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16 previous year questions for Literature-Hindi from 2 years. Practice with year-wise breakdown.
16
Questions
2
Years
2
Papers
Answer all of the following questions (write your answers in your own words): Explain, with reference to the context, each of the following poetic extracts in about 150 words. 10×5 = 50
(a) तार राम नहीं पर भूपाला । भुवनेश्वर कलाधर कर काला ।। डमरु अमाय अयस भगंता । व्यापक अचल अनादि अनंता ।। [10M]
(b) कुहुंक कुहुंक पतिक बोलहिं रै । रक्त अंबु ब्युंडूं बन बोई ।। पै कर मुहँ नैन तर राति । को नरिउ बिसाति दुःख ताति ।। [10M]
(c) विपन्नता की पीड़ा हो व्यस्त, हो रहा स्पंदित विश्व महान। यही दुःख सुख विकास का सत्य, यही भूमंडल का मर्मय दान । [10M]
(d) चिन्तित होने का यह नहीं देखता मैं कारण, हे पुरुषसिंह, तुम भी यह शक्ति करो धारण, आराधना का दृढ़ आरास्य से दो उत्तर, तुम करो विश्व संवल्त प्राणों से प्राणों पर । [10M]
(e) सुना आपने जो वह मेरा नहीं, न वीणा का था : वह तो सब कुछ की कथा थी — महासागर, वह महान मौन; अभिज्ञात, अनात, अर्पणित, अभय — जो शब्दहीन सब में गाता है । [10M]
Answer all of the following questions:
(a) “‘कबीर ग्रंथावली’ के आधार पर कबीर के आध्यात्मिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए ।” [20M]
(b) “‘कृतिवासी के उत्तरकाण्ड में मध्यखण्ड के भारतेश्वर्य की समीक्षा की गई है।’ — इस कथन की सत्यता को स्पष्ट कीजिए ।” [15M]
(c) “‘भारत-भारती’ में ओजस्वी राष्ट्रीय चेतना का सजीव विश्लेषण कीजिए ।” [15M]
Answer all of the following questions:
(a) “‘कामायनी आधुनिक मर्यादा का प्रतिनिधि महाकाव्य है’ — स्पष्ट कीजिए ।” [20M]
(b) “‘युद्ध की समस्या मनुष्य की सारी समस्याओं की जड़ है’ — दिनकर के ‘कुरुक्षेत्र’ काव्य के आधार पर इस कथन के औचित्य पर प्रकाश डालिए ।” [15M]
(c) “‘विश्व की विभूति में मन को रमाने का जैसा अवसर भवित भावना में है; वैसा अन्तःसाधना में नहीं’ — ‘प्रसाद’ के आधार पर इस कथन की तर्कसंगत समीक्षा कीजिए ।” [15M]
Answer all of the following questions:
(a) “‘बिहारी की कविता शृंगारी है किन्तु प्रेम की उच्च भूमि पर नहीं पहुँच पाती’ — इस कथन की सम्यक् विवेचना कीजिए ।” [20M]
(b) “‘कुकुरमुत्ता’ कविता के मूल प्रतिपाद्य को स्पष्ट कीजिए ।” [15M]
(c) “‘त्रासाश्रय’ कविता की प्रतीक-योजना पर प्रकाश डालिए ।” [15M]
Answer all of the following questions: Explain, with reference to the context, each of the following prose passages in about 150 words. 10×5 = 50
(a) मैं जीवन में पहली बार समझ पाई कि क्यों कोई पर्वत-शिखरों को सहलाती मेघ-मालाओं में खो जाता है, क्यों किसी को अपने तन-मन की अपेक्षा आकाश में बनते-मिटते चित्रों का इतना मोह हो रहता है । [10M]
(b) कविता ही हृदय को प्रकृत दशा में लाती है और जगत के बीच प्रसार: उसका अधिकाधिक प्रसार करती हुई उसे मनुष्यत्व की उच्च भूमि पर ले जाती है । [10M]
(c) जिस तरह मर्द के मर जाने से औरत अनाथ हो जाती है, उसी तरह औरत के मर जाने से मर्द के हाथ-पाँव टूट जाते हैं । [10M]
