निम्नलिखित में से किन कोशिकांगों का अपना स्वयं का डीएनए और राइबोसोम होता है ?
- (a)एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम और गॉल्जी बॉडी
- (b)माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट
- (c)एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम और साइटोस्केलेटन
- (d)कोशिका भित्ति और केन्द्रिका
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट। ये दोनों अर्ध-स्वायत्त कोशिकांग हैं : प्रत्येक अपना छोटा वृत्तीय डीएनए और अपने 70S राइबोसोम रखता है, जो उनके स्वतंत्र रूप से जीने वाले जीवाणु पूर्वजों की विरासत है (सहजीवी सिद्धांत), और इसी से वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना पाते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम और गॉल्जी बॉडी — अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी उपकरण प्रोटीन तथा लिपिड का प्रसंस्करण, वलन और पैकेजिंग करते हैं, किंतु इनमें से किसी में डीएनए या अपने राइबोसोम नहीं होते; खुरदरी जालिका पर लगे राइबोसोम कोशिकाद्रव्य के हैं, कोशिकांग के नहीं।
- (c)एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम और साइटोस्केलेटन — साइटोस्केलेटन सूक्ष्मनलिकाओं और तंतुओं का प्रोटीन ढाँचा है और इसमें कोई आनुवंशिक पदार्थ नहीं होता; अंतर्द्रव्यी जालिका में भी, जैसा ऊपर कहा गया, अपना डीएनए नहीं होता।
- (d)कोशिका भित्ति और केन्द्रिका — कोशिका भित्ति एक निर्जीव बाह्य आवरण है जिसमें डीएनए नहीं होता, और केन्द्रिका (केंद्रक के भीतर) राइबोसोम बनाती अवश्य है किंतु वह स्वयं उस अर्थ में डीएनए-सहित-राइबोसोम वाला कोशिकांग नहीं है जो यहाँ पूछा गया है।
अवधारणा
अधिकांश कोशिकांग अपने आनुवंशिक निर्देशों के लिए पूरी तरह केंद्रक पर निर्भर रहते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट अपवाद हैं — ये ‘अर्ध-स्वायत्त’ हैं, अपना डीएनए और राइबोसोम रखते हैं तथा स्वयं विभाजित होते हैं। यह उस सहजीवी सिद्धांत का समर्थन करता है जिसके अनुसार दोनों प्राचीन, स्वतंत्र रूप से जीने वाले प्रोकैरियोटों से उत्पन्न हुए जिन्हें किसी आरंभिक कोशिका ने निगल लिया था।
यह प्रश्न जाँचता है कि कौन-से कोशिकांग आंशिक रूप से स्वशासी हैं। जाल वाले विकल्प उन कोशिकांगों को जोड़ते हैं जो प्रोटीन या संरचना सँभालते हैं (अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी, साइटोस्केलेटन) या आवरण हैं (कोशिका भित्ति) — व्यस्त, महत्वपूर्ण संरचनाएँ, किंतु अपने जीनोम के बिना। ‘अपना डीएनए और राइबोसोम’ की शर्त केवल माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट पूरी करते हैं।
मुख्य तथ्य
- माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट — दोनों अपना वृत्तीय डीएनए और 70S राइबोसोम रखते हैं।
- यही अर्ध-स्वायत्तता उनके प्रोकैरियोटी उद्भव के सहजीवी सिद्धांत का आधार है।
- माइटोकॉन्ड्रिया वायवीय श्वसन करते हैं; क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण करते हैं।
- अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी उपकरण, लयनकाय और साइटोस्केलेटन का अपना कोई जीनोम नहीं होता।
केवल माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट अर्ध-स्वायत्त हैं (अपना डीएनए + राइबोसोम) — इसलिए विकल्प (b)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- खुरदरी अंतर्द्रव्यी जालिका पर जड़े राइबोसोम कोशिकाद्रव्यी राइबोसोम हैं, डीएनए-धारी कोशिकांग नहीं।
- केन्द्रिका राइबोसोम बनाती है, किंतु वह केंद्रक का ही एक उप-क्षेत्र है, कोई अलग डीएनए-सहित-राइबोसोम वाला कोशिकांग नहीं।
यह ‘किस/किन कोशिकांग का अपना डीएनए / आनुवंशिक पदार्थ होता है’ के रूप में पूछा जाता है, जिसमें अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी और लयनकाय भ्रामक विकल्प होते हैं।
संबंधित PYQ
कोशिका में केंद्रक के अतिरिक्त किस कोशिकांग में डीएनए होता है ?
- (a) तारककाय (सेंट्रिओल)
- (b) गॉल्जी उपकरण
- (c) लयनकाय
- (d) माइटोकॉन्ड्रियन
उत्तर(d) माइटोकॉन्ड्रियन
वही विचार, एक ही कोशिकांग तक सीमित — यूपीएससी ने पूछा कि केंद्रक के अतिरिक्त किस कोशिकांग में डीएनए होता है (माइटोकॉन्ड्रियन), और यही गुण (अपना डीएनए) क्लोरोप्लास्ट के साथ मिलकर इस एनडीए प्रश्न के युग्म को सही उत्तर बनाता है।
NDA_GAT_2024_II_Q522024निम्नलिखित में से किन दो कोशिकांगों का अपना स्वयं का आनुवंशिक पदार्थ होता है ?
- (a) अंतर्द्रव्यी जालिका और लवक
- (b) अंतर्द्रव्यी जालिका और माइटोकॉन्ड्रिया
- (c) माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
- (d) लयनकाय और गॉल्जी उपकरण
उत्तर(c) माइटोकॉन्ड्रिया और लवक
एक सत्र पहले मूलतः यही प्रश्न — एनडीए-II 2024 ने पूछा कि किन दो कोशिकांगों का अपना आनुवंशिक पदार्थ होता है (माइटोकॉन्ड्रिया और लवक/क्लोरोप्लास्ट), जो इस प्रश्न के ‘अपना डीएनए और राइबोसोम’ वाले युग्म से मेल खाता है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट में अपने डीएनए तथा राइबोसोम की उपस्थिति किस सिद्धांत का मुख्य प्रमाण है ?
- (a)कोशिका सिद्धांत
- (b)सहजीवी सिद्धांत
- (c)तरल मोज़ेक मॉडल
- (d)रोगाणु सिद्धांत
उत्तर(b) सहजीवी सिद्धांत — इन कोशिकांगों की अर्ध-स्वायत्तता प्रोकैरियोटी उद्भव की ओर संकेत करती है। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट के भीतर पाए जाने वाले राइबोसोम किस प्रकार के होते हैं ?
- (a)80S
- (b)70S
- (c)केवल 60S
- (d)कोई राइबोसोम नहीं
उत्तर(b) 70S — जीवाणु राइबोसोमों के ही आकार के, जो उनके सहजीवी उद्भव के अनुरूप है।