निम्नलिखित में से कितनी रियासतें 15 फरवरी 1948 को ‘सौराष्ट्र संघ’ में मिलाई गई थीं ?
- (a)220
- (b)221
- (c)222
- (d)223
सही उत्तर — (c) 222। 15 फरवरी 1948 को, वर्तमान गुजरात के काठियावाड़ (सौराष्ट्र) प्रायद्वीप की 222 रियासतों तथा जागीरों को एक ही संघ में मिलाया गया, जिसे सौराष्ट्र राज्य (सौराष्ट्र संघ) नाम दिया गया — यह सरदार पटेल तथा वी.पी. मेनन के अधीन रियासत विभाग द्वारा स्वतंत्रता-पश्चात एकीकरण के दौरान संपन्न हुए सबसे बड़े ऐसे विलयों में से एक था।
- (a)220 — यह सौराष्ट्र संघ में विलीन 222 रियासतों की दस्तावेज़ीकृत संख्या से कम है।
- (b)221 — यह 222 के आधिकारिक आँकड़े से एक कम है।
- (d)223 — यह 222 के आधिकारिक आँकड़े से एक अधिक है।
सौराष्ट्र राज्य का निर्माण काठियावाड़ प्रायद्वीप — रियासती भारत के सर्वाधिक विखंडित क्षेत्रों में से एक — की अनेक छोटी रियासतों को फरवरी 1948 में एक ही प्रशासनिक संघ में जोड़कर किया गया। यह एक अलग 'भाग-ख' राज्य के रूप में एक राजप्रमुख के अधीन कार्य करता रहा, जब तक कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 ने इसे द्विभाषी बम्बई राज्य में विलीन नहीं कर दिया; बम्बई राज्य स्वयं बाद में 1960 में गुजरात व महाराष्ट्र में विभाजित हुआ, जिससे सौराष्ट्र क्षेत्र गुजरात में आ गया।
रियासतों के एकीकरण पर प्रश्न दो बातें परखते हैं: नामित संघों की विशिष्ट संख्याएँ/तिथियाँ (सौराष्ट्र: 222 रियासतें, 15 फरवरी 1948) तथा प्रत्येक संघ की राज्य-पुनर्गठन श्रृंखला जिससे वह गुज़रा (सौराष्ट्र → बम्बई राज्य, 1956 → गुजरात, 1960)। संख्या पर सटीकता — 222 — इस प्रश्न का सीधा विभेदक है।
- सौराष्ट्र संघ/सौराष्ट्र राज्य 15 फरवरी 1948 को काठियावाड़-प्रायद्वीप की रियासतों से बना
- इस एक संघ में 222 रियासतें व जागीरें मिलाई गईं
- सौराष्ट्र राज्य को राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के अंतर्गत बम्बई राज्य में मिला दिया गया
- बम्बई राज्य को 1960 में गुजरात व महाराष्ट्र में विभाजित किया गया, जिससे सौराष्ट्र गुजरात में आ गया
- काठियावाड़ की 222 रियासतें व जागीरें
- सौराष्ट्र राज्य / सौराष्ट्र संघ (1948)
- बम्बई राज्य (1956, राज्य पुनर्गठन अधिनियम)
- गुजरात (1960, बम्बई राज्य का विभाजन)
फरवरी 1948 में काठियावाड़ की 222 रियासतें सौराष्ट्र राज्य में विलीन हुईं; यह बाद में बम्बई राज्य (1956) होते हुए गुजरात (1960) में समाहित हुआ।
- सौराष्ट्र की संख्या (222) को अन्य संघों (जैसे पेप्सू या मत्स्य संघ) की संख्याओं से गड्डमड्ड करना
- यह मान लेना कि सौराष्ट्र सीधे 1948 में ही गुजरात बन गया, बीच के 1956 बम्बई राज्य चरण तथा 1960 के विभाजन को छोड़ते हुए
MPPSC/UPSC नामित रियासती-संघों की सटीक संख्याएँ/तिथियाँ, और अलग से प्रत्येक संघ जिस पुनर्गठन-श्रृंखला से गुज़रा, उसे परखते हैं, इससे पहले कि वह अपने वर्तमान राज्य तक पहुँचे।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
काठियावाड़ क्षेत्र की रियासतों का सौराष्ट्र राज्य में एकीकरण मुख्यतः किसकी देखरेख में हुआ ?
- (a)सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी.पी. मेनन
- (b)जवाहरलाल नेहरू
- (c)राजेंद्र प्रसाद
- (d)सी. राजगोपालाचारी
उत्तर(a) सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी.पी. मेनन — रियासत विभाग के एकीकरण अभियान, 1947–49 के माध्यम से।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
सौराष्ट्र राज्य (1948 में गठित) 1960 में गुजरात के गठन से पहले किस वर्ष बम्बई राज्य में विलीन हुआ ?
- (a)1950
- (b)1953
- (c)1956
- (d)1958
उत्तर(c) 1956 — राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत, सौराष्ट्र व कच्छ को द्विभाषी बम्बई राज्य में मिला दिया गया।