बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ ने दो काव्य — ‘प्राणार्पण’ तथा ‘आत्मोसर्ग’ किस पर लिखे ?
- (a)गणेश शंकर विद्यार्थी
- (b)जय शंकर प्रसाद
- (c)प्रभाकर माचवे
- (d)माखनलाल चतुर्वेदी
सही उत्तर — (a) गणेश शंकर विद्यार्थी। बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' ने दोनों काव्य — प्राणार्पण तथा आत्मोसर्ग — गणेश शंकर विद्यार्थी को श्रद्धांजलि स्वरूप लिखे — वह राष्ट्रवादी पत्रकार जिनके बाद वे हिन्दी पत्र 'प्रताप' के संपादक बने — जो 25 मार्च 1931 को कानपुर के सांप्रदायिक दंगों के दौरान लोगों की रक्षा करते हुए मारे गए थे।
- (b)जय शंकर प्रसाद — जय शंकर प्रसाद एक अग्रणी छायावादी हिन्दी कवि-साहित्यकार थे, परंतु वे नवीन के प्राणार्पण/आत्मोसर्ग के विषय नहीं हैं।
- (c)प्रभाकर माचवे — प्रभाकर माचवे हिन्दी/मालवा क्षेत्र के एक साहित्यिक विद्वान व आलोचक थे, इन दोनों काव्यों के विषय नहीं।
- (d)माखनलाल चतुर्वेदी — माखनलाल चतुर्वेदी उसी युग के एक अन्य हिन्दी कवि-स्वतंत्रता सेनानी थे, परंतु वे इन विशेष रचनाओं में नवीन द्वारा स्मरण किए गए विषय नहीं हैं।
बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' (1897-1960) एक हिन्दी कवि, पत्रकार व कांग्रेसी स्वतंत्रता सेनानी थे, जो गणेश शंकर विद्यार्थी के बाद राष्ट्रवादी हिन्दी पत्र 'प्रताप' (कानपुर) के संपादक बने, जब विद्यार्थी 25 मार्च 1931 को कानपुर सांप्रदायिक दंगों के दौरान लोगों की रक्षा करते हुए मारे गए। नवीन के काव्य प्राणार्पण तथा आत्मोसर्ग विद्यार्थी के आत्म-बलिदान को साहित्यिक श्रद्धांजलि हैं।
MPPSC किसी कवि की श्रद्धांजलि-रचना को उसके विषय से जोड़ना पसंद करता है; जाल यह है कि इन काव्यों को नवीन ने वास्तव में जिस शहीद पत्रकार पर लिखा, उसके बजाय उसी राष्ट्रवादी-युग के किसी अन्य समकालीन हिन्दी कवि या साहित्यकार को सौंप दिया जाए।
- गणेश शंकर विद्यार्थी (1890-1931) ने कानपुर से राष्ट्रवादी हिन्दी पत्र 'प्रताप' की स्थापना/संपादन किया
- 25 मार्च 1931 को कानपुर सांप्रदायिक दंगों के दौरान लोगों की रक्षा करते हुए उनका निधन हुआ
- बालकृष्ण शर्मा 'नवीन' उनके बाद 'प्रताप' के संपादक बने
- नवीन के काव्य प्राणार्पण तथा आत्मोसर्ग विद्यार्थी के बलिदान का स्मरण कराते हैं

- रचयिता (बालकृष्ण शर्मा नवीन) को इन दोनों काव्यों के विषय (गणेश शंकर विद्यार्थी) के साथ गड्डमड्ड करना
- इन काव्यों के विषय के रूप में विद्यार्थी के बजाय किसी अन्य प्रसिद्ध राष्ट्रवादी-युगीन हिन्दी कवि को चुनना
MPPSC किसी कवि की श्रद्धांजलि-रचना को उसके वास्तविक जीवन के विषय से जोड़ता है — प्रश्न दोनों ही तरीकों से पूछे जाने की अपेक्षा करें (कवि दिया गया हो तो विषय ज्ञात करें, या इसके विपरीत)।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
गणेश शंकर विद्यार्थी, 'प्रताप' के संपादक, 1931 में किस शहर के सांप्रदायिक दंगों के दौरान लोगों की रक्षा करते हुए मारे गए ?
- (a)लखनऊ
- (b)कानपुर
- (c)इलाहाबाद
- (d)वाराणसी
उत्तर(b) कानपुर — विद्यार्थी 25 मार्च 1931 को कानपुर सांप्रदायिक दंगों के दौरान मारे गए।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
माखनलाल चतुर्वेदी, उसी युग के एक साथी हिन्दी कवि-स्वतंत्रता सेनानी, किस कविता के लिए सर्वाधिक स्मरण किए जाते हैं ?
- (a)पुष्प की अभिलाषा
- (b)कामायनी
- (c)साकेत
- (d)यशोधरा
उत्तर(a) पुष्प की अभिलाषा — चतुर्वेदी की सर्वाधिक प्रसिद्ध कविता; कामायनी जयशंकर प्रसाद की, तथा साकेत व यशोधरा मैथिलीशरण गुप्त की रचनाएँ हैं।