निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : i. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के वेतन के बराबर वेतन का संदाय किया जाता है । ii. भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की दिनांक से 6 वर्ष की अवधि या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले आता है, तक होगा । iii. कोई निर्वाचन आयुक्त किसी भी समय मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित स्वहस्ताक्षरित लेख द्वारा अपना पद त्याग कर सकेगा । कौन-से कथन सत्य है ?
- (a)i तथा iii
- (b)i तथा ii
- (c)i, ii तथा iii
- (d)केवल iii
सही उत्तर — (b) कथन (i) व (ii)। (i) सत्य है: निर्वाचन आयोग (निर्वाचन आयुक्तों की सेवा-शर्तें एवं कार्य-संचालन) अधिनियम, 1991 के अंतर्गत, CEC को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर वेतन मिलता है। (ii) सत्य है: CEC का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की दिनांक से 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले आए, तक होता है। (iii) असत्य है: उसी 1991 अधिनियम के अंतर्गत, त्यागपत्र देने वाले निर्वाचन आयुक्त को अपना त्यागपत्र मुख्य निर्वाचन आयुक्त को नहीं, बल्कि राष्ट्रपति को संबोधित करना होता है — त्यागपत्र राष्ट्राध्यक्ष के माध्यम से होकर जाता है, ताकि किसी निर्वाचन आयुक्त की स्वतंत्रता CEC के अधीन न हो जाए।
- (a)i तथा iii — इसमें असत्य कथन (iii) शामिल है — त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित होता है, CEC को नहीं।
- (c)i, ii तथा iii — (iii) को गलत तरीके से सत्य मानता है; तीन कथनों में से वास्तव में केवल दो ही सत्य हैं।
- (d)केवल iii — कथन (iii) ही असत्य कथन है — यह विकल्प उत्तर को उलट देता है और दो वास्तव में सत्य कथनों को भी छोड़ देता है।
निर्वाचन आयोग (निर्वाचन आयुक्तों की सेवा-शर्तें एवं कार्य-संचालन) अधिनियम, 1991, CEC व निर्वाचन आयुक्तों के वेतन, कार्यकाल व त्यागपत्र प्रक्रिया को निर्धारित करता है, जिससे उन्हें कार्यपालिका के दबाव से अलग रखा जाता है — यह सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को दी गई सुरक्षा के समान है।
MPPSC इसी एक अधिनियम से पूरी तरह बने 'कथनों पर विचार कीजिए' प्रश्न पसंद करता है। जाल सामान्यतः एक ही विवरण बदलकर होता है — यहाँ, सही 'राष्ट्रपति को संबोधित' के बजाय 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित'।
- CEC का वेतन सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के वेतन के बराबर होता है (निर्वाचन आयोग (सेवा-शर्तें) अधिनियम, 1991)
- CEC का कार्यकाल पदभार ग्रहण से 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले आए, तक होता है
- निर्वाचन आयुक्त त्यागपत्र राष्ट्रपति को संबोधित पत्र द्वारा देता है, CEC को नहीं
- CEC को केवल उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को (अनुच्छेद 324(5)); अन्य निर्वाचन आयुक्तों को CEC की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है
- त्यागपत्र-पत्र नियम में 'राष्ट्रपति' व 'मुख्य निर्वाचन आयुक्त' को अदल-बदल करना
- CEC के 6-वर्ष/65-वर्ष कार्यकाल नियम को राष्ट्रपति या किसी राज्य PSC सदस्य के अपने कार्यकाल नियमों से गड्डमड्ड करना
यही तीन-कथन प्रारूप फिर अपेक्षित है — MPPSC वेतन, कार्यकाल व त्यागपत्र प्रक्रिया को एक त्रिक के रूप में परखता है, सामान्यतः तीन में से केवल एक को असत्य बनाकर।
भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मुख्य निर्वाचन आयुक्त व अन्य निर्वाचन आयुक्तों के पास समान शक्तियाँ हैं परन्तु वे असमान वेतन प्राप्त करते हैं। 2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त उस वेतन का हक़दार है जो सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को दिया जाता है। 3. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसी तरीके व उन्हीं आधारों पर पद से नहीं हटाया जाएगा जैसे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को। 4. किसी निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल पदभार ग्रहण की तिथि से पाँच वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले आए, तक होता है। इनमें से कौन-से कथन सही हैं ?
- (a) 1 तथा 2
- (b) 2 तथा 3
- (c) 1 तथा 4
- (d) 2 तथा 4
उत्तर(b) 2 तथा 3 — CEC का वेतन सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के बराबर है, और CEC को केवल SC न्यायाधीश की भाँति ही हटाया जा सकता है।
वही सेवा-शर्त अवधारणा (CEC के वेतन की सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश से समानता) उसी 'कथनों पर विचार कीजिए' प्रारूप में परखी गई।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक को केवल उसी तरीके व उन्हीं आधारों पर पद से हटाया जा सकता है जैसे :
- (a)उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को
- (b)सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को
- (c)मुख्य निर्वाचन आयुक्त को
- (d)संसद के किसी सदस्य को
उत्तर(b) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को — अनुच्छेद 148(1) CEC हेतु उपयोग की गई वही निष्कासन सुरक्षा उधार लेता है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
एक निर्वाचन आयुक्त (मुख्य निर्वाचन आयुक्त के अतिरिक्त) जो त्यागपत्र देना चाहता है, अपना त्यागपत्र-पत्र किसे संबोधित करेगा :
- (a)मुख्य निर्वाचन आयुक्त को
- (b)प्रधानमंत्री को
- (c)राष्ट्रपति को
- (d)लोकसभा अध्यक्ष को
उत्तर(c) राष्ट्रपति को — निर्वाचन आयोग (सेवा-शर्तें) अधिनियम, 1991।