निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a)पूँजी खाते में डेबिट शेष होता है ।
- (b)रोकड़ बही के बट्टा कॉलम में रोकड़ बट्टा दर्ज किया जाता है ।
- (c)पारंपरिक दृष्टिकोण के अंतर्गत बकाया किराया एक व्यक्तिगत खाता है ।
- (d)नकद बिक्री को बिक्री दैनिक पंजी में दर्ज नहीं किया जाता है ।
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — A, (a) पूँजी खाते में डेबिट शेष होता है । — प्रश्न पूछता है कि कौन-सा कथन सही नहीं है, और यही एकमात्र कथन है जो लेखांकन के मूल नियम के विरुद्ध जाता है। पूँजी खाते में सामान्यतः क्रेडिट शेष होता है।
इसका कारण व्यावसायिक इकाई की मान्यता है। लेखांकन में व्यवसाय और उसका स्वामी दो अलग व्यक्ति माने जाते हैं। स्वामी जो धन या संपत्ति व्यवसाय में लगाता है, वह व्यवसाय की दृष्टि से बाहर से आया हुआ ऋण जैसा है — व्यवसाय उसे स्वामी को लौटाने के लिए बाध्य है। इसलिए पूँजी व्यवसाय के लिए दायित्व है, और दायित्व का शेष क्रेडिट पक्ष में रहता है। लेखांकन समीकरण इसे एक पंक्ति में कह देता है : परिसंपत्तियाँ बराबर पूँजी जोड़ दायित्व। समीकरण के दाहिने पक्ष की हर मद क्रेडिट शेष रखती है।
पारंपरिक वर्गीकरण से भी यही निकलता है। पूँजी खाता स्वामी का व्यक्तिगत खाता है, और व्यक्तिगत खाते का नियम है — पाने वाले को डेबिट, देने वाले को क्रेडिट। स्वामी देने वाला है, इसलिए उसका खाता क्रेडिट होता है। वर्ष के दौरान लाभ जुड़ने पर यह शेष और बढ़ता है, तथा आहरण और हानि घटाने पर घटता है, पर सामान्य स्थिति में यह क्रेडिट ही रहता है।
एक अपवाद जानना उपयोगी है, क्योंकि परीक्षा कभी-कभी उसी पर खड़ी होती है : यदि संचित हानियाँ और आहरण मिलकर लगाई गई पूँजी से अधिक हो जाएँ, तो पूँजी खाते में डेबिट शेष आ सकता है, और साझेदारी में ऐसे साझेदार को अधिआहरित कहा जाता है। पर यह असामान्य स्थिति है, जबकि यहाँ का कथन उसे सामान्य नियम की तरह प्रस्तुत करता है — और इसी कारण वह सही नहीं है।
एक व्यावहारिक जाँच भी है : जिस मद का शेष चिट्ठे के दायित्व पक्ष में छपता है, उसका शेष क्रेडिट होगा। पूँजी वहीं छपती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (b)रोकड़ बही के बट्टा कॉलम में रोकड़ बट्टा दर्ज किया जाता है । — यह कथन सही है, इसलिए यह उत्तर नहीं हो सकता। रोकड़ बही के बट्टा कॉलम में केवल रोकड़ बट्टा दर्ज होता है — डेबिट पक्ष का बट्टा कॉलम दिया गया बट्टा दिखाता है और क्रेडिट पक्ष का प्राप्त बट्टा। रोकड़ बट्टा वह छूट है जो नियत समय से पहले भुगतान करने पर दी जाती है, इसलिए उसका संबंध भुगतान से है और उसे रोकड़ बही में जगह मिलती है। इसके ठीक विपरीत व्यापारिक बट्टा है : वह बीजक में ही घटाकर लिखा जाता है, इसलिए पुस्तकों में कहीं अलग से नहीं दिखता — न रोकड़ बही में, न किसी बट्टा खाते में। यही भेद इस कथन को सही बनाता है, और वही भेद इस विषय पर पूछे जाने वाले प्रश्नों का सबसे आम केंद्र भी है। ध्यान रहे कि बट्टा कॉलम का जोड़ आगे नहीं बढ़ाया जाता; उसे खाता बही के बट्टा खाते में अंतरित किया जाता है।
