निम्नलिखित में से किसे ‘मोलेसिस बेसिन’ भी कहा जाता है ?
- (a)मणिपुर
- (b)त्रिपुरा
- (c)मिजोरम
- (d)नागालैण्ड
सही उत्तर — (c) मिजोरम। मिजोरम की पहाड़ी श्रेणियाँ इंडो-बर्मी (पूर्वांचल) युवा, सक्रिय रूप से उभरती वलित पर्वत श्रेणियों का हिस्सा हैं, जो टर्शियरी युग की मोटी अवसादी शैलों — उभरती श्रेणियों से अपरदित होकर निकटवर्ती द्रोणी में निक्षेपित बलुआ पत्थर व शेल — से बनी हैं। चूँकि ये निक्षेप भूवैज्ञानिक दृष्टि से 'मोलास' (किसी युवा पर्वतनी पेटी से बहाकर लाया गया मृदु, अल्प-संगठित अवसाद) के रूप में वर्गीकृत हैं, इसीलिए इस क्षेत्र को मोलास द्रोणी (Molasse Basin) भी कहा जाता है।
- (a)मणिपुर — यह भी उत्तर-पूर्वी इंडो-बर्मी पहाड़ी श्रेणियों का हिस्सा है, परंतु 'मोलास द्रोणी' की उपाधि मिजोरम को दी जाती है, मणिपुर को नहीं।
- (b)त्रिपुरा — यह भी उत्तर-पूर्व की युवा टर्शियरी पहाड़ी श्रेणियों से निर्मित है, परंतु 'मोलास द्रोणी' पद विशेष रूप से मिजोरम पर लागू होता है, त्रिपुरा पर नहीं।
- (d)नागालैण्ड — यहाँ नागा पहाड़ियाँ स्थित हैं, जो उसी इंडो-बर्मी वलित-पर्वत तंत्र का एक और हिस्सा हैं, परंतु फिर भी 'मोलास द्रोणी' नाम नागालैंड को नहीं, मिजोरम को दिया जाता है।
'मोलास' एक भूवैज्ञानिक शब्द है जो किसी युवा, सक्रिय रूप से उभरती वलित-पर्वत पेटी से अपरदन द्वारा बहाकर निकटवर्ती द्रोणी में निक्षेपित मृदु, अल्प-संगठित अवसादी शैलों (बलुआ पत्थर, शेल, समूह-शैल) के लिए प्रयुक्त होता है। मिजोरम — इंडो-बर्मी/पूर्वांचल श्रेणियों का हिस्सा, जो उसी विवर्तनिक टक्कर से निर्मित है जिसने हिमालय बनाया — इसी प्रकार के युवा टर्शियरी अवसादी अनुक्रमों से बना है, इसीलिए इस क्षेत्र को मोलास द्रोणी भी कहा जाता है।
यह उत्तर-पूर्वी पहाड़ी राज्यों से संबंधित भौतिक-भूगोल/भूविज्ञान का एक विशिष्ट (नीश) तथ्य है; जाल यह है कि चारों विकल्प (मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, नागालैंड) एक जैसे दिखने वाले वास्तविक इंडो-बर्मी पहाड़ी राज्य हैं, इसलिए केवल विशिष्ट 'मोलास द्रोणी' उपाधि जानने पर ही सही विकल्प चुना जा सकता है।
- 'मोलास' = किसी युवा उभरती पर्वत पेटी से अपरदित मृदु, अल्प-संगठित अवसाद (बलुआ पत्थर/शेल)
- मिजोरम को मोलास द्रोणी भी कहा जाता है
- मिजोरम की पहाड़ियाँ इंडो-बर्मी (पूर्वांचल) वलित-पर्वत तंत्र का हिस्सा हैं, जो भूवैज्ञानिक दृष्टि से युवा (टर्शियरी) हैं
- मणिपुर, त्रिपुरा और नागालैंड पड़ोसी इंडो-बर्मी पहाड़ी राज्य हैं, परंतु यह विशिष्ट उपाधि नहीं रखते

- यह मान लेना कि कोई भी उत्तर-पूर्वी पहाड़ी राज्य 'मोलास द्रोणी' कहलाया जा सकता है क्योंकि सभी समान युवा वलित-पर्वत भूविज्ञान साझा करते हैं
- 'मोलास' (उभरती श्रेणी से मोटा अपरदनी अवसाद) को 'फ्लिश' (पर्वत उत्थान से पहले/दौरान निक्षेपित गहन-सामुद्रिक अवसाद) से गड्डमड्ड करना
एक सीधा 'कौन-सा राज्य/क्षेत्र भी X कहलाता है' उपनाम प्रश्न, जो पूर्वोत्तर में भौतिक-भूगोल उपनामों के लिए सामान्य है (जैसे मिजोरम के लिए 'मोलास द्रोणी', मेघालय के लिए 'पूर्व का स्कॉटलैंड')।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मिजोरम की पहाड़ी श्रेणियाँ पूर्वोत्तर भारत के किस प्रमुख वलित-पर्वत तंत्र का हिस्सा हैं ?
- (a)हिमालय श्रेणी स्वयं
- (b)इंडो-बर्मी (पूर्वांचल) श्रेणियाँ
- (c)दक्कन पठार के उच्च भाग
- (d)अरावली श्रेणी
उत्तर(b) इंडो-बर्मी (पूर्वांचल) श्रेणियाँ — वही टर्शियरी टक्कर पेटी जिसने नागा व मणिपुर पहाड़ियाँ भी बनाई हैं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भूविज्ञान में, 'मोलास' शब्द का तात्पर्य है:
- (a)पर्वत उत्थान से पहले निक्षेपित गहन-सामुद्रिक अवसाद
- (b)किसी उभरती युवा पर्वत पेटी से अपरदित मृदु, अल्प-संगठित अवसाद
- (c)ठंडे लावा से बनी आग्नेय शैल
- (d)अत्यधिक दाब में बनी कायांतरित शैल
उत्तर(b) किसी उभरती युवा पर्वत पेटी से अपरदित मृदु, अल्प-संगठित अवसाद — वह अपरदनी उत्पाद जो मिजोरम को उसका 'मोलास द्रोणी' नाम देता है।