मध्यप्रदेश में लौह अयस्क के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a)लौह अयस्क उत्पादन में मध्यप्रदेश का देश में तीसरा स्थान है ।
- (b)जबलपुर जिले के उत्तर-पूर्वी भाग में हेमेटाइट के जमाव हैं ।
- (c)यहाँ के जमाव में अभ्रक और सिलिका की मात्रा अधिक है ।
- (d)छत्तीसगढ़ राज्य के अलग होने के बाद लौह अयस्क के भण्डार घट गए ।
सही उत्तर — (a) वह कथन है जो सही नहीं है। मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर केवल एक मामूली लौह अयस्क उत्पादक है — ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड मिलकर भारत के लौह अयस्क का अधिकांश भाग आपूर्ति करते हैं, और इनके बीच मध्यप्रदेश का तीसरा स्थान नहीं है। शेष तीन कथन (b, c, d) मध्यप्रदेश के लौह अयस्क का सही वर्णन करते हैं।
- (b)जबलपुर जिले के उत्तर-पूर्वी भाग में हेमेटाइट के जमाव हैं । — यह कथन सही है — मध्यप्रदेश के हेमेटाइट लौह अयस्क जमाव वास्तव में जबलपुर जिले के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित हैं, इसलिए इसे 'सही नहीं' चुनना गलत होगा।
- (c)यहाँ के जमाव में अभ्रक और सिलिका की मात्रा अधिक है । — यह कथन सही है — मध्यप्रदेश का लौह अयस्क उच्च अभ्रक व सिलिका मात्रा के लिए जाना जाता है, जो इसकी श्रेणी/शुद्धता को कम करता है, इसलिए इसे 'सही नहीं' चुनना गलत होगा।
- (d)छत्तीसगढ़ राज्य के अलग होने के बाद लौह अयस्क के भण्डार घट गए । — यह कथन सही है — जब वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से अलग किया गया, तो यह अविभाजित राज्य की अधिकांश समृद्ध लौह अयस्क पट्टियों को अपने साथ ले गया, जिससे मध्यप्रदेश के शेष भंडार घट गए, इसलिए इसे 'सही नहीं' चुनना गलत होगा।
भारत में लौह अयस्क उत्पादन ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड में भारी रूप से केंद्रित है। मध्यप्रदेश के अपने जमाव — मुख्यतः जबलपुर जिले के उत्तर-पूर्वी भाग में हेमेटाइट — तुलनात्मक रूप से छोटे व निम्न-श्रेणी (उच्च अभ्रक/सिलिका मात्रा) के हैं, और जब समृद्ध बस्तर-क्षेत्र अयस्क पट्टियों वाला छत्तीसगढ़ वर्ष 2000 में मध्यप्रदेश से अलग हुआ, तो ये और घट गए।
यह एक 'असत्य कथन खोजिए' प्रारूप है — मध्यप्रदेश के लौह अयस्क के बारे में तीन सत्य, विशिष्ट तथ्य, तथा एक अतिरंजित राष्ट्रीय क्रम का दावा। जाल यह है कि मध्यप्रदेश में वास्तविक, नामित लौह अयस्क जमाव तो हैं, इसलिए एक विश्वसनीय-सा लगने वाला क्रम ('तीसरा') सही लग सकता है, जब तक आपको यह याद न हो कि वास्तविक राष्ट्रीय अग्रणी ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड हैं।
- मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर एक मामूली लौह अयस्क उत्पादक है — शीर्ष उत्पादक राज्यों में शामिल नहीं
- ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और झारखंड भारत के अग्रणी लौह अयस्क उत्पादक राज्य हैं
- मध्यप्रदेश के हेमेटाइट जमाव जबलपुर जिले के उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित हैं
- मध्यप्रदेश के लौह अयस्क में अभ्रक/सिलिका की मात्रा अधिक है, जो इसकी श्रेणी को कम करती है
- वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ के मध्यप्रदेश से अलग होने से अविभाजित राज्य के अधिकांश समृद्ध लौह अयस्क भंडार चले गए
- यह मान लेना कि वास्तविक, नामित जमाव (जबलपुर हेमेटाइट) वाला राज्य राष्ट्रीय स्तर पर भी ऊँचे स्थान पर होना चाहिए
- मध्यप्रदेश की मामूली लौह अयस्क भूमिका को छत्तीसगढ़ की प्रमुख भूमिका से गड्डमड्ड कर देना — वर्ष 2000 से पहले ये एक ही राज्य थे
MPPSC प्रायः 'कौन-सा कथन सही नहीं है' प्रकार के प्रश्न बनाती है, जिसमें एक अतिरंजित क्रम/मात्रा का दावा कई सटीक, विशिष्ट तथ्यों के साथ मिलाया जाता है — समग्र 'भाव' से निर्णय लेने के बजाय प्रत्येक दावे को अलग-अलग जाँचें।
भारत में लौह अयस्क के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a) हमारे देश में मुख्यतः हेमेटाइट और मैग्नेटाइट के लौह अयस्क भंडार हैं।
- (b) देश के कुल लौह अयस्क भंडार का लगभग 80% झारखंड और ओडिशा में स्थित है।
- (c) बेल्लारी कर्नाटक में लौह अयस्क का एक प्रमुख खनन क्षेत्र है।
- (d) मयूरभंज जिले का ओडिशा में लौह अयस्क की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है।
उत्तर(b) 'देश के कुल लौह अयस्क भंडार का लगभग 80% झारखंड और ओडिशा में स्थित है' — इसे 'सही नहीं' चिह्नित किया गया, क्योंकि यह लगभग 80% का आँकड़ा तभी पूरा होता है जब ओडिशा व झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ और कर्नाटक को भी गिना जाए।
वही परीक्षा, वही 'लौह अयस्क कथन — कौन-सा सही नहीं है' प्रारूप, परंतु यहाँ पूछे गए मध्यप्रदेश-विशिष्ट तथ्यों के बजाय राष्ट्रीय ओडिशा-झारखंड चित्र को परखते हुए।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में लौह अयस्क का अग्रणी उत्पादक राज्य कौन-सा है ?
- (a)मध्यप्रदेश
- (b)ओडिशा
- (c)कर्नाटक
- (d)झारखंड
उत्तर(b) ओडिशा — भारत का शीर्ष लौह अयस्क उत्पादक राज्य।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश के लौह अयस्क भंडार मुख्यतः किस कारण से उल्लेखनीय रूप से घट गए ?
- (a)हरित क्रांति
- (b)वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन
- (c)1947 में स्वतंत्रता
- (d)1956 का राज्य पुनर्गठन
उत्तर(b) वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन, जो अविभाजित राज्य की अधिकांश समृद्ध अयस्क पट्टियाँ अपने साथ ले गया।