सूर्य, पृथ्वी और चंद्र की निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति(याँ) बृहत् ज्वार-भाटा (Spring tide) के लिए उपयुक्त है/हैं ?; 1. SYZYGY युति (Conjunction); 2. SYZYGY वियुति (Opposition); 3. समकोणस्थिति (Quadrature); नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- (a)केवल 1
- (b)केवल 2
- (c)1 और 2
- (d)1 और 3
उत्तर
क्यों
सही — C, 1 और 2। बृहत् ज्वार-भाटा SYZYGY (सूर्य, पृथ्वी और चंद्र के एक सीधी रेखा में होने) पर होता है — चाहे यह युति (अमावस्या) हो या वियुति (पूर्णिमा)। इन स्थितियों में सौर और चंद्र ज्वार-उत्पादक बल जुड़ जाते हैं, जिससे सबसे ऊँचा ज्वार आता है। समकोणस्थिति (चंद्रमा का समकोण पर होना) लघु ज्वार-भाटा (neap tide) देती है, बृहत् नहीं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)केवल 1 — अधूरा — वियुति (पूर्णिमा) भी, युति की तरह, एक SYZYGY है जो बृहत् ज्वार-भाटा उत्पन्न करती है।
- (b)केवल 2 — अधूरा — युति (अमावस्या) भी बृहत् ज्वार-भाटा उत्पन्न करती है, केवल वियुति नहीं।
- (d)1 और 3 — समकोणस्थिति (कथन 3) लघु ज्वार-भाटा देती है, जब सौर और चंद्र बल आंशिक रूप से एक-दूसरे को निरस्त करते हैं — जो बृहत् ज्वार-भाटा के ठीक विपरीत है।
अवधारणा
ज्वार-भाटा चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण खिंचाव से उत्पन्न होता है। जब तीनों पिंड संरेखित (SYZYGY) होते हैं — अमावस्या (युति) या पूर्णिमा (वियुति) पर — तो उनके खिंचाव मिलकर बृहत् ज्वार-भाटा (सबसे बड़ी परास) देते हैं। जब चंद्रमा सूर्य के समकोण पर होता है (समकोणस्थिति, प्रथम और तृतीय चतुर्थांश पर), तो खिंचाव आंशिक रूप से एक-दूसरे को निरस्त करते हैं, जिससे लघु ज्वार-भाटा (सबसे छोटी परास) मिलता है।
'बृहत् ज्वार-भाटा के लिए उपयुक्त' का अर्थ है संरेखित (SYZYGY) स्थितियाँ, जो युति और वियुति दोनों हैं। समकोणस्थिति लघु-ज्वार वाली स्थिति है, अतः कथन 3 बाहर हो जाता है। इसलिए 1 और 2 सही हैं।
मुख्य तथ्य
- बृहत् ज्वार-भाटा SYZYGY पर होता है: अमावस्या (युति) और पूर्णिमा (वियुति)।
- SYZYGY पर सूर्य और चंद्रमा के खिंचाव जुड़ जाते हैं → सबसे बड़ी ज्वारीय परास।
- लघु ज्वार-भाटा समकोणस्थिति (प्रथम और तृतीय चतुर्थांश) पर होता है।
- बृहत् और लघु ज्वार-भाटा दोनों महीने में लगभग दो-दो बार होते हैं।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह सोचना कि केवल पूर्णिमा (या केवल अमावस्या) बृहत् ज्वार-भाटा देती है — दोनों देती हैं।
- समकोणस्थिति (लघु) को बृहत्-ज्वार स्थितियों के साथ भ्रमित करना।
यह पूछा जाता है कि सूर्य-पृथ्वी-चंद्र की कौन-सी स्थितियाँ बृहत् ज्वार-भाटा देती हैं, या बृहत् और लघु ज्वार-भाटा में अंतर करने के रूप में।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
लघु ज्वार-भाटा तब होता है जब चंद्रमा किस स्थिति में हो
- (a)अमावस्या
- (b)पूर्णिमा
- (c)प्रथम या तृतीय चतुर्थांश (समकोणस्थिति)
- (d)उपभू (perigee)
उत्तर(c) प्रथम या तृतीय चतुर्थांश (समकोणस्थिति)। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
बृहत् ज्वार-भाटा की विशेषता है
- (a)सबसे छोटी ज्वारीय परास
- (b)सबसे बड़ी ज्वारीय परास
- (c)कोई ज्वारीय परास नहीं
- (d)लघु ज्वार-भाटा के समान परास
उत्तर(b) सबसे बड़ी ज्वारीय परास।