इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में निम्नलिखित में से कौन-सी तकनीक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म पैदा करने में प्रयोग नहीं की जा सकती है ?
- (a)तापीय सक्रियता
- (b)संघट्ट आयनीकरण
- (c)प्रकाशिक सक्रियता
- (d)अशुद्धि अन्तःक्षेप
सही उत्तर — (D) अशुद्धि अन्तःक्षेप। एक वास्तविक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म तभी बनता है जब कोई संयोजकता इलेक्ट्रॉन (valence electron) बैंड-गैप के आर-पार उत्तेजित होकर पीछे एक मेल खाता हुआ होल छोड़ता है — चाहे यह तापीय ऊर्जा, अवशोषित फोटॉन, या किसी उच्च-ऊर्जा वाहक की टक्कर से हो। अशुद्धि अन्तःक्षेप (donor या acceptor परमाणुओं के साथ डोपिंग) इसके बजाय केवल एक ही प्रकार के वाहक की अधिकता जोड़ता है (donor से अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन, या acceptor से अतिरिक्त होल) बिना युग्मन के — यह बहुसंख्यक-वाहक सांद्रता को बदलता है, युग्म-उत्पादन को नहीं।
- (a)तापीय सक्रियता — तापीय ऊर्जा किसी संयोजकता इलेक्ट्रॉन को बैंड-गैप के आर-पार उत्तेजित कर सकती है, जिससे एक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न होता है — यह आंतरिक तापीय वाहक-उत्पादन का आधार है।
- (b)संघट्ट आयनीकरण — एक उच्च-ऊर्जा वाहक जब किसी जालक परमाणु से टकराता है तो वह किसी संयोजकता इलेक्ट्रॉन को चालन बैंड में धकेल सकता है, जिससे एक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न होता है — यह एवलांच ब्रेकडाउन का आधार है।
- (c)प्रकाशिक सक्रियता — बैंड-गैप के बराबर या उससे अधिक ऊर्जा वाला एक फोटॉन किसी इलेक्ट्रॉन को गैप के आर-पार उत्तेजित कर सकता है, जिससे एक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न होता है — यह फोटोडायोड व सोलर सेल का आधार है।
एक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म तब बनता है जब कोई संयोजकता इलेक्ट्रॉन चालन बैंड में कूदने के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त करता है, और पीछे एक मेल खाता हुआ होल छोड़ता है। यह तापीय ऊर्जा, अवशोषित प्रकाश (फोटॉन), या उच्च-ऊर्जा वाहक-टक्कर से उत्पन्न हो सकता है। डोपिंग (अशुद्धि अन्तःक्षेप) एक अलग प्रक्रिया है — donor या acceptor परमाणु जोड़ने से क्रिस्टल की स्थिर बहुसंख्यक-वाहक जनसंख्या बदलती है, बिना एक मेल खाता हुआ युग्म बनाए।
परीक्षा-जाल डोपिंग को वाहक 'जोड़ने' का महज़ एक अन्य तरीका मानकर उसे वास्तविक युग्म-उत्पादन के साथ मिला देना है। पहचान की कसौटी: क्या यह तंत्र एक सहसंयोजक बंधन तोड़कर एक मेल खाता इलेक्ट्रॉन व होल (एक युग्म) मुक्त करता है, या क्या कोई अशुद्धि परमाणु स्वयं ही केवल एक अतिरिक्त वाहक प्रदान करता है?
- इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पादन तंत्र: तापीय सक्रियता, प्रकाशिक सक्रियता (प्रकाश), संघट्ट आयनीकरण (टक्कर)
- अशुद्धि अन्तःक्षेप (डोपिंग) प्रत्येक डोपैंट परमाणु से केवल एक ही प्रकार का वाहक जोड़ता है — donor इलेक्ट्रॉन जोड़ते हैं, acceptor होल जोड़ते हैं — कोई युग्म नहीं बनता
- प्रकाशिक सक्रियता फोटोडायोड व सोलर सेल का कार्य-सिद्धांत है
- संघट्ट आयनीकरण एवलांच ब्रेकडाउन का आधार है
डोपिंग ही विषम है — यह वाहक सांद्रता बदलता है परन्तु एक मेल खाता इलेक्ट्रॉन-होल युग्म नहीं बनाता।
- डोपिंग को एक युग्म-उत्पादन तंत्र मान लेना केवल इसलिए क्योंकि यह भी 'वाहक जोड़ता' है
- संघट्ट आयनीकरण (टक्कर-प्रेरित) को प्रकाशिक सक्रियता (प्रकाश-प्रेरित) के साथ मिला देना
एक उल्टा/विषम-एक-बाहर प्रारूप ('कौन-सी तकनीक X नहीं कर सकती') — MPPSC इलेक्ट्रॉनिक्स MCQ युग्म-उत्पादन व डोपिंग के ज़रिए वाहक-वृद्धि के बीच मूल भौतिकी के अंतर को परखते हैं।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
अर्धचालक डोपिंग में, एक donor अशुद्धि परमाणु (जैसे सिलिकॉन में फॉस्फोरस) क्या योगदान देता है:
- (a)एक इलेक्ट्रॉन-होल युग्म
- (b)केवल एक अतिरिक्त मुक्त इलेक्ट्रॉन
- (c)केवल एक अतिरिक्त होल
- (d)वाहक सांद्रता में कोई परिवर्तन नहीं
उत्तर(b) केवल एक अतिरिक्त मुक्त इलेक्ट्रॉन — डोपिंग कोई युग्मित वाहक उत्पन्न नहीं करता।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
प्रकाश-अवशोषण द्वारा इलेक्ट्रॉन-होल युग्मों का उत्पादन किसका कार्य-सिद्धांत है:
- (a)ज़ेनर डायोड
- (b)फोटोडायोड/सोलर सेल
- (c)वैरेक्टर डायोड
- (d)ज़ेनर रेगुलेटर
उत्तर(b) फोटोडायोड/सोलर सेल — प्रकाशिक-सक्रियता द्वारा इलेक्ट्रॉन-होल युग्म उत्पन्न करने पर आधारित।