(d) राष्ट्र-नीति, दार्शनिकता और कल्पना का लोक नहीं है । इस कठोर प्रत्यक्षवाद की समस्या बड़ी काँटिल होती है । [10M]
(e) काला साँप का काटा आदमी बच सकता है, हालाहल ज़हर पीने वाले की मौत रुक सकती है, किन्तु जिस पौधे को एक बार कर्मनाशा का पानी छू ले, वह फिर हरा नहीं हो सकता । [10M]
Answer all of the following questions:
(a) “‘कविता क्या है’ निबंध काव्य के सर्वांगपूर्ण विवेचन की दृष्टि से अद्वितीय बन पड़ा है” — इस कथन की सत्यता पर प्रकाश डालिए । [20M]
(b) “‘प्रसाद के नाटक भारत के इतिहास का पुनर्निर्माण करते हैं।’ — ‘ध्रुवस्वामिनी’ नाटक के आधार पर इस कथन की सोदाहरण समीक्षा कीजिए । [15M]
(c) भारतीय ग्रामीण जीवन को वैद सम्मान दिलाने की दृष्टि से ‘मैला आँचल’ उपन्यास की समीक्षा कीजिए । [15M]
Answer all of the following questions:
(a) “‘भारत दुर्दशा’ अतीत गौरव की चमकदार स्मृति है; आँस्रु भरा वर्तमान है और भविष्य निर्माण की प्रेरणा है।” — इस कथन की समीक्षा कीजिए । [20M]
(b) ‘गोदान’ उपन्यास के मूल प्रतिपाद्य पर प्रकाश डालिए । [15M]
(c) ‘भोला राम का जीव’ कहानी के माध्यम से हरिशंकर परसाई की व्यंग्य चेतना स्पष्ट कीजिए । [15M]
Answer all of the following questions:
(a) “‘तुलसी साहित्य के समान विरल मूल्य’, निबंध के आधार पर डॉ. रामविलास शर्मा की तुलसी-विषयक मान्यताओं की समीक्षा कीजिए ।” [20M]
(b) “‘आगरा का एक ताज’ नाटक के आधार पर लेखक के नारी-संबंधी दृष्टिकोण पर प्रकाश डालिए ।” [15M]
(c) “‘महाभोज’ उपन्यास राजनीति और अपराध के आपसी रिश्तों पर करारा प्रहार करता है” — स्पष्ट कीजिए । [15M]
Answer all the following passages in about 150 words each (write the answer in your own language):
(a) विरह अगनि तउ तूर समीरा । स्वास जरइ छन माहिं सरीरा ।। नयन सराहीं जुतु निज हिअं लागी । जौं न पाव देह बिहागनी ।। [10M]
(b) हा देव ! अब वे दिन कहाँ हैं और वे रातें कहाँ ? हैं काल की घातें कि कल की आज हैं बातें कहाँ ? क्या थे तथा अब क्या हुए हम, जानता बस काल है; भगवान् जाने, काल की कैसी निराली चाल है ! || [10M]
(c) महानित्य का विषम सम, उरी अखिल स्पंदनों की तू थाप, तेरी ही विभूति बनती है सृष्टि सदा होकर अभिशाप । [10M]
(d) अति-प्रचुरित कंटकित तन-मन वही करता रहा अनुभव कि नभ ने भी विनत हो मान ली है श्रेष्ठता उसकी !! [10M]
(e) छोटे-छोटे मोती जैसे उसके शीतल तुहिन कणों को, मानसरोवर के उन स्वर्णिम कमलों पर गिरते देखा है । [10M]
Answer all the following questions:
(a) गोस्वामी तुलसीदास रचित ‘कवितावली’ के उत्तरकांड के आधार पर उनकी भक्ति-भावना का स्वरूप स्पष्ट कीजिए । [20M]
(b) ‘कबीर वाणी के डिक्टेटर हैं’ — इस अभिमत के परिप्रेक्ष्य में कबीर की भाषा पर विचार कीजिए । [15M]
(c) बिहारी के विरह-वर्णन की मार्मिकता पर प्रकाश डालिए । [15M]
Answer all the following questions:
(a) निराला रचित ‘राम की शक्ति पूजा’ के शिल्प-विधान की समीक्षा कीजिए । [20M]
(b) ‘असाध्य वीणा’ के परिप्रेक्ष्य में ‘अज्ञेय’ के काव्यगत विशिष्टता पर प्रकाश डालिए । [15M]
(c) नागार्जुन के काव्य-वैविध्य पर सोदाहरण प्रकाश डालिए । [15M]
