‘रोज़गार संबद्ध प्रोत्साहन (ईएलआई) योजना’ के अधीन भारत सरकार द्वारा हाल में उठाए गए क़दमों के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं ? 1. ईएलआई योजना का परिव्यय लगभग ₹ 1 लाख करोड़ है । 2. ईएलआई योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए ईपीएफओ में पंजीकृत प्रतिष्ठानों के लिए आवश्यक है कि वे कम-से-कम दो अतिरिक्त कर्मचारियों (जहाँ कर्मचारियों की संख्या 50 से कम है) अथवा पाँच अतिरिक्त कर्मचारियों (जहाँ कर्मचारियों की संख्या 50 या उससे अधिक है) को कम-से-कम छह माह के लिए दीर्घीकृत आधार पर रखें । नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2 दोनों
- (d)न तो 1 और न ही 2
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, (c) 1 और 2 दोनों — दोनों कथन सही हैं। योजना का परिव्यय लगभग एक लाख करोड़ रुपये है, और उसके अंतर्गत लाभ पाने के लिए प्रतिष्ठानों को उतने ही अतिरिक्त कर्मचारी रखने होते हैं जितने कथन 2 में बताए गए हैं।
कथन 1 परिव्यय के बारे में है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2025 को इस योजना को स्वीकृति दी और उसका परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये रखा गया। यह अंक एक लाख करोड़ से थोड़ा ही कम है, इसलिए 'लगभग एक लाख करोड़' कहना ठीक है। ध्यान दीजिए कि कथन में 'लगभग' शब्द छपा है — वही शब्द उसे सही बनाता है, और यदि वह न होता तो कथन पर आपत्ति की जा सकती थी।
कथन 2 पात्रता की शर्त के बारे में है, और वह भी ठीक है। नियोक्ताओं को मिलने वाले प्रोत्साहन के लिए शर्त यह है कि भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत प्रतिष्ठान अतिरिक्त कर्मचारी रखें — जिन प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों की संख्या पचास से कम है वहाँ कम से कम दो, और जहाँ पचास या उससे अधिक है वहाँ कम से कम पाँच — और यह भर्ती कम से कम छह माह तक दीर्घीकृत आधार पर बनी रहे।
यह दूसरी शर्त ही योजना का असली ढाँचा है। केवल भर्ती कर लेना पर्याप्त नहीं; कर्मचारी को टिकाना पड़ता है। छह माह की यह शर्त इसीलिए रखी गई कि प्रोत्साहन पाने के लिए दिखावटी और अल्पकालिक भर्ती न की जाए।
योजना का व्यापक ढाँचा दो भागों का है। पहला भाग पहली बार काम पर आने वाले कर्मचारियों के लिए है : भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत ऐसे कर्मचारियों को, जिनका वेतन एक लाख रुपये तक है, एक माह का भविष्य निधि वेतन पंद्रह हज़ार रुपये की सीमा तक दो किश्तों में मिलता है — पहली छह माह की सेवा के बाद और दूसरी बारह माह की सेवा तथा एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के बाद। दूसरा भाग नियोक्ताओं के लिए है, जिसमें प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर दो वर्ष तक तीन हज़ार रुपये मासिक तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, और विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष बल है।
योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोज़गार पर लागू है और उसका लक्ष्य दो वर्षों में साढ़े तीन करोड़ से अधिक रोज़गार है, जिनमें लगभग एक करोड़ बानवे लाख पहली बार काम पर आने वालों के लिए हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 — यह विकल्प केवल पहले कथन को सही मानता है, यानी परिव्यय तो ठीक मान लेता है पर पात्रता की शर्त को ग़लत ठहराता है। ऐसा करने के लिए कथन 2 में कोई भूल होनी चाहिए, और वह है नहीं। कथन 2 में तीन बातें हैं — दो और पाँच अतिरिक्त कर्मचारियों की संख्या, पचास की सीमा के दोनों ओर की स्थिति, और छह माह की अवधि — और तीनों योजना के अपने विवरण से मेल खाती हैं। संभव है कि अभ्यर्थी को कथन 2 की लंबाई और उसमें आए दो कोष्ठक भ्रम में डालें, क्योंकि पहली नज़र में लगता है कि दोनों कोष्ठक आपस में बदले जा सकते हैं। पर वे बदले नहीं जा सकते : छोटी संख्या छोटे प्रतिष्ठान के साथ है और बड़ी संख्या बड़े प्रतिष्ठान के साथ, और यही स्वाभाविक भी है।
