देश की सीमाओं से परे ई-कॉमर्स (e-commerce) का कौन-सा आयाम व्यापार के लिए सक्षम है ?
- (a)अमीरी
- (b)अन्तरक्रियाशीलता
- (c)विश्वव्यापी पहुँच
- (d)सर्वविद्यमानता
सही उत्तर — (C) विश्वव्यापी पहुँच। ई-कॉमर्स का यह आयाम दर्शाता है कि अंतर्निहित इंटरनेट तकनीक व्यापार को राष्ट्रीय व सांस्कृतिक सीमाओं के पार ले जाने में सक्षम बनाती है, जिससे किसी कंपनी का संभावित बाज़ार एक देश तक सीमित न रहकर विश्व की समूची ऑनलाइन जनसंख्या बन जाता है।
- (a)अमीरी — अमीरी (Richness) किसी साइट द्वारा प्रस्तुत की जा सकने वाली विषय-वस्तु की गहराई — वीडियो, ऑडियो व टेक्स्ट संदेश — से संबंधित है, राष्ट्रीय सीमाएँ पार करने से नहीं।
- (b)अन्तरक्रियाशीलता — अन्तरक्रियाशीलता (Interactivity) तकनीक द्वारा क्रेता और विक्रेता के बीच सक्षम की गई द्विदिशीय संचार को दर्शाती है — देश की सीमाएँ पार करने से इसका कोई संबंध नहीं है।
- (d)सर्वविद्यमानता — सर्वविद्यमानता (Ubiquity) का अर्थ है कि व्यापार हर जगह व हर समय उपलब्ध है, जो इसे किसी स्थिर भौतिक बाज़ार-स्थल से मुक्त करता है — यह राष्ट्रीय सीमाएँ पार करने के विशिष्ट विचार से संबंधित तो है, पर भिन्न है।
ई-कॉमर्स का वर्णन प्रौद्योगिकीय आयामों के एक मानक समुच्चय से किया जाता है, जो इसे परम्परागत व्यापार से अलग करते हैं। 'विश्वव्यापी पहुँच' का विशिष्ट अर्थ है कि तकनीक व्यापार को राष्ट्रीय व सांस्कृतिक सीमाओं के पार ले जाती है, जिससे किसी व्यवसाय का संभावित बाज़ार केवल स्थानीय भूगोल तक सीमित न रहकर विश्व की समूची ऑनलाइन जनसंख्या बन जाता है।
यहाँ जाल 'सर्वविद्यमानता' है, जो सुनने में भी 'हर जगह' जैसा लगता है — परन्तु सर्वविद्यमानता का संबंध किसी भी समय व स्थान पर उपलब्धता (एक स्थिर भौतिक स्थान से मुक्ति) से है, विशेष रूप से देश की सीमाएँ पार करने से नहीं। प्रश्न का वाक्यांश 'देश की सीमाओं से परे' ठीक विश्वव्यापी पहुँच की ओर संकेत करता है।
- विश्वव्यापी पहुँच: तकनीक राष्ट्रीय/सांस्कृतिक सीमाएँ पार करती है; संभावित बाज़ार विश्व की समूची ऑनलाइन जनसंख्या तक फैलता है
- सर्वविद्यमानता: व्यापार किसी भी समय/स्थान पर उपलब्ध, किसी एक स्थिर भौतिक बाज़ार-स्थल से बँधा नहीं
- अमीरी: समृद्ध विषय-वस्तु — वीडियो, ऑडियो व टेक्स्ट संदेश — प्रस्तुत करने की क्षमता
- अन्तरक्रियाशीलता: तकनीक विक्रेता व क्रेता के बीच द्विदिशीय संचार सक्षम बनाती है
विश्वव्यापी पहुँच ही देश की सीमाएँ पार करने से जुड़ा आयाम है; सर्वविद्यमानता निकटतम भ्रामक विकल्प है परन्तु इसका अर्थ 'हर जगह/हर समय' है, न कि 'सीमा-पार'।
- 'सर्वविद्यमानता' (हर जगह/हर समय उपलब्ध, स्थान-निरपेक्ष) को 'विश्वव्यापी पहुँच' (विशेष रूप से राष्ट्रीय/भौगोलिक सीमाएँ पार करना) के साथ भ्रमित करना
- यह मान लेना कि 'अमीरी' का संबंध विषय-वस्तु की गहराई (वीडियो/ऑडियो/टेक्स्ट) की बजाय बाज़ार-पहुँच से है
MPPSC का IT-जागरूकता खंड सामान्यतः किसी आयाम का एक-पंक्ति अर्थ देकर उसका नाम पूछता है, या इसका उल्टा — शब्दावली सूची को उसके सटीक अर्थ के साथ याद रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मानक ई-कॉमर्स विशेषता-ढाँचे में, कौन-सा शब्द किसी साइट की समृद्ध विषय-वस्तु (वीडियो, ऑडियो व टेक्स्ट) को उन तरीकों से प्रस्तुत करने की क्षमता दर्शाता है, जिन्हें परम्परागत माध्यम प्रायः इतनी आसानी से संयोजित नहीं कर पाते?
- (a)अमीरी
- (b)सर्वविद्यमानता
- (c)सार्वभौमिक मानक
- (d)वैयक्तिकरण
उत्तर(a) अमीरी।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
ई-कॉमर्स की विशेषता 'सर्वविद्यमानता' मुख्यतः किसे दर्शाती है:
- (a)तकनीक हर जगह/हर समय उपलब्ध होना, जो व्यापार को किसी स्थिर भौतिक या समय-संबंधी स्थान से मुक्त करती है
- (b)व्यापार का देश की सीमाओं से परे वैश्विक बाज़ार तक पहुँचना
- (c)प्रत्येक उपयोगकर्ता को वैयक्तिकृत विषय-वस्तु प्रदान करना
- (d)इंटरनेट तकनीक के एक समान मानकों के समुच्चय का उपयोग
उत्तर(a) हर जगह/हर समय उपलब्धता, किसी स्थिर स्थान से स्वतंत्र।