Answer all the following questions:
(a) सूरदास के वाक्-वैदग्ध्य की ‘भ्रमरगीत सार’ के आधार पर समीक्षा कीजिए । [20M]
(b) ‘कुरुक्षेत्र’ के आधार पर ‘दिनकर’ की युग-चेतना पर प्रकाश डालिए । [15M]
(c) नागार्जुन रचित ‘अकाल और उसके बाद’ की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए । [15M]
Answer all the following passages in about 150 words each:
(a) विपन्नता के इस अशान्त सागर में सोहाग ही वह तृण था, जिसे पकड़े हुए वह सागर को पार कर रही थी । इन असंगत शब्दों ने यथार्थ के निकट होने पर भी, मानो झटका दे कर उसके हाथ से वह तिनके का सहारा छीन लेना चाहा । बल्कि यथार्थ के निकट होने के कारण ही उनमें इतनी वेदना-शक्ति आ गई थी । [10M]
(b) वह संसार के सुख-दुःख अनुभव करता है । अनुभूति और विचार ही उसकी शक्ति हैं । उस अनुभूति का ही आदान-प्रदान वह देवी से कर सकता है । वह संसार के धूलि-धूसरित मार्ग का पथिक है । उस मार्ग पर देवी के नर्तन की कामना में वह अपना पुरुषत्व अर्पण करता है । वह आश्रय का आदान-प्रदान चाहता है । [10M]
(c) नीलोत्पल ! नहीं-नहीं ! यह अँधेरा नहीं रहेगा । मानवता के पुजारियों की सम्मिलित वाणी गूँजती है — पवित्र वाणी ! उन्हें प्रकाश मिल गया है । तेजोमय ! शत-विश्व पृथ्वी के चार पर शीतल चंदन लेप रहा है । प्रेम और अहिंसा की साधना सफल हो चुकी है । फिर कैसा भय ! [10M]
(d) आज तक वे भीतरी उबाल और बाहरी दबाव के बीच टुकड़े-टुकड़े हो कर हमेशा टूटते ही टकरे आए हैं । हर बार देश को लड़ाई के मैदान में ले तो जरूर गए हैं, पर जैसे ही गोलियाँ चली हैं, उसे वहीं छोड़कर भाग आए हैं — अकेला, निहत्था ! वह गोलियों की बौछार से लहूलुहान होता रहा है और ये खुद एक असह अपराध-बोध से । [10M]
(e) ... जैसे कहीं बहुत दूर बर्फ की चोटियों से परिंदों के झुंड नीचे अनजान देसों की ओर उड़े जा रहे हैं । इन दिनों अक्सर उसने अपने कमरे की खिड़की से उन्हें देखा है — धागे से बँधे चमकीले पतंगों की तरह वे एक लम्बी टेढ़ी-मेढ़ी कतार में उड़ते जाते हैं । [10M]
Answer all the following questions:
(a) ‘आषाढ़ का एक दिन’ के आधार पर मोहन राकेश की नाट्य-कला की समीक्षा कीजिए । [20M]
(b) ‘मैला आँचल’ के आधार पर फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ की कथा-भाषा की समीक्षा कीजिए । [15M]
(c) ‘दिव्या’ के आधार पर यशपाल की विचारधारा पर प्रकाश डालिए । [15M]
Answer all the following questions:
(a) ‘गोदान’ के कथा-विधान की समीक्षा कीजिए । [20M]
(b) ‘भारत-दुर्दशा’ की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिए । [15M]
(c) ‘रक्त-तिलक’ के आधार पर जयशंकर प्रसाद की राष्ट्रीय-चेतना पर प्रकाश डालिए । [15M]
Answer all the following questions:
(a) ‘परिन्दे’ कहानी के आधार पर निर्मल वर्मा की कहानी-कला की समीक्षा कीजिए । [20M]
(b) ‘श्रद्धा और भक्ति’ निबंध के आधार पर रामचंद्र शुक्ल की गद्य-शैली की समीक्षा कीजिए । [15M]
(c) “राजेंद्र यादव एक प्रयोगधर्मी कथाकार हैं” — इस कथन की ‘टूटना’ कहानी के आधार पर तर्कसंगत दृष्टि से विचार कीजिए । [15M]
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