- (b)केवल 2 — यह विकल्प केवल दूसरे कथन को सही मानता है, यानी पात्रता की शर्त तो ठीक मान लेता है पर परिव्यय को ग़लत ठहराता है। यहाँ भूल प्रायः 'लगभग' शब्द की उपेक्षा से होती है। योजना का घोषित परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये है, जो पूरे एक लाख करोड़ से कुछ कम है; जो अभ्यर्थी सटीक अंक जानता है और 'लगभग' शब्द पर ध्यान नहीं देता, वह कथन को ग़लत ठहरा देता है। यह उल्टी दिशा की भूल है — सामान्यतः चूक अंक न जानने से होती है, पर यहाँ अंक जानने वाला भी चूक सकता है। इसलिए 'लगभग', 'क़रीब', 'से अधिक' जैसे शब्दों पर विशेष ध्यान दीजिए : वे कथन की माँग को ढीला कर देते हैं और अनुमानित अंक को स्वीकार्य बना देते हैं।
- (d)न तो 1 और न ही 2 — यह विकल्प दोनों कथनों को ग़लत ठहराता है और इसीलिए सबसे दूर खड़ा है। दोनों कथन योजना के अपने विवरण से आते हैं और उनमें कोई अंक या शर्त बदली नहीं गई है। ऐसे विकल्प तक अभ्यर्थी प्रायः तब पहुँचता है जब योजना का नाम ही अपरिचित हो और वह अनुमान पर चला जाए। ऐसी स्थिति में भी दो सहारे हैं। पहला, कथन 2 की भीतरी संगति : छोटे प्रतिष्ठान के लिए कम और बड़े के लिए अधिक अतिरिक्त कर्मचारी — यह किसी भी ऐसी योजना की स्वाभाविक बनावट है। दूसरा, कथन 1 में 'लगभग' शब्द, जो उसे एक विस्तृत सीमा में सही बना देता है। दोनों सहारे इस विकल्प को कमज़ोर कर देते हैं।
अवधारणा
रोज़गार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाएँ उस विचार पर बनी हैं कि औपचारिक रोज़गार बढ़ाने के लिए नियोक्ता और कर्मचारी — दोनों को कुछ मिलना चाहिए, और वह भुगतान भविष्य निधि की व्यवस्था के माध्यम से किया जाए, क्योंकि वहीं औपचारिक भर्ती का सबसे भरोसेमंद अभिलेख बनता है।
इस योजना का ढाँचा दो भागों का है। पहला भाग कर्मचारी की ओर देखता है : पहली बार भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत होने वाले कर्मचारी को, जिसका वेतन एक लाख रुपये तक हो, एक माह का भविष्य निधि वेतन पंद्रह हज़ार रुपये की सीमा तक दो किश्तों में मिलता है — पहली छह माह की सेवा के बाद, दूसरी बारह माह की सेवा और एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के बाद।
दूसरा भाग नियोक्ता की ओर देखता है : पंजीकृत प्रतिष्ठान यदि तय संख्या में अतिरिक्त कर्मचारी रखे और उन्हें कम से कम छह माह तक बनाए रखे, तो उसे प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर दो वर्ष तक तीन हज़ार रुपये मासिक तक का प्रोत्साहन मिलता है। अतिरिक्त कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या प्रतिष्ठान के आकार से तय होती है — पचास से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान के लिए दो, पचास या अधिक वाले के लिए पाँच।
इस बनावट के पीछे तीन विचार हैं। पहला, पहली बार काम पर आने वालों को अलग से लक्ष्य बनाना, क्योंकि औपचारिक क्षेत्र में प्रवेश ही सबसे कठिन क़दम है। दूसरा, टिकाऊपन की शर्त, जिससे प्रोत्साहन पाने के लिए अल्पकालिक भर्ती न हो। तीसरा, आकार के अनुसार अलग-अलग सीमा, ताकि छोटे प्रतिष्ठान पर वही बोझ न पड़े जो बड़े पर।
यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोज़गार पर लागू है और विनिर्माण क्षेत्र पर उसमें विशेष बल है।
यह प्रश्न इस पेपर के सबसे लंबे कथनों में से एक रखता है — कथन 2 सात छपी हुई पंक्तियों तक जाता है और उसमें दो कोष्ठक हैं। ऐसे कथन को पढ़ने का सही तरीक़ा यह है कि उसे जोड़ियों में तोड़ा जाए : दो अतिरिक्त कर्मचारी उस कोष्ठक के साथ जो पचास से कम की स्थिति बताता है, और पाँच अतिरिक्त कर्मचारी उस कोष्ठक के साथ जो पचास या उससे अधिक की स्थिति बताता है। दोनों कोष्ठकों में वही संख्या पचास आती है, पर तुलना उलटी दिशा में है, इसलिए उन्हें आपस में बदलना पूरे अर्थ को उलट देता है।
