ओएलई (OLE) में “ऑब्जेक्ट लिंकिंग” को संभालने वाला वह कौन-सा मेकैनिज़्म है, जो किसी रिमोट सर्वर के CLSID के साथ स्थायी (पर्सिस्टेंट) कनेक्शन बनाए रखता है?
- (a)बाइनरी लार्ज ऑब्जेक्ट (BLOB) इंडेक्सिंग
- (b)एब्स्ट्रैक्ट विंडो टूलकिट (AWT)
- (c)सिंपल मेल ट्रांसफ़र प्रोटोकॉल (SMTP)
- (d)कंपोनेंट ऑब्जेक्ट मॉडल (COM)
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D. OLE, जिसका मूल पूरा नाम Object Linking and Embedding था, कंपोनेंट ऑब्जेक्ट मॉडल (COM) पर चलता है। Microsoft के दस्तावेज़ों के अनुसार COM वह ढाँचा (infrastructure) देता है जिसके सहारे OLE ऑब्जेक्ट आपस में संवाद करते हैं।
प्रश्न का CLSID भी COM का ही शब्द है: यह किसी COM क्लास का ग्लोबली यूनिक आइडेंटिफ़ायर (globally unique identifier) होता है। Windows अलग-अलग तरह के OLE आइटम, जैसे Excel वर्कशीट और Excel चार्ट, को उनके CLSID से अलग पहचानता है।
लिंक के पीछे का मेकैनिज़्म COM है → विकल्प (d)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)बाइनरी लार्ज ऑब्जेक्ट (BLOB) इंडेक्सिंग — BLOB डेटाबेस का एक डेटा टाइप है, लिंकिंग का मेकैनिज़्म नहीं। MySQL इसे बाइनरी लार्ज ऑब्जेक्ट बताता है, जिसमें अलग-अलग मात्रा में डेटा रखा जा सकता है। BLOB की इंडेक्सिंग का OLE लिंक या CLSID से कोई लेना-देना नहीं है।
- (b)एब्स्ट्रैक्ट विंडो टूलकिट (AWT) — AWT Java का Abstract Window Toolkit है, जिसे Oracle GUI प्रोग्रामिंग में सहायक बताता है। यह Java प्रोग्रामों में विंडो और कंट्रोल बनाता है, और OLE में, जो COM पर बना है, इसकी कोई भूमिका नहीं है।
- (c)सिंपल मेल ट्रांसफ़र प्रोटोकॉल (SMTP) — SMTP सर्वरों के बीच ईमेल पहुँचाता है: RFC 5321 इसका उद्देश्य मेल को भरोसेमंद और कुशल ढंग से ट्रांसफ़र करना बताता है। प्रश्न के "सर्वर" और "कनेक्शन" यहाँ OLE के शब्द हैं, मेल के नहीं।
अवधारणा
OLE की मदद से एक ऐप्लिकेशन में बने दस्तावेज़ के भीतर किसी दूसरे ऐप्लिकेशन में बना आइटम रखा जा सकता है, जैसे वर्ड-प्रोसेसर फ़ाइल के भीतर स्प्रेडशीट के सेल। दस्तावेज़ वाला प्रोग्राम कंटेनर (container) कहलाता है, और आइटम बनाने वाला प्रोग्राम सर्वर (server)।
एम्बेडेड (embedded) आइटम अपना डेटा दस्तावेज़ के भीतर ही रखता है। लिंक्ड (linked) आइटम सिर्फ़ मूल डेटा तक का पाथ (path) रखता है, जो अक्सर किसी अलग फ़ाइल में होता है।
उस पर डबल-क्लिक करने से स्रोत ऐप्लिकेशन उसी मूल डेटा के साथ खुलता है।
दोनों तरह के आइटम के नीचे COM ऑब्जेक्ट होते हैं, और हर आइटम-प्रकार की पहचान उसके CLSID से होती है।
प्रश्न की भाषा पूरी तरह सटीक नहीं है। OLE में सर्वर वह ऐप्लिकेशन है जिसने आइटम बनाया, ज़रूरी नहीं कि वह कोई दूर की (रिमोट) मशीन हो।
CLSID ऑब्जेक्ट की एक क्लास को पहचानता है, और Windows रजिस्ट्री उसे उस प्रोग्राम से जोड़ती है जो उस क्लास के लिए सर्वर का काम करता है। फिर भी विकल्पों में से COM ही वह है जो OLE का हिस्सा है।
मुख्य तथ्य
- OLE मूल रूप से Object Linking and Embedding का संक्षिप्त रूप था।
- COM वह ढाँचा (infrastructure) देता है जिसके सहारे OLE ऑब्जेक्ट आपस में संवाद करते हैं।
- CLSID किसी COM क्लास का 128-बिट ग्लोबली यूनिक आइडेंटिफ़ायर है, जो कर्ली ब्रैकेट { } के भीतर हेक्स (hex) में लिखा जाता है।
- लिंक्ड आइटम मूल डेटा तक का पाथ रखता है, जबकि एम्बेडेड आइटम डेटा को दस्तावेज़ के भीतर ही रखता है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- प्रश्न में सर्वर और कनेक्शन देखकर SMTP चुन लेना, जबकि यहाँ दोनों OLE के शब्द हैं।
- "रिमोट सर्वर" को नेटवर्क की कोई मशीन समझ लेना, जबकि OLE में सर्वर वह ऐप्लिकेशन है जिसने आइटम बनाया।
प्रश्न OLE को उसकी अंदरूनी बनावट, यानी स्थायी (पर्सिस्टेंट) कनेक्शन और CLSID, से बताता है और उत्तर को डेटाबेस, Java और ईमेल के संक्षिप्त नामों (acronyms) के बीच छिपा देता है। हर संक्षिप्त नाम का पूरा रूप खोलते ही उत्तर तय हो जाता है।
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