पांच से अधिक वर्षों के लिए परती छोड़ी गई भूमि को क्या कहा जाता है ?
- (a)वर्तमान परती भूमि
- (b)पुरातन परती भूमि
- (c)कृषि योग्य व्यर्थ भूमि
- (d)बंजर और व्यर्थ भूमि
उत्तर
क्यों
सही उत्तर — C, कृषि योग्य व्यर्थ भूमि। भारत के नौ-गुना भू-उपयोग वर्गीकरण में जो भूमि पाँच वर्ष से अधिक समय तक अकृष्ट पड़ी रही हो — किंतु अब भी कृषि योग्य हो — उसे 'कृषि योग्य व्यर्थ भूमि' कहा जाता है। केवल चालू वर्ष के लिए परती पड़ी भूमि 'वर्तमान परती' है, और एक से पाँच वर्ष तक परती रही भूमि 'वर्तमान परती से भिन्न परती' (पुरातन परती) है; अंतराल पाँच वर्ष से अधिक होते ही वह खेत कृषि-योग्य-व्यर्थ श्रेणी में चला जाता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)वर्तमान परती भूमि — 'वर्तमान परती' वह भूमि है जो केवल चालू कृषि वर्ष (लगभग एक वर्ष) के लिए अकृष्ट छोड़ी गई हो, पाँच वर्ष से अधिक के लिए नहीं।
- (b)पुरातन परती भूमि — यह 'पुरातन परती' श्रेणी उस भूमि को समेटती है जो एक से पाँच वर्ष तक अकृष्ट रही हो; पाँच वर्ष से आगे उसे कृषि योग्य व्यर्थ भूमि के रूप में पुनर्वर्गीकृत कर दिया जाता है।
- (d)बंजर और व्यर्थ भूमि — बंजर और कृषि-अयोग्य व्यर्थ भूमि को खेती के अंतर्गत लाया ही नहीं जा सकता (मरुस्थल, चट्टानी या पहाड़ी भूभाग)। प्रश्न में वर्णित भूमि अब भी कृषि योग्य है, अतः वह 'बंजर' नहीं है।
अवधारणा
भारत के भू-उपयोग आँकड़े नौ-गुना वर्गीकरण का प्रयोग करते हैं। इनमें से तीन श्रेणियाँ केवल इसी आधार पर अलग होती हैं कि कोई कृषि योग्य भूखंड कितने समय तक परती छोड़ा गया: वर्तमान परती (इस वर्ष), वर्तमान परती से भिन्न परती / पुरातन परती (1-5 वर्ष), और कृषि योग्य व्यर्थ भूमि (पाँच वर्ष से अधिक, किंतु अब भी कृषि योग्य)। बंजर और कृषि-अयोग्य व्यर्थ भूमि एक अलग श्रेणी है — ऐसी भूमि जिस पर खेती हो ही नहीं सकती।
पूरा प्रश्न अवधि पर टिका है: एक वर्ष = वर्तमान परती; एक से पाँच वर्ष = पुरातन परती; पाँच वर्ष से अधिक = कृषि योग्य व्यर्थ भूमि। 'बंजर और व्यर्थ भूमि' उनके लिए जाल है जो 'व्यर्थ' शब्द पढ़कर यह ध्यान नहीं देते कि भूमि अब भी कृषि योग्य है।
मुख्य तथ्य
- वर्तमान परती — चालू कृषि वर्ष (लगभग एक वर्ष) के लिए अकृष्ट छोड़ी गई भूमि।
- वर्तमान परती से भिन्न परती (पुरातन परती) — एक से पाँच वर्ष तक अकृष्ट रही भूमि।
- कृषि योग्य व्यर्थ भूमि — पाँच वर्ष से अधिक समय तक अकृष्ट रही कृषि योग्य भूमि।
- बंजर और कृषि-अयोग्य व्यर्थ भूमि — ऐसी भूमि जिस पर खेती हो ही नहीं सकती (मरुस्थल, चट्टानी/पहाड़ी, हिमाच्छादित)।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- कृषि योग्य व्यर्थ भूमि (अब भी कृषि योग्य) और बंजर व्यर्थ भूमि (कृषि अयोग्य) को एक कर देना।
- वर्तमान परती (एक वर्ष) और वर्तमान परती से भिन्न परती (एक से पाँच वर्ष) को आपस में मिला देना।
भू-उपयोग वर्गीकरण के भीतर परिभाषा-मिलान, जिसकी कुंजी परती अवधि की लंबाई होती है।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
एक से पाँच वर्ष की अवधि तक अकृष्ट छोड़ी गई भूमि किस श्रेणी में आती है ?
- (a)वर्तमान परती
- (b)वर्तमान परती से भिन्न परती
- (c)कृषि योग्य व्यर्थ भूमि
- (d)शुद्ध बोया गया क्षेत्र
उत्तर(b) वर्तमान परती से भिन्न परती (पुरातन परती)। - अभ्यास प्रश्न — वास्तविक PYQ नहीं
कौन-सी श्रेणी उस भूमि को दर्शाती है जिसे खेती के अंतर्गत लाया ही नहीं जा सकता ?
- (a)कृषि योग्य व्यर्थ भूमि
- (b)वर्तमान परती
- (c)बंजर और कृषि-अयोग्य व्यर्थ भूमि
- (d)स्थायी चरागाह
उत्तर(c) बंजर और कृषि-अयोग्य व्यर्थ भूमि।