पॉडसॉलीभवन (Podsolization) की प्रक्रिया प्रमुख रूप से कहाँ पाई जाती है ?
- (a)विषुवतीय वन
- (b)मानसून वन
- (c)टैगा वन
- (d)भूमध्यसागरीय वन
उत्तर
क्यों
सही — C, टैगा वन। पॉडसॉलीभवन ठंडी, आर्द्र जलवायु की एक मृदा-निर्माण प्रक्रिया है: अम्लीय चीड़-सुई पत्ती-कूड़े के नीचे रिसता हुआ जल ऊपरी परत से लौह, ऐलुमिनियम और कार्बनिक पदार्थ को नीचे की ओर निक्षालित (leach) करता है, जिससे एक विरंजित, राख-धूसर संस्तर (horizon) बनता है और एक अम्लीय, अनुर्वर पॉडज़ोल मृदा उत्पन्न होती है।
ये परिस्थितियाँ उच्च-अक्षांशीय यूरेशिया और उत्तरी अमेरिका के शंकुधारी बोरियल (टैगा) वनों की विशिष्ट होती हैं — इसलिए पॉडसॉलीभवन मुख्यतः वहीं पाया जाता है, उष्णकटिबंधीय या भूमध्यसागरीय वनों में नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)विषुवतीय वन — गर्म, आर्द्र विषुवतीय वनों में लैटेराइटीभवन होता है, पॉडसॉलीभवन नहीं — तीव्र अपक्षय से लौह- और ऐलुमिनियम-समृद्ध लैटेराइट मृदाएँ बनती हैं, जो उस ठंडी टैगा जलवायु के बिल्कुल विपरीत है जहाँ पॉडज़ोल बनते हैं।
- (b)मानसून वन — उष्णकटिबंधीय मानसूनी (पर्णपाती) वनों की जलवायु गर्म होती है और वहाँ पॉडज़ोल नहीं बनते; पॉडसॉलीभवन के लिए टैगा की ठंडी, अम्लीय, शंकुधारी परिस्थितियाँ आवश्यक हैं।
- (d)भूमध्यसागरीय वन — भूमध्यसागरीय वनक्षेत्रों में गर्म, शुष्क ग्रीष्म और सौम्य, आर्द्र शीत ऋतुएँ होती हैं — यह वह ठंडी, आर्द्र, अम्लीय-पत्ती-कूड़े वाली परिस्थिति नहीं है जो बोरियल टैगा में पॉडसॉलीभवन को गति देती है।
अवधारणा
पॉडसॉलीभवन, ठंडे, आर्द्र, शंकुधारी क्षेत्रों की निक्षालन-प्रधान मृदा प्रक्रिया है। चीड़ और फर से गिरा अम्लीय पत्ती-कूड़ा रिसते हुए जल को अत्यधिक अम्लीय बना देता है; यह ऊपरी मृदा से लौह, ऐलुमिनियम और ह्यूमस को घोलकर बहा देता है (निक्षालन/eluviation) और उन्हें नीचे जमा कर देता है (illuviation), जिससे एक हल्का, राख-धूसर, पोषक-तत्व-विहीन पॉडज़ोल बनता है। इसका विशिष्ट क्षेत्र बोरियल टैगा वन है।
प्रक्रिया को उसकी जलवायु से मिलाइए। पॉडसॉलीभवन ठंडे, आर्द्र, शंकुधारी टैगा से जुड़ा है; लैटेराइटीभवन गर्म, आर्द्र विषुवतीय वन से जुड़ा है। 'पॉडज़ोल' शब्द स्वयं रूसी भाषा के 'राख के नीचे' से आया है, जो रूसी और कनाडाई टैगा के विशिष्ट विरंजित संस्तर का वर्णन करता है।
मुख्य तथ्य
- पॉडसॉलीभवन ठंडी, आर्द्र जलवायु में शंकुधारी (बोरियल/टैगा) वन के अंतर्गत होता है।
- अम्लीय पत्ती-कूड़ा लौह, ऐलुमिनियम और ह्यूमस के निक्षालन को गति देता है, जिससे एक विरंजित राख-धूसर संस्तर बनता है।
- परिणामी पॉडज़ोल मृदा अम्लीय और अल्प उर्वरता वाली होती है।
- इसके विपरीत, गर्म, आर्द्र विषुवतीय वनों में लैटेराइटीभवन होता है, जिससे लौह- और ऐलुमिनियम-समृद्ध लैटेराइट बनती है।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- पॉडसॉलीभवन को गर्म उष्णकटिबंधीय वनों से जोड़ देना — वह लैटेराइटीभवन है।
- यह भूल जाना कि पॉडज़ोल अम्लीय और अनुर्वर होते हैं, जो शंकुधारी वृक्षों के नीचे बनते हैं, घास के मैदान या सवाना में नहीं।
एक प्रश्न किसी मृदा-निर्माण प्रक्रिया को उस जैवोम या जलवायु से जोड़ता है जहाँ वह प्रमुख है — पॉडसॉलीभवन को ठंडे शंकुधारी टैगा से और लैटेराइटीभवन को गर्म आर्द्र उष्णकटिबंध से जोड़िए।
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- (a) 1, 2 और 3
- (b) 2, 3 और 4
- (c) 1 और 4
- (d) केवल 2 और 3
उत्तर(c) 1 और 4
यह लैटेराइट मृदा की परीक्षा लेता है — पॉडज़ोल का गर्म-आर्द्र-उष्णकटिबंधीय समतुल्य। लैटेराइटीभवन की पॉडसॉलीभवन से तुलना करना ही दोनों मृदा-निर्माण प्रक्रियाओं को समझने का सार है।
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- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1, न ही 2
उत्तर(c) 1 और 2 दोनों — मृदा-निर्माण में ये वर्ग सम्मिलित हैं, और स्थानांतरण में बारीक पदार्थ निक्षालन द्वारा नीचे जाता है और अभिनिक्षेपण द्वारा नीचे संचित होता है।
यह वही निक्षालन–अभिनिक्षेपण क्रियाविधि बताता है जो ठीक वैसे ही पॉडसॉलीभवन में कार्य करती है — ऊपरी संस्तर से पदार्थ का निक्षालन और नीचे उसका जमाव।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पॉडज़ोल मृदाएँ किस जलवायविक क्षेत्र की सर्वाधिक विशिष्ट हैं ?
- (a)उष्ण मरुस्थल
- (b)शीतोष्ण शंकुधारी (टैगा)
- (c)विषुवतीय वर्षावन
- (d)उष्णकटिबंधीय सवाना
उत्तर(b) शीतोष्ण शंकुधारी (टैगा) — पॉडसॉलीभवन ठंडी, आर्द्र जलवायु में अम्लीय शंकुधारी पत्ती-कूड़े के नीचे होता है। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
गर्म, आर्द्र विषुवतीय वनों में प्रमुख मृदा-निर्माण प्रक्रिया है :
- (a)पॉडसॉलीभवन
- (b)कैल्सीभवन
- (c)लैटेराइटीभवन
- (d)लवणीभवन
उत्तर(c) लैटेराइटीभवन — तीव्र निक्षालन से लौह- और ऐलुमिनियम-समृद्ध लैटेराइट मृदाएँ बनती हैं।