निम्नलिखित में से कौन-सा, कवक (Fungi) का विशिष्ट लक्षण नहीं है ?
- (a)कोशिका भित्ति काइटिन की बनी होती है
- (b)तंतुमय कवकजाल (माइसीलियम) विद्यमान होता है
- (c)ये प्रकाश-संश्लेषण कर सकते हैं
- (d)अलैंगिक बीजाणु (स्पोर) उत्पन्न होते हैं
उत्तर
क्यों
सही — C, ये प्रकाश-संश्लेषण कर सकते हैं। कवकों में क्लोरोफिल और क्लोरोप्लास्ट नहीं होते, इसलिए वे प्रकाश-संश्लेषण नहीं कर सकते; ये परपोषी होते हैं जो मृतजीवी या परजीवी के रूप में रहकर कार्बनिक पदार्थ से पोषक तत्व अवशोषित करते हैं।
शेष तीनों विकल्प कवकों के वास्तविक लक्षण हैं, इसलिए 'प्रकाश-संश्लेषण कर सकते हैं' वह विकल्प है जो कवकों का लक्षण नहीं है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं
- (a)कोशिका भित्ति काइटिन की बनी होती है — कवक की कोशिका भित्ति वास्तव में मुख्यतः काइटिन की बनी होती है, अतः यह कवकों का सच्चा लक्षण है, अपवाद नहीं।
- (b)तंतुमय कवकजाल (माइसीलियम) विद्यमान होता है — अधिकांश कवकों का शरीर धागे जैसी कवकतंतुओं (हाइफी) से बने माइसीलियम का बना होता है, जो एक सच्चा कवक-लक्षण है।
- (d)अलैंगिक बीजाणु (स्पोर) उत्पन्न होते हैं — कवक सामान्यतः कोनिडिया और स्पोरैंजियोस्पोर जैसे अलैंगिक बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं, अतः यह भी एक सच्चा लक्षण है।
अवधारणा
कवक यूकैरियोट्स का अपना एक स्वतंत्र जगत बनाते हैं, जो पोषण में परपोषी और अवशोषी होते हैं। इनका शरीर सामान्यतः कवकतंतुओं (हाइफी) से बना माइसीलियम होता है, इनकी भित्तियों में काइटिन होता है, और ये बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इनमें क्लोरोफिल नहीं होता, इसलिए पौधों के विपरीत ये प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन नहीं बना सकते।
यह प्रश्न 'भिन्न वाला' पहचानने को कहता है। तीन विकल्प जाने-पहचाने कवक-लक्षण (काइटिन भित्ति, माइसीलियम, बीजाणु) सूचीबद्ध करते हैं; अपवाद प्रकाश-संश्लेषण है, जिसके लिए क्लोरोफिल आवश्यक है, जो कवकों में बिल्कुल नहीं होता।
मुख्य तथ्य
- कवक परपोषी होते हैं — इनमें क्लोरोफिल नहीं होता और ये प्रकाश-संश्लेषण नहीं कर सकते।
- कवक की कोशिका भित्तियों में काइटिन होता है, पौधों की सेल्यूलोज़ भित्तियों के विपरीत।
- कवक का शरीर सामान्यतः हाइफी से बने माइसीलियम का होता है।
- कवक भोजन को जंतुओं की भाँति ग्लाइकोजन के रूप में संचित करते हैं, स्टार्च के रूप में नहीं।

आगे की तैयारी
सामान्य भ्रम
- यह मान लेना कि कवक ऐसे पौधे हैं जो प्रकाश-संश्लेषण करते हैं।
- यह भूल जाना कि कवक भित्ति काइटिन की है, सेल्यूलोज़ की नहीं।
एनडीए/यूपीएससी पूछते हैं कि कौन-सा लक्षण कवक का है या नहीं है — याद रखें कवक परपोषी होते हैं (क्लोरोफिल-रहित), काइटिन भित्ति, माइसीलियम और बीजाणुओं वाले।
संबंधित PYQ
पारितंत्रों में खाद्य शृंखलाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किस प्रकार के जीव को/जीवों को अपघटक जीव कहा जाता है? 1. विषाणु 2. कवक 3. जीवाणु। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2 और 3
- (c) केवल 1 और 3
- (d) 1, 2 और 3
उत्तर(b) केवल 2 और 3 — कवक और जीवाणु प्रमुख मृतजीवी अपघटक हैं, जबकि विषाणु अविकल्पी परजीवी होते हैं और कार्बनिक पदार्थ का अपघटन नहीं करते।
यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2013 ने कवक को (जीवाणु के साथ) अपघटक के रूप में पहचाना — यह इस तथ्य का सीधा परिणाम है कि कवक परपोषी होते हैं जो कार्बनिक पदार्थ अवशोषित करते हैं, प्रकाश-संश्लेषण नहीं करते, जो ठीक वही कारण है जिससे 'प्रकाश-संश्लेषण कर सकते हैं' कवकों का लक्षण नहीं है।
अभ्यास
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कवकों की कोशिका भित्ति मुख्यतः किसकी बनी होती है
- (a)सेल्यूलोज़
- (b)काइटिन
- (c)पेप्टिडोग्लाइकन
- (d)लिग्निन
उत्तर(b) काइटिन — कवक भित्तियाँ मुख्यतः काइटिन की बनी होती हैं, पौधों की सेल्यूलोज़ भित्तियों के विपरीत। - अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कवक मुख्यतः अपना पोषण किस प्रकार प्राप्त करते हैं
- (a)प्रकाश-संश्लेषण
- (b)रसायन-संश्लेषण
- (c)कार्बनिक पदार्थ का अवशोषण
- (d)ठोस भोजन का अंतर्ग्रहण
उत्तर(c) कार्बनिक पदार्थ का अवशोषण — कवक परपोषी होते हैं जो मृतजीवी या परजीवी के रूप में पोषक तत्व अवशोषित करते हैं।