उर्वरक उद्योग के लिए कौन-सा कच्चामाल नहीं है ?
- (a)नेफ्था
- (b)जिप्सम
- (c)सल्फर
- (d)कॉस्टिक सोडा
सही उत्तर — (d) कॉस्टिक सोडा। कॉस्टिक सोडा (सोडियम हाइड्रॉक्साइड, NaOH) क्लोर-अल्कली उद्योग का उत्पाद है और साबुन, कागज़, वस्त्र, एल्युमिना तथा डिटर्जेंट में प्रयुक्त होता है — यह उर्वरक के लिए कच्चा माल नहीं है। शेष तीनों वास्तविक उर्वरक कच्चे माल हैं: नेफ्था अमोनिया (और इसलिए यूरिया जैसे नाइट्रोजनी उर्वरकों) बनाने का फीडस्टॉक है, सल्फर को सल्फ्यूरिक अम्ल में बदलकर फॉस्फेटी उर्वरक बनाए जाते हैं, और जिप्सम अमोनियम सल्फेट बनाने तथा कैल्शियम व सल्फर के स्रोत के रूप में प्रयुक्त होता है। अतः कॉस्टिक सोडा ही विषम (odd one out) है।
- (a)नेफ्था — पेट्रोलियम का एक अंश जो अमोनिया बनाने के फीडस्टॉक के रूप में प्रयुक्त होता है — यूरिया जैसे नाइट्रोजनी उर्वरकों की आधारशिला; यह एक उर्वरक कच्चा माल है।
- (b)जिप्सम — अमोनियम सल्फेट के निर्माण में तथा कैल्शियम व सल्फर देने वाले मृदा-संशोधक के रूप में प्रयुक्त होता है; यह एक उर्वरक कच्चा माल है।
- (c)सल्फर — सल्फ्यूरिक अम्ल में बदला जाता है, जो फॉस्फेटी उर्वरक (सिंगल सुपरफॉस्फेट, डीएपी) बनाने हेतु आवश्यक है; यह एक उर्वरक कच्चा माल है।
उर्वरक उद्योग प्रत्येक पोषक तत्व के लिए अलग कच्चे माल पर निर्भर करता है: नाइट्रोजन अमोनिया से (प्राकृतिक गैस या नेफ्था से बनी), फॉस्फोरस रॉक फॉस्फेट से जिसे सल्फ्यूरिक अम्ल (सल्फर से) से उपचारित किया जाता है, और पोटैशियम पोटाश से। जिप्सम व सल्फर फॉस्फेटी/अमोनियम-सल्फेट श्रृंखला को आधार देते हैं। कॉस्टिक सोडा एक भिन्न परिवार — क्लोर-अल्कली उद्योग — से संबंधित है, इसलिए यह उर्वरक इनपुट नहीं है।
विषम विकल्प वही रसायन है जो किसी अन्य उद्योग से संबंधित है। तीन विकल्प सीधे नाइट्रोजन या फॉस्फेट उर्वरक निर्माण से जुड़े हैं; केवल कॉस्टिक सोडा साबुन/कागज़/वस्त्र उद्योग की सेवा करता है। 'गलत उद्योग' वाले सदस्य को पहचानना ही उत्तर देता है।
- नेफ्था / प्राकृतिक गैस → अमोनिया → यूरिया व अन्य नाइट्रोजनी उर्वरक।
- सल्फर → सल्फ्यूरिक अम्ल → फॉस्फेटी उर्वरक (SSP, DAP)।
- जिप्सम → अमोनियम सल्फेट; साथ ही मृदा-संशोधक (कैल्शियम + सल्फर) भी।
- कॉस्टिक सोडा (NaOH) क्लोर-अल्कली उत्पाद है (साबुन, कागज़, एल्युमिना) — उर्वरक फीडस्टॉक नहीं।
- किसी सामान्य औद्योगिक रसायन को उर्वरक इनपुट मान लेना — कॉस्टिक सोडा क्लोर-अल्कली से संबंधित है।
- यह भूल जाना कि सल्फर की भूमिका अप्रत्यक्ष है (सल्फ्यूरिक अम्ल के माध्यम से), फिर भी यह कच्चा माल है।
प्रायः विषम-विकल्प ('कौन-सा कच्चा माल नहीं है') या उद्योग-मिलान के रूप में पूछा जाता है। श्रृंखलाएँ याद रखें: नेफ्था/गैस→N उर्वरक, सल्फर/रॉक फॉस्फेट→P उर्वरक, कॉस्टिक सोडा→क्लोर-अल्कली (उर्वरक नहीं)।
निम्नलिखित में से किस उद्योग में रॉक फॉस्फेट का उपयोग होता है?
- (a) वस्त्र उद्योग
- (b) उर्वरक उद्योग
- (c) चीनी उद्योग
- (d) कागज़ उद्योग
उत्तर(b) उर्वरक उद्योग
वही अवधारणा — उर्वरक उद्योग के कच्चे माल। रॉक फॉस्फेट (सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ) फॉस्फेटिक उर्वरक का कच्चा माल है, जो इस प्रश्न के नैफ्था/सल्फर/जिप्सम समूह का पूरक है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
उर्वरक उद्योग में सल्फर का उपयोग मुख्यतः किसके निर्माण हेतु किया जाता है?
- (a)फॉस्फेटी उर्वरकों हेतु सल्फ्यूरिक अम्ल
- (b)अमोनिया
- (c)पोटाश
- (d)सीधे यूरिया
उत्तर(a) सल्फ्यूरिक अम्ल — फॉस्फेटी उर्वरक बनाने में प्रयुक्त।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
कॉस्टिक सोडा (सोडियम हाइड्रॉक्साइड) मुख्यतः किस उद्योग का उत्पाद है?
- (a)उर्वरक
- (b)क्लोर-अल्कली
- (c)शक्कर
- (d)सीमेंट
उत्तर(b) क्लोर-अल्कली उद्योग।