- (c)पारंपरिक दृष्टिकोण के अंतर्गत बकाया किराया एक व्यक्तिगत खाता है । — यह कथन भी सही है। पारंपरिक दृष्टिकोण खातों को तीन वर्गों में बाँटता है — व्यक्तिगत, वास्तविक और नाममात्र — और बकाया किराया इनमें से व्यक्तिगत वर्ग में आता है, अधिक ठीक कहें तो प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाते में। कारण सीधा है : किराया स्वयं व्यय है, पर 'बकाया किराया' किसी व्यय का नाम नहीं, उन व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व है जिन्हें वह किराया अभी देना शेष है। खाता उस देनदारी को रखता है, इसलिए वह उन व्यक्तियों की जगह खड़ा है और व्यक्तिगत खाते की तरह बरता जाता है। इसी परिवार के एक पहले के पेपर में 'बकाया किराया' का वर्गीकरण सीधे पूछा गया था और उसकी आधिकारिक कुंजी उसे प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता बताती है, जिससे यहाँ का कथन स्वतंत्र रूप से पुष्ट हो जाता है।
- (d)नकद बिक्री को बिक्री दैनिक पंजी में दर्ज नहीं किया जाता है । — यह कथन भी सही है, यद्यपि इसे पढ़ना सबसे कठिन है, क्योंकि इसमें अपना एक नकार पहले से मौजूद है और प्रश्न भी नकारात्मक है। ध्यान से पढ़िए : कथन कहता है कि नकद बिक्री बिक्री दैनिक पंजी में दर्ज नहीं होती, और यह ठीक है। बिक्री दैनिक पंजी केवल माल की उधार बिक्री रखती है। नकद बिक्री रोकड़ बही में जाती है, क्योंकि उसमें रोकड़ आती है। इसी तरह पुरानी मशीन या फ़र्नीचर जैसी परिसंपत्ति की बिक्री भी बिक्री दैनिक पंजी में नहीं आती — वह जर्नल प्रॉपर में जाती है, क्योंकि पंजी केवल व्यापार के माल के लिए है। जो अभ्यर्थी दो नकारों को एक साथ संभाल नहीं पाता, वह इसी विकल्प को उत्तर मान बैठता है; बचाव का तरीक़ा यह है कि पहले कथन को अकेले सही या ग़लत ठहराइए, और उसके बाद प्रश्न का नकार लगाइए।
अवधारणा
यह प्रश्न बहीखाता पद्धति की चार अलग-अलग बुनियादी बातों को एक साथ छूता है, इसलिए इसे विषय-सूची की तरह पढ़ना उपयोगी है।
पहली बात पूँजी की प्रकृति है। व्यावसायिक इकाई की मान्यता के अनुसार व्यवसाय स्वामी से अलग है, इसलिए स्वामी की लगाई पूँजी व्यवसाय का दायित्व है और उसका शेष क्रेडिट होता है। लेखांकन समीकरण — परिसंपत्तियाँ बराबर पूँजी जोड़ दायित्व — इसी को औपचारिक रूप देता है।
दूसरी बात दो प्रकार के बट्टों का भेद है। व्यापारिक बट्टा सूची मूल्य पर दी गई छूट है और बीजक में ही घटाकर लिखा जाता है, इसलिए पुस्तकों में उसका कोई अलग निशान नहीं रहता। रोकड़ बट्टा शीघ्र भुगतान पर दी गई छूट है, इसलिए वह रोकड़ बही के बट्टा कॉलमों में दर्ज होता है और आगे बट्टा खाते में जाता है।
तीसरी बात खातों का पारंपरिक वर्गीकरण है। व्यक्तिगत खातों में व्यक्ति और संस्थाएँ आती हैं, तथा उन्हीं में प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाते भी — बकाया वेतन, बकाया किराया, पूर्वदत्त बीमा और इसी तरह की मदें, जो किसी व्यक्ति का नाम नहीं लेतीं पर उन्हीं का प्रतिनिधित्व करती हैं।
चौथी बात सहायक बहियों का विभाजन है। क्रय पुस्तक और विक्रय पुस्तक केवल माल के उधार सौदे रखती हैं; नकद सौदे रोकड़ बही में जाते हैं; परिसंपत्तियों के सौदे और शेष सब कुछ जर्नल प्रॉपर में। यह विभाजन इसलिए बनाया गया कि एक ही प्रकार के सौदे एक जगह इकट्ठे रहें और खाता बही में उनका सामूहिक अंतरण हो सके।
