निम्नलिखित में से कौन-सा, आग्नेय और कायांतरित शैल दोनों का उदाहरण है ?
- (a)गैब्रो
- (b)गाइजराइट
- (c)नाइसाभ (Gneissoid)
- (d)ग्रेनाइट
उत्तर
क्यों
सही — D, ग्रेनाइट. ग्रेनाइट सामान्यतः अंतर्वेधी (प्लूटोनिक) आग्नेय शैल है, जो क्वार्ट्ज़ और फेल्स्पार से भरपूर मैग्मा के धीमे ठंडा होने से बनता है । किंतु भूवैज्ञानिक कायांतरिक उद्गम वाले ग्रेनाइट को भी मानते हैं: गहराई में दबी और गलनांक के निकट तप्त शैलें ग्रेनाइटीकरण / एनाटेक्सिस (आंशिक गलन और पुनःक्रिस्टलन) द्वारा ग्रेनाइट में बदल सकती हैं । चूँकि ग्रेनाइट दोनों मार्गों से बन सकता है, यह उस शैल का मानक पाठ्यपुस्तकीय उदाहरण है जो आग्नेय और कायांतरित दोनों है । (नाइसीय 'ग्रेनाइट नाइस' को भी तर्कतः दोहरे उद्गम वाला कहा जा सकता है, किंतु इस प्रश्न का अभिप्रेत उत्तर 'ग्रेनाइट' ही है ।)
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)गैब्रो — गैब्रो मोटे कणों वाला क्षारकीय अंतर्वेधी आग्नेय शैल है (बेसाल्ट का प्लूटोनिक समतुल्य) — विशुद्ध आग्नेय, जिसका कोई कायांतरिक उद्गम नहीं ।
- (b)गाइजराइट — गाइजराइट सिलिकामय सिंटर है — गीज़र और गर्म जल-स्रोतों के चारों ओर रासायनिक रूप से जमा ओपलीय सिलिका — इसलिए यह रासायनिक अवसादी निक्षेप है, न आग्नेय न कायांतरित ।
- (c)नाइसाभ (Gneissoid) — नाइस (नाइसाभ शैल) को पत्रित, पट्टीदार कायांतरित शैल में वर्गीकृत किया जाता है; पाठ्यपुस्तकीय दो-तरफ़ा अर्थ में वह कायांतरित है, न कि ऐसा शैल जिसे आग्नेय और कायांतरित दोनों बताया जाता हो — इसलिए अभिप्रेत उत्तर ग्रेनाइट है ।
अवधारणा
शैल-चक्र में आग्नेय शैल मैग्मा के ठंडा होने से, कायांतरित शैल पूर्व-विद्यमान शैल में ताप/दाब से आए परिवर्तन से, और अवसादी शैल निक्षेपण तथा शिलीभवन से बनते हैं । ग्रेनाइट पहले दोनों पर पाँव रखता है: साधारण मैग्माजनित ग्रेनाइट के साथ-साथ गहराई में होने वाला 'ग्रेनाइटीकरण' आसपास की शैल को ग्रेनाइट में बदल सकता है — यही लंबी चली बहस 'ग्रेनाइट विवाद' कहलाती है ।
छँटाई का तर्क यह है: गैब्रो निर्विवाद रूप से आग्नेय है, गाइजराइट गर्म जल-स्रोत का अवसाद है, और नाइस कायांतरित है । केवल ग्रेनाइट को ही नियमित रूप से दोहरे (मैग्माजनित + कायांतरिक) उद्गम वाला बताया जाता है, इसीलिए वही उत्तर है — और नाइसाभ लुभावना निकट-चूक विकल्प ।
मुख्य तथ्य
- ग्रेनाइट — क्वार्ट्ज़, फेल्स्पार और अभ्रक से बना अंतर्वेधी आग्नेय शैल; कायांतरिक ग्रेनाइटीकरण/एनाटेक्सिस से भी बन सकता है ।
- गैब्रो — मोटे कणों वाला क्षारकीय (मैफ़िक) अंतर्वेधी आग्नेय शैल ।
- गाइजराइट — गीज़र/गर्म जल-स्रोतों के चारों ओर जमा सिलिकामय सिंटर (रासायनिक अवसादी) ।
- नाइस — पत्रित, पट्टीदार कायांतरित शैल (प्रायः ग्रेनाइट या शेल से बना) ।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- नाइसाभ इसलिए चुन लेना कि नाइस ग्रेनाइट से बन सकता है — किंतु नाइस स्वयं कायांतरित वर्ग में आता है ।
- गैब्रो को दोहरे उद्गम वाला मान लेना — वह विशुद्ध आग्नेय शैल है ।
'किस शैल का दोहरा उद्गम है / कौन आग्नेय और कायांतरित दोनों है' के रूप में, या शैल को उसकी निर्माण-विधि से सुमेलित करते हुए पूछा जाता है ।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
गैब्रो किस प्रकार के शैल का उदाहरण है ?
- (a)अवसादी
- (b)अंतर्वेधी आग्नेय
- (c)कायांतरित
- (d)बहिर्वेधी आग्नेय
उत्तर(b) अंतर्वेधी आग्नेय — गैब्रो मोटे कणों वाला क्षारकीय प्लूटोनिक शैल है । - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
वह प्रक्रिया, जिससे अत्यधिक गहराई पर पूर्व-विद्यमान शैलें ग्रेनाइट में बदल जाती हैं, कहलाती है :
- (a)अपक्षय
- (b)ग्रेनाइटीकरण
- (c)शिलीभवन
- (d)अपरदन
उत्तर(b) ग्रेनाइटीकरण — गहराई में शैल का ग्रेनाइट में रूपांतरण (ग्रेनाइट तक पहुँचने का कायांतरिक मार्ग) ।