निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना प्राक्-केंद्रकी कोशिका (prokaryotic cell) में नहीं होती ?
- (a)कोशिका भित्ति
- (b)राइबोसोम
- (c)केंद्रक
- (d)जीवद्रव्य कला (Plasma membrane)
उत्तर
क्यों
सही — C, केंद्रक। प्राक्-केंद्रकी कोशिका (जैसे जीवाणु) में कोई सच्चा, कला-आबद्ध केंद्रक नहीं होता। इसका एकल वृत्ताकार DNA अणु कोशिकाद्रव्य में न्यूक्लिओइड नामक क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से पड़ा रहता है।
प्राक्-केंद्रकी जीवों में कोशिका भित्ति, राइबोसोम (70S प्रकार) और जीवद्रव्य कला अवश्य होती हैं, इसलिए इनमें अनुपस्थित एकमात्र संरचना केंद्रक है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)कोशिका भित्ति — जीवाणु जैसे प्राक्-केंद्रकी जीवों में कोशिका भित्ति (पेप्टीडोग्लाइकन की) होती ही है, इसलिए यह उपस्थित है, अनुपस्थित नहीं।
- (b)राइबोसोम — प्राक्-केंद्रकी जीवों में राइबोसोम (70S) होते हैं और वे प्रोटीन संश्लेषण के लिए इनका उपयोग करते हैं — ये उपस्थित हैं।
- (d)जीवद्रव्य कला (Plasma membrane) — प्राक्-केंद्रकी जीवों सहित प्रत्येक कोशिका जीवद्रव्य कला से घिरी होती है; यह एक सार्वभौमिक विशेषता है, इसलिए यह उपस्थित है।
अवधारणा
प्राक्-केंद्रकी और सुकेंद्रकी कोशिकाओं के बीच निर्णायक अंतर केंद्रक है। सुकेंद्रकी जीव अपने DNA को कला-आबद्ध केंद्रक के भीतर रखते हैं; प्राक्-केंद्रकी जीव ऐसा नहीं करते — उनका आनुवंशिक पदार्थ कोशिकाद्रव्य में न्यूक्लिओइड के रूप में रहता है। प्राक्-केंद्रकी जीवों में सूत्रकणिका और अंतर्द्रव्यी जालिका जैसे अन्य कला-आबद्ध अंगक भी नहीं होते।
कोशिका भित्ति, राइबोसोम और जीवद्रव्य कला — सभी प्राक्-केंद्रकी जीवों में उपस्थित होते हैं, इसलिए ये विकर्षक हैं। जो एकमात्र विशेषता अनुपस्थित है वह है सच्चा केंद्रक — यही वह बात है जो किसी कोशिका को 'प्राक्-केंद्रकी' बनाती है (शाब्दिक रूप से 'केंद्रक से पहले')।
मुख्य तथ्य
- प्राक्-केंद्रकी जीवों में सच्चा कला-आबद्ध केंद्रक नहीं होता; उनका DNA न्यूक्लिओइड में रहता है।
- उनमें कोशिका भित्ति, जीवद्रव्य कला और 70S राइबोसोम अवश्य होते हैं।
- उनमें कला-आबद्ध अंगक (सूत्रकणिका, अंतर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी उपकरण) नहीं होते।
- जीवाणु और आर्कीबैक्टीरिया प्राक्-केंद्रकी हैं; पादप, प्राणी, कवक और प्रोटिस्ट सुकेंद्रकी हैं।
प्राक्-केंद्रकी जीव में अनुपस्थित एकमात्र संरचना केंद्रक है — विकल्प (c)।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह सोचना कि प्राक्-केंद्रकी जीवों में राइबोसोम नहीं होते — वे होते हैं (70S)।
- यह मान लेना कि 'कोई केंद्रक नहीं' का अर्थ 'कोई DNA नहीं' है — DNA उपस्थित होता है, बस वह घिरा हुआ नहीं होता।
यह सीधे ('प्राक्-केंद्रकी कोशिका में कौन-सी संरचना उपस्थित नहीं है') या न्यूक्लिओइड की अवधारणा के माध्यम से पूछा जाता है।
संबंधित PYQ
NDA_GAT_2020_I_II_Q1252020प्राक्-केंद्रकी जीवों में, केंद्रकीय क्षेत्र किसी कला से घिरा नहीं होता। इस अपरिभाषित केंद्रकीय क्षेत्र को क्या कहते हैं
- (a) न्यूक्लिक अम्ल
- (b) न्यूक्लिओइड
- (c) केंद्रिका (Nucleolus)
- (d) न्यूक्लिओसोम
उत्तर(b) न्यूक्लिओइड
वही अवधारणा — प्राक्-केंद्रकी जीवों में कला-आबद्ध केंद्रक नहीं होता। वह प्रश्न DNA-युक्त क्षेत्र (न्यूक्लिओइड) का नाम पूछता है; यह प्रश्न पूछता है कि इसलिए कौन-सी संरचना अनुपस्थित है (केंद्रक)।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्राक्-केंद्रकी कोशिका में, जिस क्षेत्र में आनुवंशिक पदार्थ स्थित होता है, उसे क्या कहते हैं ?
- (a)केंद्रिका (Nucleolus)
- (b)न्यूक्लिओइड
- (c)न्यूक्लिओसोम
- (d)केंद्रक
उत्तर(b) न्यूक्लिओइड — DNA यहाँ बिना किसी घेरने वाली कला के स्वतंत्र रूप से पड़ा रहता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना प्राक्-केंद्रकी और सुकेंद्रकी दोनों कोशिकाओं में पाई जाती है ?
- (a)कला-आबद्ध केंद्रक
- (b)सूत्रकणिका
- (c)राइबोसोम
- (d)अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर(c) राइबोसोम — दोनों में उपस्थित, यद्यपि भिन्न आमापों के (70S बनाम 80S)।