छपाई की एक और बात यह है कि गिनती के शब्द — दो, पाँच, छह — देवनागरी शब्दों में हैं, जबकि सीमा की संख्या पचास पश्चिमी अंकों में। यह मिश्रण छपा हुआ है, और पढ़ते समय शब्द और अंक दोनों को समान ध्यान देना चाहिए, क्योंकि प्रश्न का पूरा भार इन्हीं संख्याओं पर है।
विषय की दृष्टि से यह प्रश्न उन तीन प्रश्नों के समूह का है जो इस पेपर में हाल की श्रम और सामाजिक सुरक्षा पहलों पर हैं। उनमें से एक में परीक्षक ने संख्या बदलकर कथन ग़लत किया है और दो में कुछ भी नहीं बदला। इससे यह सीख निकलती है कि परिचित योजना देखकर यह मान लेना कि कोई न कोई भूल होगी ही, अपने आप में एक भूल है — कथन को पढ़कर तय कीजिए, अपेक्षा से नहीं।
मुख्य तथ्य
- रोज़गार संबद्ध प्रोत्साहन योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2025 को स्वीकृति दी और उसका परिव्यय 99,446 करोड़ रुपये है — यही 'लगभग एक लाख करोड़ रुपये' वाले कथन को सही बनाता है।
- नियोक्ताओं को प्रोत्साहन पाने के लिए भविष्य निधि संगठन में पंजीकृत प्रतिष्ठानों को कम से कम दो अतिरिक्त कर्मचारी रखने होते हैं यदि कर्मचारियों की संख्या पचास से कम हो, और कम से कम पाँच यदि वह पचास या उससे अधिक हो।
- यह भर्ती कम से कम छह माह तक दीर्घीकृत आधार पर बनी रहनी चाहिए — यही शर्त प्रोत्साहन पाने के लिए की जाने वाली दिखावटी और अल्पकालिक भर्ती को रोकती है।
- पहले भाग में पहली बार पंजीकृत कर्मचारी को, जिसका वेतन एक लाख रुपये तक हो, एक माह का भविष्य निधि वेतन पंद्रह हज़ार रुपये की सीमा तक दो किश्तों में मिलता है — छह माह की सेवा के बाद और बारह माह की सेवा तथा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के बाद।
- दूसरे भाग में नियोक्ता को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी पर दो वर्ष तक तीन हज़ार रुपये मासिक तक का प्रोत्साहन मिलता है; योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोज़गार पर लागू है और उसका लक्ष्य साढ़े तीन करोड़ से अधिक रोज़गार है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कथन 2 के दोनों कोष्ठकों को आपस में बदल लेना; दोनों में संख्या पचास है पर तुलना उलटी दिशा में, और छोटी संख्या छोटे प्रतिष्ठान के साथ जाती है।
- 'लगभग' शब्द की उपेक्षा करके सटीक अंक न मिलने पर कथन को ग़लत ठहरा देना; यही शब्द अनुमानित अंक को स्वीकार्य बनाता है।
- केवल भर्ती को पर्याप्त मान लेना; प्रोत्साहन की शर्त में कम से कम छह माह तक कर्मचारी को बनाए रखना भी शामिल है।
सरकारी योजनाओं पर प्रश्न इस परीक्षा में तीन रूपों में आते हैं, और यह प्रश्न पहले रूप का उदाहरण है।
पहला रूप कथन-सूची का है, जिसमें एक कथन परिव्यय या लक्ष्य का होता है और दूसरा पात्रता की शर्त का। ऐसे प्रश्न में हर संख्या पर अलग से रुकिए, और साथ ही 'लगभग' या 'से अधिक' जैसे शब्दों को भी देखिए, क्योंकि वे कथन की माँग बदल देते हैं।
दूसरा रूप सीधा है — योजना का नाम देकर उसका मंत्रालय, आरंभ का वर्ष, परिव्यय या लाभार्थी पूछना। इसी परिवार के पहले के पेपरों में स्टार्टअप और स्वरोज़गार से जुड़ी योजनाओं पर ऐसे प्रश्न आ चुके हैं, जिनमें एक में यह पूछा गया कि किसी उद्यम की स्थापना किन-किन क्षेत्रों में हो सकती है।
तीसरा रूप संस्थागत है : योजना किस संगठन के माध्यम से चलती है और उसका वैधानिक आधार क्या है। यहाँ भविष्य निधि संगठन के अपने अधिनियम की जानकारी काम आती है, और उस पर इसी परिवार में कई प्रश्न आ चुके हैं। इसलिए हर बड़ी योजना के साथ चार बातें जोड़िए — परिव्यय, अवधि, पात्रता और क्रियान्वयन का माध्यम।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2023_Q35Which one of the following statements under the Employees' Provident Fund and Miscellaneous Provisions Act, 1952, is not correct ?
