दीवार पर मिट्टी से बनाई जाने वाली ‘नोहडोरा’ अलंकरण किस जनजाति की विशेषता है ?
- (a)भील
- (b)कोरकू
- (c)सहरिया
- (d)गौंड
सही उत्तर — (d) गौंड। नोहडोरा गौंड महिलाओं द्वारा की जाने वाली उभरी हुई मिट्टी-राहत (क्ले-रिलीफ) दीवार अलंकरण है — गीली मिट्टी को हाथ से गढ़कर मिट्टी की दीवार पर सीधे आकृतियाँ (पशु, पक्षी, वनस्पति) बनाई जाती हैं, फिर सफेदी व प्राकृतिक रंगों से सजाया जाता है। यह मध्य प्रदेश के मंडला-डिंडोरी क्षेत्र में केंद्रित गौंड जनजाति की एक मान्यता-प्राप्त विशेषता है।
- (a)भील — भील दीवार-कला अपनी अनुष्ठानिक पिथोरा चित्रकारी (घोड़ों को दर्शाती) के लिए सबसे प्रसिद्ध है, जो गौंड की क्ले-रिलीफ नोहडोरा से भिन्न परंपरा है।
- (b)कोरकू — कोरकू मध्य प्रदेश का एक अलग जनजातीय समुदाय है जिसकी अपनी कला व अनुष्ठान परंपराएँ हैं, परंतु नोहडोरा इसके साथ जुड़ा नहीं है।
- (c)सहरिया — सहरिया, मध्य प्रदेश के विशेष रूप से सुभेद्य जनजातीय समूहों में से एक, इस मिट्टी-राहत दीवार परंपरा से संबद्ध नहीं है।
मध्य प्रदेश के जनजातीय समुदायों में से प्रत्येक की अपनी पर्व व अनुष्ठान से जुड़ी विशिष्ट दीवार या फर्श कला परंपराएँ हैं। नोहडोरा एक उभरी हुई मिट्टी-राहत अलंकरण है जिसे गौंड महिलाएँ घरों की दीवारों पर लगाती हैं — गीली मिट्टी को हाथ से आकृतियों में गढ़ा जाता है और फिर सफेदी व प्राकृतिक रंगों से सजाया जाता है — मुख्यतः मंडला व डिंडोरी जिलों में प्रचलित।
MPPSC बार-बार 'कौन-सी कला/शिल्प किस मध्य प्रदेश जनजाति की है' परखता है — जाल यह है कि दिए गए विकल्पों में नामित कला रूप को चार प्रमुख जनजातियों (भील, गौंड, कोरकू, सहरिया) के बीच अदल-बदल कर दिया जाता है।
- नोहडोरा: गौंड जनजाति की उभरी हुई मिट्टी-राहत दीवार अलंकरण
- मुख्यतः मध्य प्रदेश के मंडला व डिंडोरी जिलों में प्रचलित
- गौंड कला ने कैनवास-आधारित 'जनगढ़ कलम' शैली को भी जन्म दिया, जिसके प्रवर्तक डिंडोरी जिले के पातनगढ़ गाँव के कलाकार जनगढ़ सिंह श्याम थे
- भील जनजाति की अनुष्ठानिक पिथोरा दीवार चित्रकारी से भिन्न, जो घोड़ों को दर्शाती है
- नोहडोरा (एक दीवार-राहत परंपरा) को कैनवास-आधारित 'जनगढ़ कलम' शैली से गड्डमड्ड करना, जो गौंड कला का बाद का, अलग विस्तार है
- यह गड्डमड्ड करना कि कौन-सा नामित शिल्प मध्य प्रदेश की किस प्रमुख जनजाति का है
MPPSC 'यह नामित शिल्प/कला किस मध्य प्रदेश जनजाति की विशेषता है' परखता है — विशिष्ट शब्द को सही जनजाति से जोड़ें, न कि केवल सामान्य रूप से 'किसी जनजाति' से।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
जनगढ़ कलम, वह कैनवास/कागज़-आधारित कला शैली जो पारंपरिक गौंड दीवार-कला से विकसित हुई, अपना नाम मध्य प्रदेश के किस गाँव में जन्मे एक कलाकार से लेती है ?
- (a)पातनगढ़ (डिंडोरी)
- (b)बाघ (धार)
- (c)चित्रकूट (सतना)
- (d)पचमढ़ी (होशंगाबाद)
उत्तर(a) पातनगढ़, डिंडोरी जिला — जनगढ़ सिंह श्याम का जन्मस्थान, जिन्होंने जनगढ़ कलम शैली की शुरुआत की।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
पिथोरा, घोड़ों को दर्शाने वाली एक अनुष्ठानिक दीवार चित्रकारी परंपरा, मध्य प्रदेश के किस जनजातीय समुदाय से संबद्ध है ?
- (a)गौंड
- (b)भील
- (c)बैगा
- (d)कोल
उत्तर(b) भील — पिथोरा चित्रकारी एक भील अनुष्ठानिक दीवार-कला परंपरा है, जो गौंड नोहडोरा क्ले-रिलीफ से भिन्न है।