निम्नलिखित में से ई-गवर्नेन्स का कौन-सा वर्णन सटीक बैठता है ?
- (a)नागरिकों को नियुक्त करना, सक्षम बनाना तथा अधिकार देना
- (b)नागरिकों को उचित एवं पक्षपात-विहीन निर्णय देना
- (c)तकनीकी आधारित शासन की व्यवस्था देना
- (d)ई-वाणिज्य (ई-कॉमर्स) में लोगों का विश्वास सुनिश्चित करना
सही उत्तर — (C) 'तकनीकी आधारित शासन की व्यवस्था देना।' चारों कथनों में से यही ई-गवर्नेन्स के वास्तविक स्वरूप का सीधा वर्णन है: सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के माध्यम से संचालित शासन व सरकारी-सेवा वितरण। शेष विकल्प ई-गवर्नेन्स के किसी लक्ष्य (A), एक सामान्य शासन-आदर्श (B), या एक असंबद्ध क्षेत्र (D) का वर्णन करते हैं, न कि स्वयं ई-गवर्नेन्स का।
- (a)नागरिकों को नियुक्त करना, सक्षम बनाना तथा अधिकार देना — यह ई-गवर्नेन्स के एक लक्ष्य/परिणाम (नागरिक-सहभागिता व सशक्तिकरण) को बताता है — प्रश्न ई-गवर्नेन्स के वर्णन के बारे में पूछता है, इसके किसी उद्देश्य के बारे में नहीं।
- (b)नागरिकों को उचित एवं पक्षपात-विहीन निर्णय देना — यह एक सामान्य सुशासन-आदर्श (निष्पक्षता, पक्षपात-रहितता) का वर्णन करता है, जो ई-गवर्नेन्स की तकनीक-संचालित प्रकृति के लिए विशिष्ट नहीं है।
- (d)ई-वाणिज्य (ई-कॉमर्स) में लोगों का विश्वास सुनिश्चित करना — गलत क्षेत्र — यह ई-कॉमर्स/डिजिटल भुगतान में विश्वास का वर्णन करता है, जो ई-गवर्नेन्स (ICT के ज़रिए सरकारी सेवा-वितरण) से एक अलग अवधारणा है।
ई-गवर्नेन्स सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (Information and Communication Technology, ICT) का उपयोग करके सरकारी सेवाओं, प्रक्रियाओं व सूचना को वितरित करना है — अर्थात् ऐसा शासन जो तकनीक-संचालित है। यह ई-गवर्नेन्स के किसी बताए गए लक्ष्य या परिणाम (जैसे नागरिक-सशक्तिकरण या निष्पक्ष निर्णय) से भिन्न है, जो यह बताते हैं कि ई-गवर्नेन्स का लक्ष्य क्या है, न कि यह मूलतः क्या है।
प्रश्न ई-गवर्नेन्स का 'उपयुक्त वर्णन' पूछता है (यह क्या है), न कि इसके किसी बताए गए लक्ष्य या लाभ के बारे में — विकल्प A, B व D प्रत्येक एक परिणाम, एक सामान्य आदर्श, या एक असंबद्ध क्षेत्र का वर्णन करते हैं, न कि स्वयं ई-गवर्नेन्स के वर्णन का।
- ई-गवर्नेन्स = नागरिकों, व्यवसायों तथा अन्य सरकारी निकायों को सरकारी सेवाओं/प्रक्रियाओं की डिलीवरी हेतु ICT का उपयोग
- प्रायः संकीर्ण शब्द 'e-Government' से अलग किया जाता है, जो अधिक विशेष रूप से आंतरिक सरकारी परिचालन/सेवा-वितरण के डिजिटलीकरण को दर्शाता है
- ई-गवर्नेन्स मॉडल सामान्यतः G2C, G2B, G2G व G2E में वर्गीकृत किए जाते हैं
- ई-कॉमर्स (ऑनलाइन क्रय-विक्रय) ई-गवर्नेन्स से एक अलग क्षेत्र है
MPPSC की उत्तर-कुंजी (C) को ई-गवर्नेन्स के वर्णन के रूप में मानती है; (A) ई-गवर्नेन्स के लक्ष्य का वर्णन करता है, इसकी परिभाषा का नहीं।
- नागरिक-सशक्तिकरण जैसी लगने वाली विकल्प चुनना, बजाय उस शाब्दिक 'तकनीकी-आधारित शासन' वर्णन के जिसे उत्तर-कुंजी सही मानती है — पढ़ें कि प्रश्न वर्णन/परिभाषा पूछ रहा है या लक्ष्य
- ई-गवर्नेन्स को ई-कॉमर्स के साथ मिला देना (एक सामान्य भ्रामक जोड़ी)
MPPSC प्रायः ई-गवर्नेन्स की एक-पंक्ति परिभाषाओं/वर्णनों को इसके बताए गए लक्ष्यों या मॉडलों के मुकाबले परखता है — किसी विकल्प से मिलान करने से पहले प्रश्न-वाक्य (वर्णन बनाम लक्ष्य बनाम मॉडल) को ध्यान से पढ़ें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
'e-Government' और 'e-Governance' के बीच सामान्यतः खींचा जाने वाला मुख्य अंतर क्या है?
- (a)e-Government सरकारी सेवाओं व आंतरिक प्रक्रियाओं को वितरित/स्वचालित करने हेतु ICT के उपयोग को दर्शाता है, जबकि e-Governance सरकार-नागरिक संबंधों, सहभागिता व नीति-निर्माण को रूपांतरित करने के लिए ICT के व्यापक उपयोग को दर्शाता है
- (b)ये एक ही अवधारणा की केवल दो भिन्न वर्तनियाँ हैं, इनमें कोई वास्तविक अंतर नहीं है
- (c)e-Government केवल राज्य सरकारों पर लागू होता है, e-Governance केवल केंद्र सरकार पर
- (d)e-Governance केवल रक्षा-संबंधी विभागों पर लागू होता है
उत्तर(a) e-Government संकीर्ण सेवा-वितरण शब्द है; e-Governance व्यापक रूपांतरण अवधारणा है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत में राष्ट्रीय ई-गवर्नेन्स योजना (NeGP) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
- (a)ICT का उपयोग करते हुए, दक्षता, पारदर्शिता व विश्वसनीयता के साथ सामान्य सेवा वितरण केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाना
- (b)सभी सरकारी उपक्रमों का निजीकरण करना
- (c)भौतिक मुद्रा को पूर्णतः डिजिटल भुगतान से प्रतिस्थापित करना
- (d)ई-कॉमर्स कंपनियों में विदेशी निवेश को विनियमित करना
उत्तर(a) ICT के ज़रिए सुलभ, दक्ष, पारदर्शी सरकारी सेवाओं की डिलीवरी।