भारत में लैटेराइट मृदा निम्नलिखित में से किससे समृद्ध है ? 1. कैल्शियम; 2. नाइट्रोजन; 3. फॉस्फेट; 4. पोटाश। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1
- (b)1 और 2
- (c)3 और 4
- (d)केवल 4
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — D, पोटाश (मद 4)। लैटेराइट वहाँ बनती है जहाँ भारी उष्णकटिबंधीय वर्षा मृदा का तीव्र निक्षालन करती है, घुलनशील क्षारक बहा ले जाती है और लोहे तथा ऐलुमिनियम के ऑक्साइडों को संकेंद्रित कर देती है, जिनसे उसे लाल रंग मिलता है। दिए गए चार पोषकों में से जिसे परीक्षा उल्लेखनीय मात्रा में उपस्थित मानती है वह पोटाश है, जबकि लैटेराइट नाइट्रोजन (कार्बनिक पदार्थ बहुत कम), फॉस्फेट तथा कैल्शियम और चूने (दोनों निक्षालन से बह जाते हैं) में स्पष्ट रूप से निर्धन है। इससे अकेला पोटाश बचता है, अतः उत्तर केवल 4 है। ध्यान रहे कि लैटेराइट कुल मिलाकर निक्षालित और कम उर्वरता वाली मृदा है, इसलिए इस चयन को वास्तविक समृद्धि का संकेत मानने के बजाय ‘चारों में सबसे कम अनुपस्थित’ के रूप में पढ़ना ही उचित है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 — लैटेराइट बनाने वाले तीव्र निक्षालन में कैल्शियम (चूना) सबसे पहले हटने वाले क्षारकों में से है, इसलिए यह मृदा कैल्शियम में निर्धन है, समृद्ध नहीं।
- (b)1 और 2 — लैटेराइट में कैल्शियम और नाइट्रोजन — दोनों की कमी रहती है; ह्यूमस कम होने से नाइट्रोजन कम रहती है और निक्षालन से कैल्शियम — इसलिए इनमें से कोई भी उत्तर में नहीं आता।
- (c)3 और 4 — पोटाश तो सही है, किंतु लैटेराइट में फॉस्फेट कम होता है; यह विकल्प फॉस्फेट को गलत ढंग से जोड़ देता है, इसलिए अधिक गिन बैठता है।
अवधारणा
लैटेराइट मृदा गर्म, आर्द्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बनती है, जहाँ बारी-बारी से वर्षा और सूखने से तीव्र निक्षालन होता है। घुलनशील खनिज और क्षारक नीचे बह जाते हैं और पीछे अघुलनशील लोहे तथा ऐलुमिनियम के ऑक्साइडों से समृद्ध मृदा बचती है, जो कड़ी होकर लाल, ईंट जैसी परत बना लेती है। चूँकि निक्षालन अधिकांश पादप पोषक हटा देता है, लैटेराइट सामान्यतः कम उर्वरता वाली होती है और उत्पादक बनने के लिए खाद तथा उर्वरक माँगती है।
यह प्रश्न जाँचता है कि कौन-सा पोषक निक्षालन को इतना झेल लेता है कि गिना जा सके। भारतीय पाठ्यपुस्तक और परीक्षा परंपरा में पोटाश को ही उल्लेखनीय मात्रा में शेष माना जाता है, जबकि नाइट्रोजन, फॉस्फेट, कैल्शियम और कार्बनिक पदार्थ सभी क्षीण हो जाते हैं। ईमानदार चित्र यह है कि लैटेराइट कुल मिलाकर निर्धन मृदा है, इसलिए सबसे सुरक्षित तर्क यह है कि जिन पोषकों को निक्षालन स्पष्ट रूप से बहा ले जाता है उन्हें हटाकर पोटाश पर पहुँचा जाए।
मुख्य तथ्य
- लैटेराइट उष्णकटिबंध में उच्च तापमान और भारी वर्षा के अंतर्गत तीव्र निक्षालन से बनती है।
