दक्षिणी दोलन इनमें से कौन-से दो महासागरों के मध्य दोलन प्रतिरूप है ?
- (a)प्रशांत एवं अटलांटिक महासागर
- (b)प्रशांत एवं हिन्द महासागर
- (c)अटलांटिक एवं हिन्द महासागर
- (d)उपर्युक्त में से कोई नहीं
सही उत्तर — (B) प्रशांत एवं हिन्द महासागर। दक्षिणी दोलन (सदर्न ऑसिलेशन) भूमध्यरेखीय पेटी के दो सिरों के बीच समुद्र-तल वायुमंडलीय दाब का एक झूला-प्रतिरूप है: जब एक सिरे पर दाब ऊँचा होता है तो दूसरे पर नीचा, और कुछ वर्षों बाद यह प्रतिरूप उलट जाता है। इसे दक्षिणी दोलन सूचकांक (SOI) के रूप में मापा जाता है, जो दक्षिण-मध्य प्रशांत के ताहिती और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के पोर्ट डार्विन के बीच दाब का अंतर है — और NCERT सहित भारतीय भूगोल की पाठ्यपुस्तकें पोर्ट डार्विन को हिन्द महासागर की ओर मानती हैं, इसीलिए इस प्रतिरूप को यहाँ प्रशांत-हिन्द महासागर झूले के रूप में वर्णित किया गया है। सर गिल्बर्ट वॉकर ने 1920 के दशक में, भारत के वेधशाला महानिदेशक रहते हुए, मानसून की विफलता का पूर्वसूचक खोजते समय इसकी पहचान की थी।
- (a)प्रशांत एवं अटलांटिक महासागर — अटलांटिक की अपनी अलग जलवायु झूले हैं — उत्तर अटलांटिक दोलन और अटलांटिक नीनो — परंतु ये अलग परिघटनाएँ हैं जिनके अपने अलग सूचकांक हैं। दक्षिणी दोलन के दोनों दाब-ध्रुव, ताहिती या डार्विन, अटलांटिक के आस-पास कहीं भी नहीं हैं।
- (c)अटलांटिक एवं हिन्द महासागर — अटलांटिक इसमें बिल्कुल शामिल नहीं है। हिन्द महासागर का अपना पूर्व-पश्चिम झूला अवश्य है, परंतु वह समुद्र-सतह तापमान का सूचकांक है, जिसे हिन्द महासागर द्विध्रुव (इंडियन ओशन डाइपोल) कहते हैं, न कि दक्षिणी दोलन।
- (d)उपर्युक्त में से कोई नहीं — विकल्प (B) मानक भारतीय स्कूली भूगोल में प्रयुक्त विवरण है, इसलिए एक वैध युग्म मौजूद है और 'उपर्युक्त में से कोई नहीं' उपलब्ध विकल्प नहीं है।
अल नीनो और दक्षिणी दोलन एक ही तंत्र के दो हिस्से हैं। अल नीनो समुद्री हिस्सा है — पेरू और इक्वाडोर के तट पर पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत का असामान्य गर्म होना। दक्षिणी दोलन वायुमंडलीय हिस्सा है — वह दाब-झूला जो इसी पर सवार रहता है। दोनों मिलकर ENSO कहलाते हैं, और भूमध्य रेखा के साथ जो पूर्व-पश्चिम वायु परिसंचरण ये नियंत्रित करते हैं, उसे वॉकर परिसंचरण कहते हैं। दक्षिणी दोलन सूचकांक = ताहिती का दाब घटा डार्विन का दाब: अल नीनो वर्षों में तीव्र ऋणात्मक, ला नीना वर्षों में धनात्मक।
परीक्षा जिस संदर्भ ढाँचे का उपयोग करती है, उस पर ध्यान दें। मौसम-वैज्ञानिक दृष्टि से, डार्विन प्रशांत गर्म पूल के पश्चिमी छोर पर स्थित है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय पाठ्यपुस्तकें अक्सर दक्षिणी दोलन को उष्णकटिबंधीय प्रशांत के भीतर पूर्व-पश्चिम झूले के रूप में वर्णित करती हैं। भारतीय पाठ्यपुस्तकें इसी सूचकांक को प्रशांत और हिन्द महासागर के बीच झूले के रूप में वर्णित करती हैं, क्योंकि पोर्ट डार्विन उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के हिन्द महासागर वाले किनारे पर स्थित है — और MPPSC भारतीय पाठ्यपुस्तक का ही अनुसरण करता है। परीक्षा-कक्ष में विकल्प (B) तक पहुँचने का भरोसेमंद तरीका है दो SOI स्टेशनों, ताहिती और डार्विन, को याद कर उन्हें स्थान देना।
- दक्षिणी दोलन — प्रशांत एवं हिन्द महासागर क्षेत्रों के बीच समुद्र-तल वायुमंडलीय दाब का झूला; 1920 के दशक में सर गिल्बर्ट वॉकर द्वारा भारतीय मानसून का पूर्वानुमान लगाते समय पहचाना गया
- दक्षिणी दोलन सूचकांक = ताहिती (प्रशांत) का दाब घटा पोर्ट डार्विन (उत्तरी ऑस्ट्रेलिया, हिन्द महासागर की ओर) का दाब
- ऋणात्मक SOI अल नीनो (गर्म पूर्वी प्रशांत) के साथ जुड़ा है और औसतन दक्षिण-पश्चिम मानसून को कमज़ोर करता है; धनात्मक SOI ला नीना के साथ जुड़ा है और औसतन इसे मज़बूत करता है
- अल नीनो (सागर) एवं दक्षिणी दोलन (वायुमंडल) मिलकर ENSO बनाते हैं; इसमें शामिल भूमध्यरेखीय पूर्व-पश्चिम वायु परिसंचरण वॉकर परिसंचरण है
