एक बिंदुबिंब को गोलीय अवतल दर्पण के वक्रता केंद्र पर रखा जाता है । निम्नलिखित में से कौन-सी, निर्मित प्रतिबिंब की सही स्थिति होगी ?
- (a)अनंत पर
- (b)वक्रता केंद्र पर
- (c)फोकस बिंदु पर
- (d)फोकस बिंदु और वक्रता केंद्र के बीच
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — B, वक्रता केंद्र पर। अवतल दर्पण में जब बिंब ठीक वक्रता केंद्र (C) पर रखा जाता है, तब परावर्तित किरणें पुनः C पर ही मिलती हैं और वक्रता केंद्र पर ही बिंब के समान आकार का वास्तविक, उल्टा प्रतिबिंब बनता है। यह दर्पण सूत्र से भी निकलता है: u = 2f रखने पर v = 2f मिलता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)अनंत पर — प्रतिबिंब अनंत पर तभी बनता है जब बिंब अवतल दर्पण के फोकस (F) पर रखा जाए, वक्रता केंद्र पर नहीं।
- (c)फोकस बिंदु पर — फोकस (F) पर वास्तविक प्रतिबिंब तब बनता है जब बिंब अनंत पर हो (समांतर किरणें), न कि तब जब वह C पर हो।
- (d)फोकस बिंदु और वक्रता केंद्र के बीच — प्रतिबिंब F और C के बीच तभी बनता है जब बिंब वक्रता केंद्र से परे रखा जाए; ठीक C पर रखे बिंब का प्रतिबिंब स्वयं C पर ही बनता है।
अवधारणा
अवतल (अभिसारी) दर्पण का वक्रता केंद्र C, R (त्रिज्या) की दूरी पर होता है और फोकस F, R/2 पर; अतः C = 2F। प्रतिबिंब कहाँ बनेगा और उसकी प्रकृति क्या होगी, यह इस पर निर्भर करता है कि बिंब F और C के सापेक्ष कहाँ रखा गया है। दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f में u = 2f रखने पर v = 2f मिलता है — अर्थात् प्रतिबिंब C पर।
अवतल दर्पण के लिए बिंब-स्थिति की मानक तालिका याद रखिए। C पर रखा बिंब वह विशेष 'समान-आकार' प्रसंग है: प्रतिबिंब C पर, वास्तविक, उल्टा, आवर्धन 1। तीनों विकर्षक निकटवर्ती बिंब-स्थितियों के प्रतिबिंब हैं (F पर -> प्रतिबिंब अनंत पर; अनंत पर -> प्रतिबिंब F पर; C से परे -> प्रतिबिंब F और C के बीच)।
मुख्य तथ्य
- अवतल दर्पण: वक्रता केंद्र C फोकस दूरी के दुगुने पर होता है (R = 2f)।
- बिंब C पर -> प्रतिबिंब C पर: वास्तविक, उल्टा, समान आकार (आवर्धन = 1)।
- बिंब F पर -> प्रतिबिंब अनंत पर; बिंब अनंत पर -> प्रतिबिंब F पर।
- बिंब C से परे -> प्रतिबिंब F और C के बीच (वास्तविक, उल्टा, छोटा)।
बिंब C पर हो तो प्रतिबिंब वापस C पर ही बनता है — यही समान-आकार वाला प्रसंग है (विकल्प B)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'बिंब F पर -> प्रतिबिंब अनंत पर' और 'बिंब अनंत पर -> प्रतिबिंब F पर' — इन दोनों प्रसंगों को आपस में बदल देना।
- यह भूल जाना कि C पर प्रतिबिंब समान आकार का होता है (आवर्धन ठीक 1)।
'बिंब C/F पर या C से परे हो तो प्रतिबिंब कहाँ बनेगा' के रूप में, अथवा किसी संख्यात्मक प्रश्न में दर्पण सूत्र के माध्यम से पूछा जाता है।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
अवतल दर्पण में प्रतिबिंब वास्तविक, उल्टा तथा बिंब के समान आकार का तब बनता है जब बिंब रखा जाए
- (a)फोकस पर
- (b)फोकस और ध्रुव के बीच
- (c)वक्रता केंद्र पर
- (d)अनंत पर
उत्तर(c) वक्रता केंद्र पर — प्रतिबिंब C पर, समान आकार का। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
अवतल दर्पण अपने फोकस पर अत्यंत छोटा, वास्तविक प्रतिबिंब तब बनाता है जब बिंब हो
- (a)C पर
- (b)F पर
- (c)अनंत पर
- (d)P और F के बीच
उत्तर(c) अनंत पर — समांतर किरणें फोकस पर अभिसरित हो जाती हैं।