मध्यप्रदेश की जलवायु के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है ?
- (a)मध्यप्रदेश की जलवायु राज्य के मध्य से गुजरने वाली कर्क रेखा से प्रभावित है ।
- (b)ग्वालियर गर्म ग्रीष्मकाल के साथ उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु का एक उदाहरण है ।
- (c)मध्यप्रदेश में अरब सागर की शाखा और बंगाल की खाड़ी की शाखा दोनों से वर्षा होती है ।
- (d)राज्य की लगभग 50 प्रतिशत वर्षा दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होती है ।
सही उत्तर — (d) ही असत्य कथन है। मध्यप्रदेश को अपनी वार्षिक वर्षा का भारी बहुमत — सामान्यतः लगभग 90% बताया जाता है — दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून–सितम्बर) से प्राप्त होता है; 'लगभग 50 प्रतिशत' मानसून के हिस्से को बहुत कम आँकता है, इसीलिए यह असत्य कथन है।
- (a)मध्यप्रदेश की जलवायु राज्य के मध्य से गुजरने वाली कर्क रेखा से प्रभावित है । — सत्य, उत्तर नहीं — कर्क रेखा (23°30′उ) मध्यप्रदेश के मध्य से गुजरती है, जो राज्य को मिश्रित उष्णकटिबंधीय/उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु चरित्र प्रदान करती है।
- (b)ग्वालियर गर्म ग्रीष्मकाल के साथ उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु का एक उदाहरण है । — सत्य, उत्तर नहीं — राज्य के उत्तर में स्थित ग्वालियर में अत्यंत गर्म ग्रीष्मकाल के साथ उपोष्ण कटिबंधीय जलवायु है, यह एक मानक वर्णनात्मक तथ्य है।
- (c)मध्यप्रदेश में अरब सागर की शाखा और बंगाल की खाड़ी की शाखा दोनों से वर्षा होती है । — सत्य, उत्तर नहीं — मध्यप्रदेश उस स्थान पर स्थित है जहाँ दोनों मानसून शाखाएँ पहुँचती हैं, इसलिए इसे वास्तव में दोनों शाखाओं से वर्षा का योगदान प्राप्त होता है।
मध्यप्रदेश की जलवायु व्यापक रूप से मानसूनी है, जो इसकी कर्क रेखा पर फैली केंद्रीय स्थिति और दक्षिण-पश्चिम मानसून की दोनों शाखाओं के अभिसरण से आकारित होती है। इसकी वर्षा भारी रूप से मानसून पर निर्भर है — दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य के वार्षिक कुल का बड़ा हिस्सा प्रदान करता है, जो एक साधारण आधे से कहीं अधिक है।
किसी राज्य की जलवायु पर 'असत्य' प्रकार के प्रश्न सामान्यतः कई सही वर्णनात्मक कथनों के बीच एक गलत संख्या छुपाते हैं; सुरक्षित जाँच सदैव मानसून-निर्भरता प्रतिशत की होती है, क्योंकि विद्यार्थी अक्सर मध्यप्रदेश के वास्तविक, अधिक उच्च आँकड़े को जाने बिना एक सामान्य 'अधिकांश क्षेत्रों को लगभग 70-80% मिलता है' वाले आँकड़े को मान लेते हैं।
- कर्क रेखा (23°30′उ) मध्यप्रदेश के मध्य से गुजरती है
- मध्यप्रदेश को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी — दोनों मानसून शाखाओं से वर्षा प्राप्त होती है
- राज्य को अपनी वार्षिक वर्षा का लगभग 90% दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून–सितम्बर) से प्राप्त होता है
- ग्वालियर राज्य की गर्म, उपोष्ण कटिबंधीय ग्रीष्मकालीन जलवायु का प्रतिनिधित्व करता है
चारों कथनों में से केवल '~50% वर्षा' वाला दावा तथ्यतः गलत है।
- किसी भी भारतीय राज्य के लिए ~50% को 'सुरक्षित औसत' वर्षा आँकड़ा मान लेना, न कि मध्यप्रदेश की वास्तविक ~90% मानसून-निर्भरता
- यह नज़रअंदाज़ करना कि मध्यप्रदेश को दोनों मानसून शाखाएँ मिलती हैं — एक विशिष्ट, परखने योग्य तथ्य
MPPSC अक्सर तीन सत्य सामान्य-भूगोल कथनों के साथ एक सूक्ष्मता से गलत संख्या को 'असत्य' प्रारूप में जोड़ता है — सदैव पहले संख्यात्मक दावे की जाँच करें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
मध्यप्रदेश की वार्षिक वर्षा का लगभग कितना प्रतिशत दक्षिण-पश्चिम मानसून से प्राप्त होता है?
- (a)50%
- (b)70%
- (c)90%
- (d)30%
उत्तर(c) लगभग 90% — मध्यप्रदेश भारी रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून पर निर्भर है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कर्क रेखा, जो मध्यप्रदेश के मध्य से गुजरती है, किस अक्षांश पर स्थित है?
- (a)23°30′ उ
- (b)66°30′ उ
- (c)0°
- (d)23°30′ द
उत्तर(a) 23°30′ उत्तर।