प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यह 60 वर्ष तक की आयु के सभी बैंक खाता-धारकों के लिए लागू है । 2. यह एक जीवन बीमा सुरक्षा है । 3. यह एक दुर्घटना बीमा सुरक्षा है । 4. यह बीमा, दुर्घटना से हुई मृत्यु और स्थायी निःशक्तता को बीमा सुरक्षा प्रदान करती है । उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं ?
- (a)केवल 1 और 2
- (b)केवल 3 और 4
- (c)केवल 2 और 3
- (d)केवल 1 और 4
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, (b) केवल 3 और 4 — इस सूची में कथन 2 और कथन 3 आपस में काटते हैं: एक ही योजना जीवन बीमा भी हो और दुर्घटना बीमा भी, यह हो नहीं सकता। इसलिए पहला काम यह तय करना है कि मई 2015 में आरम्भ हुई दो बीमा योजनाओं में से कौन-सी क्या है — प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जीवन बीमा देती है, और प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना बीमा। इससे कथन 3 सही और कथन 2 असत्य ठहरता है। कथन 4 भी सही है: यह योजना दुर्घटना से हुई मृत्यु और स्थायी निःशक्तता, दोनों को सुरक्षा देती है — पूर्ण स्थायी निःशक्तता या दुर्घटना-मृत्यु पर दो लाख रुपये और आंशिक स्थायी निःशक्तता पर एक लाख रुपये। कथन 1 की आयु-सीमा ग़लत है, क्योंकि यह योजना 18 से 70 वर्ष तक के बचत खाता-धारकों के लिए है, साठ वर्ष तक के लिए नहीं। इसलिए केवल 3 और 4 सही हैं। दोनों बीमा योजनाओं का भेद एक पंक्ति में बाँध लीजिए, क्योंकि परीक्षा उन्हें प्रायः एक-दूसरे के प्रश्न में रखकर जाँचती है: जीवन ज्योति जीवन का बीमा है और किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर देय है, जबकि सुरक्षा दुर्घटना का बीमा है और केवल दुर्घटना से हुई मृत्यु या स्थायी निःशक्तता पर। इसी अन्तर से आयु-सीमाएँ भी समझ में आ जाती हैं — जीवन बीमा में जोखिम आयु के साथ तेज़ी से बढ़ता है, इसलिए वहाँ प्रवेश पचास वर्ष पर बंद हो जाता है; दुर्घटना का जोखिम आयु पर उतना निर्भर नहीं करता, इसलिए यहाँ सुरक्षा सत्तर वर्ष तक चलती है। प्रीमियम का अन्तर भी इसी तर्क से निकलता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 और 2 — इसमें दोनों असत्य कथन एक साथ आ गए हैं। आयु-सीमा साठ वर्ष नहीं, सत्तर वर्ष है — और यही इस योजना को अटल पेंशन योजना से अलग करता है, जिसमें प्रवेश चालीस वर्ष पर बंद हो जाता है। और जीवन बीमा वाली बात दूसरी योजना की है। आयु-सीमा याद रखने का सूत्र यह है कि दुर्घटना का जोखिम आयु के साथ उतना नहीं बढ़ता जितना मृत्यु का, इसलिए दुर्घटना बीमा की ऊपरी सीमा अधिक रखी जा सकती है। यही कारण है कि इस योजना में सत्तर वर्ष तक सुरक्षा चलती है, जबकि जीवन बीमा वाली योजना में प्रवेश पचास पर ही बंद हो जाता है।
- (c)केवल 2 और 3 — कथन 3 तो सही है, पर उसी के साथ कथन 2 भी रख दिया गया है, जबकि दोनों एक साथ सत्य हो ही नहीं सकते। जीवन बीमा में किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर भुगतान होता है, जबकि दुर्घटना बीमा केवल दुर्घटना से हुई मृत्यु या निःशक्तता पर। यह विकल्प इसी भेद को न पकड़ पाने पर चुना जाता है। व्यावहारिक अन्तर भी स्पष्ट है: जीवन बीमा में दावा किसी भी कारण से हुई मृत्यु पर बनता है — बीमारी हो या दुर्घटना — जबकि दुर्घटना बीमा में स्वाभाविक कारणों से हुई मृत्यु पर कोई भुगतान नहीं होता। इसीलिए दोनों की प्रीमियम-राशियाँ भी बहुत अलग हैं।
- (d)केवल 1 और 4 — कथन 4 सही है, पर कथन 1 की आयु-सीमा नहीं। योजना अठारह से सत्तर वर्ष तक के बचत बैंक खाता-धारकों के लिए है, और प्रीमियम उसी खाते से स्वतः नामे द्वारा कट जाता है। साठ वर्ष की संख्या इसलिए परिचित लगती है कि पेंशन योजनाओं में यही आयु हितलाभ आरम्भ होने की होती है — पर वह दूसरी कोटि की योजना है। इस योजना की सुरक्षा तीन स्तरों पर बँटी है — दुर्घटना से मृत्यु और पूर्ण स्थायी निःशक्तता पर पूरी राशि, तथा आंशिक स्थायी निःशक्तता पर आधी। कथन 4 इसी दायरे का सही वर्णन करता है, इसलिए वह इस विकल्प का दोष नहीं; दोष केवल कथन 1 की आयु-सीमा में है।
अवधारणा