- यह लोहे और ऐलुमिनियम के ऑक्साइडों से समृद्ध होती है, जिनसे उसका विशिष्ट लाल रंग आता है, किंतु कार्बनिक पदार्थ में निर्धन रहती है।
- यह नाइट्रोजन, फॉस्फेट, कैल्शियम और चूने में निर्धन है; प्रमुख पोषकों में पोटाश को ही उल्लेखनीय मात्रा में उपस्थित माना जाता है।
- खाद और सिंचाई के साथ यह प्रायद्वीपीय भारत में काजू तथा टैपिओका जैसी फसलों को सहारा देती है।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- लैटेराइट को उर्वर मृदा मान लेना — वह अत्यधिक निक्षालित और अधिकांश पोषकों में निर्धन है।
- उत्तर में फॉस्फेट या कैल्शियम जोड़ देना, जबकि लैटेराइट में दोनों की कमी है।
पूछा जाता है कि लैटेराइट में कौन-सा पोषक उल्लेखनीय मात्रा में मिलता है, अथवा निक्षालन, लाल रंग और विशिष्ट फसलों से लैटेराइट को पहचानने को कहा जाता है।
संबंधित PYQ
भारत की लैटेराइट मृदाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं ? 1. ये सामान्यतः लाल रंग की होती हैं। 2. ये नाइट्रोजन और पोटाश से समृद्ध होती हैं। 3. ये राजस्थान और उत्तर प्रदेश में सुविकसित हैं। 4. इन मृदाओं पर टैपिओका और काजू अच्छे उगते हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) 1, 2 और 3
- (b) 2, 3 और 4
- (c) 1 और 4
- (d) केवल 2 और 3
उत्तर(c) 1 और 4 — लैटेराइट लाल होती है और टैपिओका तथा काजू के अनुकूल है; कुंजी ‘नाइट्रोजन और पोटाश से समृद्ध’ को अस्वीकार करती है।
वही मृदा, किंतु ध्यान दीजिए कि प्रस्तुति भिन्न है — यूपीएससी की कुंजी यहाँ लैटेराइट को नाइट्रोजन और पोटाश से समृद्ध नहीं मानती, और इसी से पता चलता है कि यह एनडीए प्रश्न ढीला क्यों आँका गया है; फिर भी दोनों इस पर सहमत हैं कि लैटेराइट लाल है और उस पर काजू तथा टैपिओका उगते हैं।
NDA_GAT_2024_II_Q1392024भारत में लैटेराइट मृदा में निम्नलिखित में से क्या उल्लेखनीय मात्रा में पाया जाता है ?
- (a) कैल्शियम
- (b) फॉस्फेट
- (c) पोटाश
- (d) नाइट्रोजन
उत्तर(c) पोटाश — वही पोषक जिसे एनडीए कुंजी लैटेराइट में उल्लेखनीय मात्रा में उपस्थित मानती है।
पिछले वर्ष के एनडीए GAT से सीधा समांतर प्रश्न — वही परंपरा कि लैटेराइट में पोटाश शेष रहता है, और इसीलिए 2025 का यह प्रश्न भी पोटाश (केवल 4) पर आँका गया है।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
भारत की लैटेराइट मृदाएँ निम्नलिखित में से किस फसल-युग्म के लिए सर्वाधिक उपयुक्त हैं ?
- (a)गेहूँ और चना
- (b)काजू और टैपिओका
- (c)कपास और गन्ना
- (d)चावल और जूट
उत्तर(b) काजू और टैपिओका — वृक्ष और कंद वाली ये फसलें प्रायद्वीपीय भारत की निक्षालित लैटेराइट मृदाओं पर अच्छी उगती हैं। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
लैटेराइट मृदा का विशिष्ट लाल रंग मुख्यतः निम्नलिखित में से किसके कारण होता है ?
- (a)आयरन ऑक्साइड
- (b)कैल्सियम कार्बोनेट
- (c)ह्यूमस
- (d)सिलिका
उत्तर(a) आयरन ऑक्साइड — निक्षालन के बाद पीछे बचे लौह ऑक्साइडों का संकेंद्रण लैटेराइट को लाल रंग देता है।