जनजातियों पर लिखी पुस्तकों की सूची-I को उनके लेखकों की सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर का चयन कीजिए : सूची-I (पुस्तक): (i) द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया (ii) ट्राइबल डेवलपमेंट इन म.प्र. : ए प्लानिंग पर्सपेक्टिव (iii) द भील्स : ए स्टडी (iv) द बैगा | सूची-II (लेखक): 1. वेरियर एल्विन 2. टी.बी. नाइक 3. आर.वी. रसेल एवं आर.बी. हीरालाल 4. अजित रायज़ादा | कूट :
- (a)(i) 3, (ii) 4, (iii) 2, (iv) 1
- (b)(i) 1, (ii) 2, (iii) 4, (iv) 3
- (c)(i) 4, (ii) 1, (iii) 3, (iv) 2
- (d)(i) 2, (ii) 3, (iii) 1, (iv) 4
सही उत्तर — (a), (i) 3, (ii) 4, (iii) 2, (iv) 1। 'द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया' (चार खंड, 1916) को भारतीय सिविल सेवा (ICS) के आर.वी. रसेल ने, रायबहादुर हीरालाल की सहायता से, सेंट्रल प्रॉविंसेस प्रशासन के आदेश पर संकलित किया था — इसलिए (i) का मिलान 3 से होता है। 'ट्राइबल डेवलपमेंट इन म.प्र. : ए प्लानिंग पर्सपेक्टिव' अजित रायज़ादा का मध्यप्रदेश में जनजातीय विकास योजना पर अध्ययन है — (ii) का मिलान 4 से होता है। 'द भील्स : ए स्टडी' (1956) टी.बी. नाइक की भीलों पर लिखी नृजातीय (एथ्नोग्राफ़िक) रचना है — (iii) का मिलान 2 से होता है। 'द बैगा' (1939, जिसकी भूमिका मानवविज्ञानी जे.एच. हटन ने लिखी) वेरियर एल्विन की सतपुड़ा–मैकल पट्टी के बैगाओं पर लिखी क्लासिक रचना है — (iv) का मिलान 1 से होता है। केवल कूट (a) ये चारों जोड़ियाँ देता है।
- (b)(i) 1, (ii) 2, (iii) 4, (iv) 3 — यह दो सबसे प्रसिद्ध जोड़ियों को उलट देता है: यह रसेल के औपनिवेशिक सर्वेक्षण को वेरियर एल्विन को सौंप देता है और एल्विन की 'द बैगा' को रसेल व हीरालाल को। 1916 का 'सेंट्रल प्रॉविंसेस' शीर्षक वाला खंड एल्विन का नहीं हो सकता, जिन्होंने 1930 के दशक के अंत में लिखा।
- (c)(i) 4, (ii) 1, (iii) 3, (iv) 2 — यह 1916 के औपनिवेशिक गजेटियर को एक आधुनिक योजना-लेखक (अजित रायज़ादा) को सौंप देता है और स्वतंत्रता-पश्चात की योजना-पुस्तक को एल्विन को — कालखंड मेल नहीं खाते, और 'द बैगा' टी.बी. नाइक की रचना नहीं है।
- (d)(i) 2, (ii) 3, (iii) 1, (iv) 4 — यह लुभावना है क्योंकि इसमें एक भील-अध्ययन को एल्विन से जोड़ा गया है, जिन्होंने मध्य भारत की कई जनजातियों पर लिखा — परंतु 'द भील्स : ए स्टडी' टी.बी. नाइक की है, और इस सूची में एल्विन की रचना 'द बैगा' है।
मध्य भारत की जनजातियों पर लेखन तीन स्पष्ट परतों में आता है, और शीर्षक प्रायः परत बता देता है। (1) औपनिवेशिक प्रशासनिक नृजातिविज्ञान — आर.वी. रसेल ने रायबहादुर हीरालाल के साथ 'द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया' (1916) को उस प्रांत के आधिकारिक चार-खंडीय सर्वेक्षण के रूप में तैयार किया, जो बाद में अधिकांशतः मध्यप्रदेश बना। (2) एकल जनजाति पर मानवविज्ञान-रचनाएँ — वेरियर एल्विन की 'द बैगा' (1939) और टी.बी. नाइक की 'द भील्स : ए स्टडी' (1956)। (3) स्वतंत्रता-पश्चात विकास साहित्य — अजित रायज़ादा की 'ट्राइबल डेवलपमेंट इन म.प्र. : ए प्लानिंग पर्सपेक्टिव', जो योजनाओं व कार्यक्रमों की भाषा में जनजातीय कल्याण को पढ़ती है।
