अलैंगिक जनन की अपेक्षा लैंगिक जनन का एक लाभ यह है कि यह जाति (स्पीशीज़) के दीर्घ विकास काल तक उत्तरजीवी होने में सहायता करता है । इसका कारण यह है कि लैंगिक जनन से :
- (a)प्रत्येक जनन चक्र में अपेक्षाकृत अधिक संतति (offspring) पैदा होती हैं ।
- (b)हृष्ट-पुष्ट और स्वस्थ संतति पैदा होती हैं ।
- (c)आनुवंशिकतः सदृश संतति पैदा होती हैं ।
- (d)संततियों में अधिक विभिन्नता होती है ।
उत्तर
क्यों
सही — D, संततियों में अधिक विभिन्नता होती है। लैंगिक जनन जीनों को फेर-बदल देता है — अर्धसूत्रण (meiosis, क्रॉसिंग ओवर और स्वतंत्र वर्गीकरण के माध्यम से) और दो युग्मकों के यादृच्छिक संलयन के द्वारा — इसलिए संतति आनुवंशिक रूप से अपने माता-पिता से और एक-दूसरे से भिन्न होती है।
यह विभिन्नता ही प्राकृतिक चयन का कच्चा माल है, जो किसी जाति को दीर्घ विकास काल में अनुकूलित होने और जीवित रहने में सक्षम बनाती है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)प्रत्येक जनन चक्र में अपेक्षाकृत अधिक संतति (offspring) पैदा होती हैं । — अलैंगिक जनन सामान्यतः तेज़ी से अधिक संतति उत्पन्न करता है; लैंगिक जनन की विकासात्मक बढ़त विविधता में है, संख्या में नहीं।
- (b)हृष्ट-पुष्ट और स्वस्थ संतति पैदा होती हैं । — लैंगिक जनन प्रत्येक संतति को व्यक्तिगत रूप से अधिक स्वस्थ बनाने की गारंटी नहीं देता; इसका लाभ जनसंख्या में आनुवंशिक विविधता है, प्रत्येक व्यक्ति की सुदृढ़ता नहीं।
- (c)आनुवंशिकतः सदृश संतति पैदा होती हैं । — यह अलैंगिक जनन का वर्णन है, जो लगभग समरूप क्लोन उत्पन्न करता है। लैंगिक जनन इसके विपरीत करता है — यह आनुवंशिक भिन्नता बढ़ाता है।
अवधारणा
लैंगिक जनन में, अर्धसूत्रण और निषेचन दो माता-पिता के जीनों को पुनर्संयोजित करते हैं, जिससे संतति में नए जीन-संयोजन बनते हैं। यह निरंतर आनुवंशिक विभिन्नता जनसंख्याओं को बदलते पर्यावरण के अनुकूल ढलने की लचीलापन देती है — क्लोनिंग की तुलना में दीर्घकालिक उत्तरजीविता का लाभ।
'व्यक्ति के लिए अच्छा' और 'दीर्घ विकास काल में जाति के लिए अच्छा' में अंतर कीजिए। गति और संख्या अलैंगिक जनन के पक्ष में जाती हैं, परंतु विभिन्नता — सही उत्तर — वही है जो किसी जाति को पर्यावरणीय परिवर्तन और रोग सहन करने में सहायता करती है।
मुख्य तथ्य
- अर्धसूत्रण, क्रॉसिंग ओवर और स्वतंत्र वर्गीकरण के माध्यम से विभिन्नता लाता है।
- निषेचन में युग्मकों का यादृच्छिक संलयन और अधिक विभिन्नता जोड़ता है।
- विभिन्नता वह कच्चा माल है जिस पर प्राकृतिक चयन कार्य करता है।
- अलैंगिक जनन आनुवंशिक रूप से समरूप क्लोन उत्पन्न करता है।
लैंगिक जनन की बढ़त आनुवंशिक विभिन्नता है — विकल्प (d)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- 'अधिक संतति' (अलैंगिक) को विभिन्नता के वास्तविक लाभ से भ्रमित करना।
- यह सोचना कि लैंगिक जनन प्रत्येक व्यक्ति को अधिक स्वस्थ बनाता है।
यह 'लैंगिक जनन विकास काल में क्यों लाभप्रद है' प्रकार के तर्क-आधारित प्रश्न के रूप में पूछा जाता है।
संबंधित PYQ
अभिकथन (A): अमीबा विखंडन द्वारा प्रजनन करता है। कारण (R): सभी एककोशिकीय जीव अलैंगिक विधियों द्वारा प्रजनन करते हैं।
- (a) A और R दोनों व्यष्टिगत रूप से सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
- (b) A और R दोनों व्यष्टिगत रूप से सत्य हैं परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
- (c) A सत्य है परंतु R असत्य है
- (d) A असत्य है परंतु R सत्य है
उत्तर(c) A सत्य है परंतु R असत्य है
वही विषय — जनन की विधाएँ। वह प्रश्न अलैंगिक जनन (विखंडन) और 'सभी एककोशिकीय जीव अलैंगिक होते हैं' के असत्य दावे को परखता है; यह प्रश्न लैंगिक जनन के विभिन्नता वाले लाभ की तुलना करता है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लैंगिक जनन करने वाले जीवों में आनुवंशिक विभिन्नता का मुख्य स्रोत क्या है ?
- (a)समसूत्रण
- (b)अर्धसूत्रण और निषेचन
- (c)द्विखंडन
- (d)मुकुलन
उत्तर(b) अर्धसूत्रण और निषेचन — दोनों मिलकर माता-पिता के जीनों को पुनर्संयोजित करते हैं। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अलैंगिक जनन से उत्पन्न संतति को सबसे उपयुक्त रूप से किस प्रकार वर्णित किया जाता है ?
- (a)आनुवंशिक रूप से समरूप क्लोन
- (b)अत्यधिक परिवर्तनशील
- (c)सदैव अधिक स्वस्थ
- (d)सदैव संख्या में कम
उत्तर(a) आनुवंशिक रूप से समरूप क्लोन — अलैंगिक जनन एक माता-पिता के जीनों की प्रतिलिपि बनाता है।