निम्नलिखित में से कौन सी जैविक प्रक्रिया यह समझाती है कि अचानक और तीव्र शारीरिक व्यायाम के बाद मानव मांसपेशियों में अक्सर दर्द या "ऐंठन" (cramps) क्यों महसूस होती है?
- (a)एथिल अल्कोहल का संचय (Accumulation)
- (b)कार्बन डाइऑक्साइड का अत्यधिक उत्सर्जन
- (c)विटामिन C की गिरावट
- (d)लैक्टिक एसिड का संचय (Accumulation)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D. अचानक और तीव्र मेहनत में मांसपेशियों की कोशिकाओं में ऑक्सीजन कम पड़ जाती है।
ग्लूकोज़ तब भी कोशिकाद्रव्य (cytoplasm) में पाइरुवेट में टूटता है, पर माइटोकॉन्ड्रिया में कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनने के बजाय पाइरुवेट लैक्टिक एसिड में बदल जाता है।
NCERT की कक्षा 10 की पुस्तक यह सीधे कहती है: अचानक गतिविधि के दौरान हमारी मांसपेशियों में लैक्टिक एसिड का जमा होना ऐंठन (cramps) पैदा करता है → विकल्प (d)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)एथिल अल्कोहल का संचय (Accumulation) — एथिल अल्कोहल (एथेनॉल) वह है जो यीस्ट ऑक्सीजन के बिना श्वसन करते समय कार्बन डाइऑक्साइड के साथ बनाता है। मानव मांसपेशी इसके बजाय लैक्टिक एसिड वाला रास्ता लेती है।
- (b)कार्बन डाइऑक्साइड का अत्यधिक उत्सर्जन — कार्बन डाइऑक्साइड वायवीय (aerobic) श्वसन का उत्पाद है, यानी ठीक वही रास्ता जो तीव्र मेहनत में मांसपेशियों के लिए कम पड़ जाता है। पाइरुवेट से लैक्टिक एसिड बनने में कोई CO₂ नहीं निकलती।
- (c)विटामिन C की गिरावट — विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है, जो लंबे समय तक ख़राब आहार से होने वाला रोग है। इसका एक बार के व्यायाम से कोई संबंध नहीं है।
अवधारणा
श्वसन हमेशा एक ही तरह शुरू होता है: छह कार्बन वाला अणु ग्लूकोज़, कोशिकाद्रव्य में तीन कार्बन वाले अणु पाइरुवेट में टूटता है।
आगे क्या होगा, यह ऑक्सीजन पर निर्भर है। ऑक्सीजन हो, तो माइटोकॉन्ड्रिया पाइरुवेट को कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में तोड़ते हैं और कहीं ज़्यादा ऊर्जा छोड़ते हैं।
ऑक्सीजन न हो, तो यीस्ट पाइरुवेट को एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है, और ऑक्सीजन की कमी झेल रही मांसपेशी उसे लैक्टिक एसिड में।
NCERT लैक्टिक एसिड को अचानक गतिविधि के दौरान होने वाली ऐंठन से जोड़ती है, और प्रश्न ने भी यही शब्द लिया है: "ऐंठन"।
व्यायाम के एक से तीन दिन बाद सबसे ज़्यादा होने वाले दर्द (delayed onset muscle soreness) को अब मुख्य रूप से मांसपेशी तंतुओं की सूक्ष्म चोटों से जोड़ा जाता है, क्योंकि लैक्टिक एसिड लगभग एक घंटे में साफ़ हो जाता है। कुंजी पाठ्यपुस्तक वाले रास्ते पर चलती है।
मुख्य तथ्य
- ग्लूकोज़ कोशिकाद्रव्य में पाइरुवेट (तीन कार्बन वाला अणु) में टूटता है।
- यीस्ट में अवायवीय (anaerobic) श्वसन पाइरुवेट को एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है।
- ऑक्सीजन की कमी वाली मांसपेशी कोशिकाओं में पाइरुवेट लैक्टिक एसिड में बदलता है।
- माइटोकॉन्ड्रिया में वायवीय श्वसन पाइरुवेट को कार्बन डाइऑक्साइड और पानी में तोड़ता है और अवायवीय रास्तों से कहीं ज़्यादा ऊर्जा देता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- एथिल अल्कोहल चुन लेना, क्योंकि वह भी अवायवीय श्वसन से बनता है। एथेनॉल यीस्ट का रास्ता है, लैक्टिक एसिड मांसपेशी का।
- कार्बन डाइऑक्साइड चुन लेना, क्योंकि कड़े व्यायाम में साँस तेज़ चलती है। ऑक्सीजन की कमी वाला मांसपेशी का रास्ता कोई CO₂ नहीं छोड़ता।
26 Sep 2024, 12:30, GA Q.13 ग्लूकोज़, यीस्ट, ग्लाइकोलाइसिस और पाइरुविक एसिड को श्वसन में उनकी भूमिका से मिलाता है, और 12 Sep 2025, 09:00, GA Q.13 पूछता है कि श्वसन का कौन-सा रास्ता सबसे ज़्यादा ATP बनाता है (इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र)।
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