इस तरह के सूची-मिलान में लगभग कभी भी सभी चार जोड़ियाँ याद रखने की आवश्यकता नहीं होती। अधिकांश परीक्षार्थी जिन दो आधारों को जानते हैं उन्हें स्थिर करें — वेरियर एल्विन ↔ 'द बैगा', और रसेल व हीरालाल ↔ 'द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया' — और केवल एक कूट, (a), दोनों को संतुष्ट करता है। शीर्षक को तिथि-चिह्न के रूप में उपयोग करें: 'सेंट्रल प्रॉविंसेस' औपनिवेशिक-युग की शब्दावली है, जबकि 'प्लानिंग पर्सपेक्टिव' केवल 1950 के बाद का विकास-लेखन ही हो सकता है।
- 'द ट्राइब्स एण्ड कास्ट्स ऑफ द सेंट्रल प्रॉविंसेस ऑफ इण्डिया' (1916, 4 खंड) — आर.वी. रसेल, ICS, रायबहादुर हीरालाल की सहायता से
- 'द बैगा' (1939) — वेरियर एल्विन की रचना, भूमिका जे.एच. हटन की
- 'द भील्स : ए स्टडी' (1956) — टी.बी. नाइक (ठाकोरलाल बी. नाइक), भारतीय आदिमजाति सेवक संघ द्वारा प्रकाशित
- वेरियर एल्विन की अन्य मध्य-भारतीय रचनाओं में 'द अगरिया' और 'द मुरिया एंड देयर घोटुल' शामिल हैं; बाद में वे NEFA (अब अरुणाचल प्रदेश) में जनजातीय मामलों के सलाहकार रहे
- यह मान लेना कि वेरियर एल्विन ने हर क्लासिक जनजातीय रचना लिखी — इस सूची में भील-अध्ययन टी.बी. नाइक का है
- शीर्षक में मौजूद तिथि-संकेत को नज़रअंदाज़ करना: 'सेंट्रल प्रॉविंसेस' पुस्तक को औपनिवेशिक काल (1916) में स्थिर करता है, आधुनिक योजना-साहित्य में नहीं
MPPSC जनजातियों पर तथा मध्यप्रदेश के इतिहास व साहित्य पर पुस्तक-लेखक सूची-मिलान पसंद करता है; UPSC जनजातियों को स्थान, PVTG स्थिति और अधिकारों (पाँचवीं अनुसूची, PESA, वन अधिकार अधिनियम) के माध्यम से देखता है, न कि लेखकत्व के माध्यम से।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'द बैगा' (1939), मध्य भारत की एक जनजाति पर लिखी एक क्लासिक नृजातीय (एथ्नोग्राफ़िक) रचना, किसने लिखी थी ?
- (a)वेरियर एल्विन
- (b)आर.वी. रसेल
- (c)टी.बी. नाइक
- (d)अजित रायज़ादा
उत्तर(a) वेरियर एल्विन — बैगाओं पर उनकी 1939 की रचना, जिसकी भूमिका जे.एच. हटन ने लिखी थी।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश की बैगा जनजाति मुख्यतः किस पट्टी में केंद्रित है ?
- (a)उज्जैन व इंदौर के आस-पास मालवा पठार
- (b)मंडला, डिंडोरी, बालाघाट व शहडोल की सतपुड़ा–मैकल पहाड़ियाँ
- (c)सागर व दतिया के बुंदेलखंड मैदान
- (d)निचली नर्मदा के किनारे निमाड़ मैदान
उत्तर(b) मंडला, डिंडोरी, बालाघाट व शहडोल की सतपुड़ा–मैकल पहाड़ियाँ — बैगा इसी वनाच्छादित पट्टी की एक PVTG है, जो सटे हुए छत्तीसगढ़ तक फैली है।