पृष्ठ पर यह प्रश्न अपने ठीक पहले वाले प्रश्न से लगभग एक ही वाक्य साझा करता है; अंतर केवल एक शब्द का है — यहाँ मोटे और तिरछे अक्षरों में 'नहीं' जुड़ा हुआ है। दो पड़ोसी प्रश्न जब केवल एक उभारे हुए शब्द से अलग हों, तो पहला काम यही देखना है कि किसमें नकार है। यह पुस्तिका अपने सभी निषेधात्मक प्रश्नों में नकार को उभारकर छापती है, जो अभ्यर्थी के पक्ष में जाता है।
इस प्रश्न की दूसरी विशेषता यह है कि उसका एक विकल्प स्वयं नकारात्मक वाक्य है, और वह नकार साधारण अक्षरों में छपा है। इस तरह एक ही प्रश्न में दो स्तरों का नकार आ जाता है। ऐसी रचना में उत्तर निकालने का सुरक्षित तरीक़ा यह है कि हर विकल्प को अलग से सही या ग़लत ठहराया जाए, चारों के आगे निशान लगाया जाए, और उसके बाद प्रश्न की माँग के अनुसार चुना जाए।
विषय की दृष्टि से चारों विकल्प उन बातों से आते हैं जो बहीखाता पद्धति के पहले अध्यायों में ही पढ़ाई जाती हैं। यही इस खंड की प्रवृत्ति है : विषय-वस्तु बुनियादी, पर प्रस्तुति ऐसी कि पढ़ने में जल्दबाज़ी महँगी पड़े।
मुख्य तथ्य
- पूँजी खाते में सामान्यतः क्रेडिट शेष होता है, क्योंकि व्यावसायिक इकाई की मान्यता के अनुसार स्वामी की लगाई पूँजी व्यवसाय के लिए दायित्व है और चिट्ठे के दायित्व पक्ष में दिखती है।
- पूँजी खाते में डेबिट शेष केवल असामान्य स्थिति में आता है — जब संचित हानियाँ और आहरण मिलकर लगाई गई पूँजी से अधिक हो जाएँ; साझेदारी में ऐसे साझेदार को अधिआहरित कहा जाता है।
- रोकड़ बही के बट्टा कॉलम केवल रोकड़ बट्टा रखते हैं — डेबिट पक्ष में दिया गया, क्रेडिट पक्ष में प्राप्त; व्यापारिक बट्टा बीजक में ही घटा दिया जाता है और पुस्तकों में कहीं दर्ज नहीं होता।
- पारंपरिक दृष्टिकोण में बकाया किराया प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता है — यह उन व्यक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है जिन्हें किराया देना शेष है, इसलिए इसे व्यक्तिगत खाते की तरह बरता जाता है।
- बिक्री दैनिक पंजी में केवल माल की उधार बिक्री दर्ज होती है; नकद बिक्री रोकड़ बही में जाती है और परिसंपत्ति की बिक्री जर्नल प्रॉपर में, चाहे वह नकद हो या उधार।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- स्वामी के दृष्टिकोण से सोचकर पूँजी को परिसंपत्ति मान लेना; लेखांकन व्यवसाय के दृष्टिकोण से होता है और वहाँ पूँजी दायित्व है।
- निषेधात्मक प्रश्न में उस विकल्प को उत्तर मान लेना जिसमें स्वयं 'नहीं' छपा हो; दो नकार मिलकर कथन को सही बना सकते हैं।
- व्यापारिक बट्टे के लिए पुस्तकों में प्रविष्टि ढूँढ़ना; वह बीजक में ही घटा दिया जाता है और कहीं दर्ज नहीं होता।
इस विषय पर प्रश्न मुख्यतः दो साँचों में आते हैं। पहला साँचा यही है — चार स्वतंत्र कथन, जिनमें से एक सही या एक ग़लत छाँटना है। यहाँ कोई एक सूत्र काम नहीं आता; चारों को अलग-अलग तय करना पड़ता है, और यही इस साँचे की असली माँग है।
