“तहकीक-ए-हिन्द” किताब के लेखक कौन हैं ?
- (a)ज़ियाउद्दीन बरनी
- (b)अमीर खुसरो
- (c)अल-बरूनी
- (d)अब्दुर रज़्ज़ाक
सही उत्तर — (C) अल-बरूनी। अल-बरूनी (973–1048 ई.), ख्वारज़्मी बहुज्ञ विद्वान, जो मह्मूद ग़ज़नवी के भारत अभियानों के साथ आया था, ने संस्कृत सीखी और भारतीय दर्शन, खगोलशास्त्र व समाज का प्रत्यक्ष अध्ययन किया, तथा लगभग 1030 ई. में “तहकीक-ए-हिन्द” (जिसे “किताब-उल-हिन्द” भी कहा जाता है) लिखी — जो विदेशी पाठकों के लिए भारतीय सभ्यता का एक प्रारंभिक, विश्लेषणात्मक विवरण है।
- (a)ज़ियाउद्दीन बरनी — 14वीं सदी के दिल्ली सल्तनत के दरबारी इतिहासकार (तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही के लेखक), जिन्होंने सल्तनत के बारे में लिखा — न कि 11वीं सदी के अल-बरूनी के भारत-विवरण के बारे में।
- (b)अमीर खुसरो — 13वीं–14वीं सदी के दिल्ली सल्तनत दरबार के भारतीय-फ़ारसी कवि व संगीतकार, जो अपनी कविता और क़व्वाली परंपरा के लिए प्रसिद्ध हैं — न कि “तहकीक-ए-हिन्द” के लेखक।
- (d)अब्दुर रज़्ज़ाक — 15वीं सदी का तैमूरी दूत, जिसने विजयनगर साम्राज्य की यात्रा की और उस राज्य का यात्रा-विवरण छोड़ा — यह अल-बरूनी के “तहकीक-ए-हिन्द” से भिन्न यात्री, स्थान व काल है।
“तहकीक-ए-हिन्द” को किसी विदेशी लेखक द्वारा भारत के सबसे प्रारंभिक गंभीर विद्वत्तापूर्ण विवरणों में से एक माना जाता है, जो सामान्य यात्रा-वृत्तांतों से इस मायने में अलग है कि इसमें भारतीय धर्म, विज्ञान, खगोलशास्त्र व रीति-रिवाजों का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है — अल-बरूनी ने भारतीय विचारों की तुलना अपनी पहले से ज्ञात यूनानी दर्शन से भी की।
MPPSC/UPSC प्रायः मध्यकालीन भारत के 'यात्री/विद्वान → पुस्तक' युग्मों की परीक्षा लेते हैं (अल-बरूनी → तहकीक-ए-हिन्द, इब्न बतूता → रेहला, अब्दुर रज़्ज़ाक → उसका विजयनगर विवरण)। जाल यह है कि 11वीं सदी के अल-बरूनी को, जो ग़ज़नवी आक्रमणों के साथ आया था, बाद के दिल्ली सल्तनत दरबारी व्यक्तित्वों जैसे अमीर खुसरो या ज़ियाउद्दीन बरनी के साथ भ्रमित कर दिया जाए।
- अल-बरूनी (973–1048 ई.) मह्मूद ग़ज़नवी के भारत पर आक्रमणों के साथ आया और बाद में संस्कृत व भारतीय विज्ञानों का अध्ययन किया
- “तहकीक-ए-हिन्द” (किताब-उल-हिन्द) उसका भारतीय धर्म, दर्शन, विज्ञान व रीति-रिवाजों का विवरण है, जो अरबी भाषा में लिखा गया
- बाद के सल्तनतकालीन व्यक्तित्वों — अमीर खुसरो (खिलजी/तुग़लक़ दरबार के कवि-संगीतकार) व ज़ियाउद्दीन बरनी (तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही के इतिहासकार) — से भिन्न
- अब्दुर रज़्ज़ाक 15वीं सदी का तैमूरी राजदूत था, जिसने विजयनगर साम्राज्य का भ्रमण कर उसका वर्णन किया, न कि उत्तर भारत का
- अल-बरूनी (11वीं सदी, ग़ज़नवी आक्रमणों के साथ आया) को अमीर खुसरो या ज़ियाउद्दीन बरनी जैसे बाद के दिल्ली सल्तनत लेखकों के साथ भ्रमित करना
- अब्दुर रज़्ज़ाक के विजयनगर विवरण को अल-बरूनी के उत्तर भारत विवरण के साथ मिला देना
MPPSC/UPSC प्रायः किसी मध्यकालीन इतिहास-लेखक को उसकी प्रमुख कृति से जोड़कर पूछते हैं — अल-बरूनी को तहकीक-ए-हिन्द से, इब्न बतूता को रेहला से, और अब्दुर रज़्ज़ाक को उसके विजयनगर यात्रा-वृत्तांत से याद रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
इब्न बतूता, मध्यकालीन यात्री जिसने मुहम्मद बिन तुग़लक़ के शासनकाल में भारत का विस्तृत विवरण छोड़ा, मूल रूप से कहाँ का निवासी था?
- (a)मोरक्को
- (b)फ़ारस
- (c)वेनिस
- (d)पुर्तगाल
उत्तर(a) मोरक्को — इब्न बतूता एक मोरक्कोवासी यात्री था, जिसकी रेहला में दिल्ली सल्तनत में बिताए उसके वर्षों का वर्णन है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कौन-सा 15वीं सदी का फ़ारसी दूत देवराय द्वितीय के शासनकाल में विजयनगर साम्राज्य आया और उसने उस राज्य का एक मूल्यवान यात्रा-विवरण छोड़ा?
- (a)अल-बरूनी
- (b)अब्दुर रज़्ज़ाक
- (c)अमीर खुसरो
- (d)ज़ियाउद्दीन बरनी
उत्तर(b) अब्दुर रज़्ज़ाक — तैमूरी दूत, जिसके विवरण में विजयनगर दरबार का वर्णन है।