प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना एक वर्ष की अवधि वाली दुर्घटना बीमा योजना है, जिसका नवीकरण हर वर्ष होता है और जिसका बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है। इसकी बनावट चार बातों से बनी है। पहली, पात्रता — अठारह से सत्तर वर्ष तक का कोई भी बचत बैंक खाता-धारक, बिना किसी चिकित्सा जाँच के। दूसरी, प्रीमियम — बहुत कम वार्षिक राशि, जो खाते से स्वतः नामे द्वारा कट जाती है; यही 'स्वतः नामे' वाली व्यवस्था इसे बड़े पैमाने पर चलाने योग्य बनाती है। तीसरी, सुरक्षा का दायरा — दुर्घटना से हुई मृत्यु और स्थायी निःशक्तता, जिसमें पूर्ण निःशक्तता पर पूरी राशि और आंशिक निःशक्तता पर आधी राशि देय होती है। और चौथी, सीमा — बीमारी या स्वाभाविक मृत्यु इसके दायरे में नहीं आती, और यही इसे जीवन बीमा से अलग करता है।
9 मई 2015 को तीन योजनाएँ एक साथ आरम्भ हुई थीं — अटल पेंशन योजना, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना — और तीनों इस प्रश्नपत्र में अलग-अलग प्रश्नों के रूप में आई हैं। इन तीनों को जन सुरक्षा योजनाएँ कहा जाता है और वे प्रधान मंत्री जन धन योजना से खुले बैंक खातों के जाल पर टिकी हैं; बिना उस जाल के स्वतः नामे वाली व्यवस्था संभव ही नहीं थी। परीक्षा की दृष्टि से इनका सबसे उपयोगी अध्ययन तुलनात्मक है — तीनों की आयु-सीमा, प्रीमियम या अंशदान, हितलाभ और मृत्यु के बाद की व्यवस्था एक ही सारणी में रखकर याद कीजिए, क्योंकि प्रश्न प्रायः एक योजना का अंक दूसरी के नाम के साथ जोड़कर बनाया जाता है।
मुख्य तथ्य
- पात्रता — अठारह से सत्तर वर्ष तक के बचत बैंक खाता-धारक; प्रीमियम खाते से स्वतः नामे द्वारा कटता है।
- सुरक्षा — दुर्घटना से मृत्यु या पूर्ण स्थायी निःशक्तता पर दो लाख रुपये और आंशिक स्थायी निःशक्तता पर एक लाख रुपये।
- बीमा-वर्ष 1 जून से 31 मई तक चलता है और हर वर्ष नवीकरण कराना पड़ता है।
- वार्षिक प्रीमियम आरम्भ में बारह रुपये था और 1 जून 2022 से बढ़ाकर बीस रुपये कर दिया गया — यह सात वर्षों में पहला संशोधन था।
- बीमारी या स्वाभाविक कारणों से हुई मृत्यु इस योजना के दायरे में नहीं आती; उसके लिए प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- दोनों बीमा योजनाओं की आयु-सीमाएँ आपस में बदल देना — सुरक्षा बीमा योजना अठारह से सत्तर वर्ष तक है, जीवन ज्योति अठारह से पचास तक।
- कथन-सूची में दो परस्पर विरोधी कथनों को एक साथ रखने वाला विकल्प चुन लेना।
- आंशिक और पूर्ण स्थायी निःशक्तता की राशियाँ मिला देना — पूर्ण पर दो लाख और आंशिक पर एक लाख।
इन योजनाओं पर प्रश्न प्रायः चार बिंदुओं पर बनते हैं — आयु-सीमा, प्रीमियम, बीमा-राशि और सुरक्षा का दायरा — और कभी-कभी आरम्भ के वर्ष पर भी। कथन-सूची वाले रूप में सबसे तेज़ रास्ता यह देखना है कि कहीं दो कथन आपस में तो नहीं कट रहे, जैसा यहाँ जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा वाले कथनों में हुआ है। मिलान वाले प्रश्नों में तीनों जन सुरक्षा योजनाओं को उनके प्रीमियम या हितलाभ से जोड़ना पड़ता है, इसलिए आँकड़े तिथि सहित याद रखिए।
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- (a) 1 and 3 only
- (b) 1 and 4 only
- (c) 2 and 4 only
- (d) 2 and 3 only
उत्तर(c) 2 and 4 only
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- (a) 3 and 4 only
- (b) 1, 3 and 4 only
- (c) 1, 2 and 3 only
- (d) 1, 2, 3 and 4
उत्तर(c) 1, 2 and 3 only
इसी पेपर का अटल पेंशन योजना वाला कथन-प्रश्न — उन्हीं दिनों आरम्भ हुई तीसरी योजना, जहाँ आयु-सीमा 18 से 40 वर्ष है।
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- (a) 1, 2 and 3 only
- (b) 1, 2 and 4 only
- (c) 3 and 4 only
- (d) 1, 2, 3 and 4
उत्तर(d) 1, 2, 3 and 4
इसी पेपर का निजी बीमा और सामाजिक बीमा के भेद वाला प्रश्न — इन योजनाओं का सैद्धान्तिक आधार वहीं मिलता है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत दुर्घटना से मृत्यु या पूर्ण स्थायी निःशक्तता की दशा में कितनी बीमा राशि देय है ?
- (a)₹ 1 लाख
- (b)₹ 2 लाख
- (c)₹ 4 लाख
- (d)₹ 5 लाख
उत्तर(b) ₹ 2 लाख — आंशिक स्थायी निःशक्तता की दशा में यह राशि एक लाख रुपये होती है।