निम्नलिखित में से कौन-सी सममित एन्क्रिप्शन (Symmetric Encryption) का उपयोग करके संचार को सुरक्षित करने की एक कमी (Limitation) है?
- (a)इसे असममित एन्क्रिप्शन की तुलना में अधिक कम्प्यूटेशनल संसाधनों की आवश्यकता होती है
- (b)एन्क्रिप्शन और डीक्रिप्शन प्रक्रिया बहुत धीमी होती है
- (c)की (Key) के वितरण और प्रबंधन में कठिनाई होती है
- (d)इसका उपयोग डेटा एट रेस्ट के लिए नहीं किया जा सकता
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C. सममित एन्क्रिप्शन में एन्क्रिप्ट और डीक्रिप्ट, दोनों के लिए एक ही गुप्त कुंजी (key) इस्तेमाल होती है। विकल्प (c) इसे 'की (Key)' लिखता है।
बात शुरू करने से पहले दोनों पक्षों के पास यह कुंजी होनी चाहिए, इसलिए इसे सुरक्षित रूप से पहुँचाना पड़ता है, और हर जोड़ी को अपनी अलग कुंजी चाहिए।
NIST का उदाहरण: आपस में जोड़ियों में बात करने वाले 1,000 पक्षों को कम से कम 4,99,500 कुंजियाँ चाहिए। इतनी गुप्त कुंजियों को बाँटना और सँभालना ही वह कमी है → विकल्प (c)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)इसे असममित एन्क्रिप्शन की तुलना में अधिक कम्प्यूटेशनल संसाधनों की आवश्यकता होती है — बात उल्टी है। NIST के अनुसार सममित-कुंजी एल्गोरिद्म आम तौर पर असममित एल्गोरिद्म से काफ़ी तेज़ होते हैं, और उतनी ही सुरक्षा के लिए छोटी कुंजियाँ इस्तेमाल करते हैं।
- (b)एन्क्रिप्शन और डीक्रिप्शन प्रक्रिया बहुत धीमी होती है — गति तो सममित एन्क्रिप्शन का फ़ायदा है। धीमे असममित एल्गोरिद्म होते हैं, इसीलिए NIST बताता है कि उनसे बड़ी मात्रा में डेटा प्रोसेस नहीं किया जाता।
- (d)इसका उपयोग डेटा एट रेस्ट के लिए नहीं किया जा सकता — सममित एन्क्रिप्शन डेटा एट रेस्ट को भी बचाता है: NIST ने स्टोरेज डिवाइस पर रखे डेटा के लिए AES के XTS-AES मोड को मंज़ूरी दी है, और AES एक सममित साइफ़र है।
अवधारणा
सममित (secret-key) एल्गोरिद्म, जैसे AES, एन्क्रिप्शन और डीक्रिप्शन के लिए एक ही कुंजी इस्तेमाल करते हैं, इसलिए कुंजी गुप्त रहनी चाहिए और पहले से साझा होनी चाहिए।
असममित (public-key) एल्गोरिद्म एक कुंजी-जोड़ी इस्तेमाल करते हैं: एक सार्वजनिक कुंजी (public key), जिसे प्रकाशित किया जा सकता है, और एक निजी कुंजी (private key), जिसे उसका मालिक अपने पास रखता है।
सममित एल्गोरिद्म तेज़ हैं और असममित को कम कुंजियाँ चाहिए, इसलिए NIST एक आम हाइब्रिड तरीका बताता है: असममित विधि से एक सममित कुंजी तय की जाती है, और फिर वही कुंजी डेटा को एन्क्रिप्ट करती है।
मुख्य तथ्य
- सममित एन्क्रिप्शन में एन्क्रिप्ट और डीक्रिप्ट करने के लिए एक ही कुंजी होती है।
- जोड़ियों में बात करने वाले n पक्षों के लिए सममित एन्क्रिप्शन को n(n − 1)⁄2 कुंजियाँ चाहिए, जो 1,000 पक्षों के लिए 4,99,500 हैं।
- NIST: सममित-कुंजी एल्गोरिद्म आम तौर पर असममित-कुंजी एल्गोरिद्म से काफ़ी तेज़ होते हैं।
- AES एक सममित ब्लॉक साइफ़र है, और RSA एक सार्वजनिक-कुंजी (public-key) एल्गोरिद्म है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'सममित कमज़ोर होता है' याद रखकर 'बहुत धीमी' या 'अधिक कम्प्यूटेशनल संसाधनों' वाला विकल्प चुन लेना, जबकि तेज़ सममित ही है।
- मान लेना कि सममित कुंजियाँ केवल डेटा इन ट्रांज़िट के लिए हैं, जबकि स्टोरेज एन्क्रिप्शन में भी यही इस्तेमाल होती हैं।
एन्क्रिप्शन 19 Jan 2026, 11:00 AM, Computer Knowledge Q.15 (एन्क्रिप्शन इन ट्रांज़िट) और 19 Jan 2026, 11:00 AM, Computer Knowledge Q.5 (ईमेल के लिए S/MIME) में भी आता है।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।