- (a) It makes provision for pension scheme including family pension.
- (b) It makes provision for Employees' Deposit Linked Insurance Scheme.
- (c) The provisions of the Act shall not be applicable to Cooperative Societies employing fifty or more persons working without the aid of power.
- (d) The contribution by the employer to the Fund shall be on the basis of the basic wage, dearness allowance and retaining allowance (if any) of the employee.
उत्तर(c) The provisions of the Act shall not be applicable to Cooperative Societies employing fifty or more persons working without the aid of power.
कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 के अंतर्गत कौन-सा कथन सही नहीं है — उसी अधिनियम की व्यवस्था पर परख, जिसके माध्यम से यह योजना चलती है।
EPFO_APFC_2023_Q30What is the minimum number of employees required to be working in an establishment, so that the employer, with the authorization of the majority of the employees of the establishment, may apply to the Central Government to authorize the employer to create a separate Provident Fund Account for the employees under the Employees’ Provident Funds and Miscellaneous Provisions Act, 1952?
- (a) One hundred
- (b) Three hundred
- (c) Five hundred
- (d) One thousand
उत्तर(a) One hundred
अलग भविष्य निधि खाता बनाने की अनुमति माँगने के लिए प्रतिष्ठान में कम से कम कितने कर्मचारी होने चाहिए — आधिकारिक कुंजी एक सौ की संख्या को स्वीकार करती है; प्रतिष्ठान के आकार पर टिकी शर्त का वही ढंग।
EPFO_EOAO_2017_Q51A StandUp enterprise can be established in 1. farming sector 2. manufacturing sector 3. service sector 4. trading sector Select the correct answer using the code given below.
- (a) 1, 2 and 4
- (b) 1, 3 and 4
- (c) 1, 2 and 3
- (d) 2, 3 and 4
उत्तर(d) 2, 3 and 4
किसी स्वरोज़गार योजना के अंतर्गत उद्यम किन क्षेत्रों में स्थापित किया जा सकता है — योजना की पात्रता-शर्तों पर सीधा प्रश्न।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
रोज़गार संबद्ध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जिस प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की संख्या 50 या उससे अधिक है, उसे लाभ पाने के लिए कम से कम कितने अतिरिक्त कर्मचारी रखने होंगे ?
- (a)दो
- (b)तीन
- (c)पाँच
- (d)दस
उत्तर(c) पाँच — पचास या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठान के लिए यह संख्या पाँच है, जबकि पचास से कम वाले प्रतिष्ठान के लिए दो; दोनों स्थितियों में भर्ती कम से कम छह माह तक बनी रहनी चाहिए।
- practice — not a real PYQ
इस योजना के पहले भाग में पहली बार पंजीकृत कर्मचारी को मिलने वाला एक माह का भविष्य निधि वेतन किस सीमा तक और कितनी किश्तों में दिया जाता है ?
- (a)₹ 15,000 तक, दो किश्तों में
- (b)₹ 15,000 तक, एक ही किश्त में
- (c)₹ 25,000 तक, दो किश्तों में
- (d)₹ 3,000 तक, प्रतिमाह
उत्तर(a) ₹ 15,000 तक, दो किश्तों में — पहली किश्त छह माह की सेवा के बाद और दूसरी बारह माह की सेवा तथा एक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के बाद; ₹ 3,000 प्रतिमाह वाला आँकड़ा दूसरे भाग के नियोक्ता-प्रोत्साहन का है।