
- (b)190 m
- (c)200 m
- (d)210 m
उत्तर(b) 190 m — जब A 1000 m दौड़ता है तब B 900 m; और B के 900 m के समय में C केवल 810 m दौड़ पाता है, इसलिए अन्तर 190 m का है।