किसी विद्युत परिपथ में, 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त किया गया है । यदि इस तार को खींच कर इसकी लंबाई इसके प्रारम्भिक मान (original value) से दुगुनी की जाए, तो परिपथ में धारा :
- (a)अपने प्रारम्भिक मान की आधी हो जाएगी ।
- (b)अपने प्रारम्भिक मान की दुगुनी हो जाएगी ।
- (c)अपने प्रारम्भिक मान की एक-चौथाई हो जाएगी ।
- (d)अपने प्रारम्भिक मान की चार गुनी हो जाएगी ।
उत्तर
क्यों
सही — C, अपने प्रारम्भिक मान की एक-चौथाई हो जाएगी। तार को खींचने पर उसका आयतन स्थिर रहता है, अतः लंबाई दोगुनी होने पर अनुप्रस्थ-काट क्षेत्रफल आधा हो जाता है। चूँकि R = ρ × L / A, प्रतिरोध R′ = ρ × (2L)/(A/2) = 4R हो जाता है।
समान वोल्टेज पर, धारा I = V/R घटकर एक-चौथाई रह जाती है (I′ = V/4R)।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)अपने प्रारम्भिक मान की आधी हो जाएगी । — यह मान लेता है कि R केवल दोगुना होता है; परंतु लंबाई का दोगुना होना और क्षेत्रफल का आधा होना दोनों मिलकर R को चार गुना बढ़ाते हैं, इसलिए धारा आधी नहीं, चौथाई हो जाती है।
- (b)अपने प्रारम्भिक मान की दुगुनी हो जाएगी । — खींचने से प्रतिरोध बढ़ता है, जिससे धारा घटती है — यह धारा को दोगुना नहीं कर सकता।
- (d)अपने प्रारम्भिक मान की चार गुनी हो जाएगी । — प्रतिरोध चार गुना बढ़ता है, इसलिए धारा चार गुना घटती है; यह बढ़ती नहीं।
अवधारणा
किसी तार का प्रतिरोध R = ρ × L / A होता है। जब किसी तार को खींचा जाता है, तो कोई पदार्थ जोड़ा या हटाया नहीं जाता, इसलिए उसका आयतन (L × A) स्थिर रहता है: यदि लंबाई दोगुनी हो, तो क्षेत्रफल आधा हो जाता है। चूँकि R, L/A पर निर्भर करता है, अतः खींचे गए तार का प्रतिरोध लंबाई के वर्ग के अनुसार बढ़ता है — L दोगुनी होने पर R चार गुना हो जाता है।
दोनों परिवर्तनों पर ध्यान दें: L दोगुनी होती है और A आधा होता है, इसलिए R चार गुना बढ़ जाता है। स्थिर वोल्टेज पर, ओम के नियम के अनुसार धारा प्रतिरोध के व्युत्क्रमानुपाती होती है, इसलिए यह घटकर 1/4 रह जाती है। 'आधी' वाला जाल क्षेत्रफल के परिवर्तन को भूल जाता है।
मुख्य तथ्य
- प्रतिरोध: R = ρ L / A।
- खींचने पर आयतन (L × A) स्थिर रहता है, अतः L दोगुनी होने पर A आधा हो जाता है।
- खींचे गए तार का प्रतिरोध लंबाई के वर्ग के अनुसार बढ़ता है: लंबाई 2 गुनी → R 4 गुना।
- स्थिर वोल्टेज पर, धारा I = V/R घटकर एक-चौथाई रह जाती है।
आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह भूल जाना कि तार खींचने पर क्षेत्रफल आधा हो जाता है।
- यह सोचना कि अधिक लंबाई धारा को बढ़ाती है।
यह किसी तार को उसकी लंबाई के गुणज तक खींचने पर प्रतिरोध/धारा में परिवर्तन के रूप में पूछा जाता है।
संबंधित PYQ
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किसी तार को खींचकर उसकी लंबाई का तीन गुना किया जाता है। इसका प्रतिरोध हो जाएगा
- (a)3 गुना
- (b)9 गुना
- (c)1/3
- (d)6 गुना
उत्तर(b) 9 गुना (R लंबाई के वर्ग के अनुसार बढ़ता है)। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई पर किस प्रकार निर्भर करता है
- (a)व्युत्क्रमानुपाती
- (b)सीधे अनुक्रमानुपाती
- (c)वर्ग के अनुसार
- (d)बिल्कुल नहीं
उत्तर(b) सीधे अनुक्रमानुपाती (स्थिर क्षेत्रफल के लिए R, L के अनुक्रमानुपाती होता है)।