- हिन्द महासागर द्विध्रुव पूर्णतः अलग सूचकांक है — पश्चिमी और पूर्वी हिन्द महासागर के समुद्र-सतह तापमान का अंतर
यह सूचकांक दो स्टेशनों से परिभाषित है। ताहिती और डार्विन का स्थान पहचान लें, महासागर-युग्म स्वयं उत्तर बन जाता है।
- दक्षिणी दोलन (एक वायुमंडलीय दाब प्रतिरूप) को अल नीनो (एक समुद्री तापमान विसंगति) से गड्डमड्ड करना — ये ENSO के दो हिस्से हैं
- दक्षिणी दोलन को हिन्द महासागर द्विध्रुव से गड्डमड्ड करना, जो पूर्णतः हिन्द महासागर के भीतर स्थित है
- अल नीनो को भारत में सूखे की गारंटी मानना — यह कमज़ोर मानसून की संभावना बढ़ाता है, इसे तय नहीं करता
MPPSC परिभाषा या महासागर-युग्म को एक पंक्ति में पूछता है, या ENSO के बारे में चार कथन देकर पूछता है कि कौन-सा गलत है। UPSC कथन-युग्म बनाता है — ला नीना अल नीनो से कैसे भिन्न है, कौन किस बेसिन से संबंधित है, IOD क्या करता है — जहाँ अंक सही महासागर-द्रोणी पहचानने पर टिका होता है।
अल्पावधि जलवायु पूर्वानुमान के लिए, विगत दशक में पहचानी गई निम्नलिखित में से कौन-सी घटना भारतीय उपमहाद्वीप में कभी-कभी होने वाली कमज़ोर मानसूनी वर्षा से जुड़ी है?
- (a) ला नीना
- (b) जेट धाराओं की गति
- (c) अल नीनो व दक्षिणी दोलन
- (d) वैश्विक स्तर पर ग्रीनहाउस प्रभाव
उत्तर(c) अल नीनो व दक्षिणी दोलन
वही परिघटना नाम से — UPSC यह परखता है कि ENSO भारतीय मानसून पर क्या प्रभाव डालता है, MPPSC यह परखता है कि इसके दो दाब-ध्रुव कहाँ स्थित हैं।
माना जाता है कि हाल में ऑस्ट्रेलिया में आई बाढ़ का कारण ला नीना है। ला नीना अल नीनो से किस प्रकार भिन्न है? 1. ला नीना की विशेषता भूमध्यरेखीय हिन्द महासागर में असामान्य रूप से ठंडा समुद्री तापमान है जबकि अल नीनो की विशेषता भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में असामान्य रूप से गर्म समुद्री तापमान है। 2. अल नीनो का भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, परंतु ला नीना का मानसून जलवायु पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) केवल 1
- (b) केवल 2
- (c) 1 और 2 दोनों
- (d) न तो 1 और न ही 2
उत्तर(d) न तो 1 और न ही 2 — ला नीना की ठंडी विसंगति भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में होती है, हिन्द महासागर में नहीं, और ला नीना भारतीय मानसून को प्रभावित करता है।
इस प्रश्न की दर्पण-छवि: UPSC का जाल एक ENSO विसंगति को गलत महासागर-द्रोणी में रखना था, जो ठीक वही विवेचन है जिसकी परीक्षा MPPSC ले रहा है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a) अल नीनो एक समुद्री धारा है, जो पेरू तट के निकट प्रकट होती है।
- (b) अल नीनो भारतीय मानसून को कमज़ोर करता है।
- (c) अल नीनो प्रत्येक वर्ष घटित होता है।
- (d) ला नीना भारतीय मानसून को मज़बूत करता है।
उत्तर(c) 'अल नीनो प्रत्येक वर्ष घटित होता है' — यह अनियमित रूप से, कुछ वर्षों के अंतराल पर पुनरावृत्त होता है
MPPSC ने 2024 में ENSO की मूल बातें पूछीं और 2025 में इसी प्रणाली के वायुमंडलीय आधे भाग, दक्षिणी दोलन (सदर्न ऑसिलेशन), पर लौटा।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
दक्षिणी दोलन सूचकांक (SOI) की गणना निम्नलिखित के बीच वायुमंडलीय दाब के अंतर से की जाती है:
- (a)ताहिती और पोर्ट डार्विन
- (b)होनोलूलू और लीमा
- (c)कोलंबो और जकार्ता
- (d)मुंबई और चेन्नई
उत्तर(a) ताहिती और पोर्ट डार्विन — ऋणात्मक सूचकांक अल नीनो चरण को दर्शाता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अल नीनो का तात्पर्य है:
- (a)पेरू और इक्वाडोर के तट पर पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत के सतही जल का असामान्य गर्म होना
- (b)अफ्रीका के पश्चिमी तट के साथ एक शीत धारा
- (c)हिन्द महासागर पर पवनों का मौसमी उलटाव
- (d)पश्चिमी प्रशांत का आवधिक शीतलन
उत्तर(a) पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत का गर्म होना; वायुमंडलीय दक्षिणी दोलन के साथ मिलकर यह ENSO बनाता है।