दूसरा साँचा वर्गीकरण का है : कोई एक मद देकर पूछना कि वह किस प्रकार का खाता है, या कोई एक सौदा देकर पूछना कि वह किस पुस्तक में जाएगा। इसी परिवार के पहले के पेपरों में बकाया किराया, ख्याति और आय-व्यय खाते का वर्गीकरण सीधे पूछा जा चुका है, और एक पेपर में यह भी कि नकद बिक्री का रोकड़ बही में दर्ज न होना किस प्रकार की भूल है।
तैयारी की दृष्टि से सबसे उपयोगी अभ्यास यह है कि हर मद के लिए तीन बातें एक साथ याद रखी जाएँ — वह किस वर्ग का खाता है, उसका शेष किस पक्ष में रहता है, और वह अंतिम खातों में कहाँ जाएगा। ये तीनों एक ही समझ के तीन रूप हैं, और प्रश्न किसी भी रूप से पूछा जा सकता है।
संबंधित PYQ
EPFO_EOAO_2023_Q45'Outstanding rent' may be classified as :
- (a) Natural personal account
- (b) Representative personal account
- (c) Real account
- (d) Nominal account
उत्तर(b) Representative personal account
'बकाया किराया' का वर्गीकरण पूछने वाला प्रश्न, जिसकी आधिकारिक कुंजी उसे प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता बताती है — यहाँ के विकल्प (c) की स्वतंत्र पुष्टि।
EPFO_APFC_2023_Q45Which one of the following is not an error of commission?
- (a) Overcasting of sales book
- (b) Credit sales to Ramesh ₹5,000 credited to his account
- (c) Wrong balancing of machinery account
- (d) Cash sales not recorded in cash book
उत्तर(d) Cash sales not recorded in cash book
करण की भूल न होने वाला विकल्प छाँटने का प्रश्न, जिसका कुंजीबद्ध उत्तर नकद बिक्री का रोकड़ बही में दर्ज न होना है — नकद सौदों की सही पुस्तक पर वही परख।
EPFO_APFC_2023_Q110Goodwill Account is a/an
- (a) Personal Account
- (b) Real Account
- (c) Nominal Account
- (d) Expense Account
उत्तर(b) Real Account
ख्याति खाता किस वर्ग का है — पारंपरिक वर्गीकरण पर वही अभ्यास, जिसमें कुंजी उसे वास्तविक खाता मानती है।
अभ्यास
- practice — not a real PYQ
पारंपरिक दृष्टिकोण के अनुसार 'पूर्वदत्त बीमा' (प्रीपेड इंश्योरेंस) किस प्रकार का खाता है ?
- (a)नाममात्र खाता
- (b)वास्तविक खाता
- (c)प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता
- (d)पूँजी खाता
उत्तर(c) प्रतिनिधि व्यक्तिगत खाता — बीमा स्वयं व्यय है, पर 'पूर्वदत्त बीमा' उस व्यक्ति या संस्था का प्रतिनिधित्व करता है जिससे अगली अवधि की सेवा पाना शेष है, इसलिए वह व्यक्तिगत खाते की तरह बरता जाता है; बकाया वेतन और बकाया किराया भी इसी वर्ग में आते हैं।
- practice — not a real PYQ
किसी व्यापारी ने ₹ 50,000 का माल सूची मूल्य पर 10 प्रतिशत व्यापारिक बट्टे पर उधार बेचा और नियत समय से पहले भुगतान मिलने पर 2 प्रतिशत रोकड़ बट्टा भी दिया । पुस्तकों में इनमें से क्या दर्ज होगा ?
- (a)केवल व्यापारिक बट्टा
- (b)केवल रोकड़ बट्टा
- (c)दोनों बट्टे
- (d)इनमें से कोई बट्टा नहीं
उत्तर(b) केवल रोकड़ बट्टा — व्यापारिक बट्टा बीजक में ही घटाकर लिखा जाता है, इसलिए बिक्री ₹ 45,000 की दर्ज होती है और बट्टे का अलग कोई लेख नहीं होता; रोकड़ बट्टा भुगतान के समय रोकड़ बही के बट्टा कॉलम में दर्ज होता है।