राज्य के नीति निर्देशक तत्त्वों की व्याख्या भारतीय संविधान के पार्ट IV-क में की गई है । यह व्यवस्था किस देश के संविधान से ली गई है ?
- (a)ब्रिटेन
- (b)दक्षिण अफ्रीका
- (c)सं.रा. अमेरिका
- (d)आयरलैण्ड
सही उत्तर — (d) आयरलैण्ड। राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व (संविधान का भाग IV, अनुच्छेद 36-51) आयरलैण्ड के 1937 के संविधान से लिए गए हैं, जिसने स्वयं इन्हें 'निदेशक सामाजिक नीति के सिद्धांत (Directive Principles of Social Policy)' कहा था। आयरलैण्ड ने बदले में यह विचार 1931 के स्पेनिश संविधान से अपनाया था। अपने आयरिश मॉडल की भाँति, भारत के नीति निर्देशक तत्त्व भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं किंतु 'देश के शासन में मूलभूत' (अनुच्छेद 37) माने जाते हैं।
- (a)ब्रिटेन — गलत — ब्रिटेन (यू.के.) भारत की संसदीय प्रणाली, विधि का शासन, एकल नागरिकता एवं विधि-निर्माण प्रक्रिया का स्रोत है, नीति निर्देशक तत्त्वों का नहीं।
- (b)दक्षिण अफ्रीका — गलत — दक्षिण अफ्रीका ने संविधान संशोधन की प्रक्रिया (अनुच्छेद 368) का योगदान दिया, नीति निर्देशक तत्त्वों का नहीं।
- (c)सं.रा. अमेरिका — गलत — सं.रा. अमेरिका भारत के मौलिक अधिकारों, न्यायिक पुनरावलोकन एवं न्यायपालिका की स्वतंत्रता का स्रोत है, नीति निर्देशक तत्त्वों का नहीं।
राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व (भाग IV, अनुच्छेद 36-51) गैर-प्रवर्तनीय दिशानिर्देश हैं जो राज्य को सामाजिक एवं आर्थिक लोकतंत्र निर्मित करने हेतु निर्देशित करते हैं। भारत ने यह अवधारणा आयरलैण्ड के 1937 के संविधान से उधार ली (जो स्वयं स्पेन से प्रेरित था), तथा राज्य सभा में सदस्यों को मनोनीत करने की प्रथा भी आयरलैण्ड से ही उधार ली गई।
परीक्षाएँ 'यह विशेषता किस देश से आई' का मिलान अभ्यास के रूप में परखती हैं — आयरलैण्ड (नीति निर्देशक तत्त्व, राज्य सभा में मनोनीत सदस्य), सं.रा. अमेरिका (मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, महाभियोग प्रक्रिया, उपराष्ट्रपति का पद), ब्रिटेन (संसदीय प्रणाली, विधि का शासन, एकल नागरिकता, विधि-निर्माण प्रक्रिया), कनाडा (सशक्त केंद्र सहित संघ), ऑस्ट्रेलिया (समवर्ती सूची)।
- राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व = संविधान के भाग IV, अनुच्छेद 36-51
- आयरिश संविधान, 1937 से उधार लिए गए (जो स्वयं स्पेन, 1931 से प्रेरित था)
- भारत ने राज्य सभा में सदस्यों को मनोनीत करने की प्रथा भी आयरलैण्ड से उधार ली
- इसके विपरीत, मौलिक अधिकार एवं न्यायिक पुनरावलोकन सं.रा. अमेरिका से उधार लिए गए
एक क्लासिक 'स्रोत-देश' मिलान समुच्चय — भारत के नीति निर्देशक तत्त्व आयरलैण्ड से संबंधित हैं, न कि ब्रिटेन, सं.रा. अमेरिका या दक्षिण अफ्रीका से।
- DPSP के स्रोत (आयरलैण्ड) को मौलिक अधिकारों के स्रोत (सं.रा. अमेरिका) से भ्रमित करना
- भाग IV (नीति निर्देशक तत्त्व) को भाग IV-क (मौलिक कर्तव्य, 1976 में जोड़ा गया) से मिला देना
MPPSC/UPSC अक्सर पूछते हैं 'संविधान की यह विशेषता किस देश से उधार ली गई' — अनुमान लगाने के बजाय एक निश्चित देश-से-विशेषता मानचित्र बना लें।
सूची I (भारतीय संविधान में मद) का सूची II (जिस देश से यह व्युत्पन्न हुआ) से मिलान कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए। सूची I: A. राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व B. मौलिक अधिकार C. संघ-राज्य संबंधों में समवर्ती सूची D. सशक्त केंद्र वाले राज्यों के संघ के रूप में भारत। सूची II: 1. ऑस्ट्रेलिया 2. कनाडा 3. आयरलैण्ड 4. यूनाइटेड किंगडम 5. सं.रा. अमेरिका।
- (a) 5 4 1 2
- (b) 3 5 2 1
- (c) 5 4 2 1
- (d) 3 5 1 2
उत्तर(d) 3 5 1 2 — नीति निर्देशक तत्त्व आयरलैण्ड से, मौलिक अधिकार सं.रा. अमेरिका से, समवर्ती सूची ऑस्ट्रेलिया से, सशक्त केंद्र कनाडा से।
UPSC 2003 सीधे उसी तथ्य की परीक्षा लेता है — राज्य के नीति निर्देशक तत्त्व आयरलैण्ड से व्युत्पन्न हुए थे।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के मौलिक अधिकार (संविधान का भाग III) मुख्यतः किस देश के संविधान से उधार लिए गए हैं ?
- (a)आयरलैण्ड
- (b)सं.रा. अमेरिका
- (c)कनाडा
- (d)ऑस्ट्रेलिया
उत्तर(b) सं.रा. अमेरिका — न्यायिक पुनरावलोकन एवं विधि की सम्यक प्रक्रिया की अवधारणा के साथ।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राज्य के नीति निर्देशक तत्त्वों के अतिरिक्त, भारतीय संविधान की कौन-सी अन्य विशेषता आयरलैण्ड से उधार ली गई ?
- (a)समवर्ती सूची
- (b)राज्य सभा में सदस्यों का मनोनयन
- (c)राष्ट्रपति पर महाभियोग
- (d)सशक्त केंद्र सहित संघ
उत्तर(b) राज्य सभा में सदस्यों का मनोनयन।