‘19 वीं शताब्दी के मध्य में भारतीय राष्ट्रवाद भ्रूणावस्था में थी ।’ इस तथ्य को मानने वाले इतिहासकार
- (a)डॉ. आर. सी. मजूमदार और डॉ. एस. एन. सेन
- (b)सर जेम्स आउट्रम और डब्ल्यू. टेलर
- (c)टी. आर. होम्स और एल. ई. आर. रीज
- (d)सर जान लारेन्स और सीले
सही उत्तर — (a) डॉ. आर. सी. मजूमदार और डॉ. एस. एन. सेन। 1857 के विद्रोह के इन आधुनिक भारतीय इतिहासकारों (मजूमदार की 'द सिपॉय म्यूटिनी एंड द रिवोल्ट ऑफ 1857' तथा एस. एन. सेन की 'एटीन फिफ्टी-सेवन') ने यह निष्कर्ष निकाला कि 19वीं शताब्दी के मध्य तक एक आधुनिक, अखिल-भारतीय राष्ट्रीय चेतना अभी नहीं बनी थी — भारतीय राष्ट्रवाद अभी प्रारंभिक, भ्रूणावस्था में ही था।
- (b)सर जेम्स आउट्रम और डब्ल्यू. टेलर — आउट्रम व टेलर इस विचार से जुड़े हैं कि 1857 एक हिन्दू-मुस्लिम (विशेषकर मुस्लिम) षड्यंत्र था, न कि 'भ्रूणावस्था वाले राष्ट्रवाद' के मूल्यांकन से।
- (c)टी. आर. होम्स और एल. ई. आर. रीज — इन ब्रिटिश लेखकों ने घटनाओं को भिन्न दृष्टि से देखा और इस कथन से जुड़े इतिहासकार नहीं हैं।
- (d)सर जान लारेन्स और सीले — जॉन लॉरेंस (व सीले) ने 1857 को मात्र एक सिपाही विद्रोह माना, जिसमें कोई राष्ट्रीय चरित्र नहीं था — यह 'भ्रूणावस्था में राष्ट्रवाद' वाले पठन से विपरीत दृष्टिकोण है।
इतिहासकार 1857 की प्रकृति पर स्पष्ट रूप से बंटे हुए हैं: एक सिपाही विद्रोह (लॉरेंस, सीले), एक मुस्लिम/सामंती षड्यंत्र (आउट्रम, टेलर), 'स्वतंत्रता का प्रथम युद्ध' (सावरकर), या — मजूमदार व एस. एन. सेन की संतुलित भारतीय विद्वता में — एक बड़ा किंतु अभी राष्ट्रीय-स्तरीय नहीं उथल-पुथल, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय भावना तब भी नवोदित ही थी।
MPPSC/UPSC 1857 के इतिहासलेखन (historiography) का परीक्षण करते हैं: प्रत्येक व्याख्या को उसके लेखक से मिलाएँ। 'भ्रूणावस्था/अभी राष्ट्रीय नहीं' वाला निर्णय मजूमदार-एस. एन. सेन का मूल्यांकन है।
- आर. सी. मजूमदार: 'द सिपॉय म्यूटिनी एंड द रिवोल्ट ऑफ 1857' — राष्ट्रीय चरित्र को लेकर संशयवादी।
- एस. एन. सेन: 'एटीन फिफ्टी-सेवन' — विद्रोह का एक आधिकारिक शताब्दी-इतिहास।
- सावरकर ने 1857 को 'स्वतंत्रता का प्रथम युद्ध' कहा; लॉरेंस/सीले ने इसे विद्रोह कहा।
- 'भ्रूणावस्था राष्ट्रवाद' पठन मानता है कि 19वीं शताब्दी के मध्य तक राष्ट्रीय चेतना अभी बन ही रही थी।
- 'षड्यंत्र' विचारधारा (आउट्रम/टेलर) को 'विद्रोह' विचारधारा (लॉरेंस/सीले) के साथ गड्डमड्ड करना
- यह मान लेना कि हर इतिहासकार ने 1857 को एक राष्ट्रीय युद्ध कहा
व्याख्या-को-इतिहासकार मिलान — 1857 पर दिए निर्णय को उसे देने वाले विद्वान से जोड़ें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1857 के विद्रोह को 'स्वतंत्रता का प्रथम युद्ध' किसने कहा?
- (a)वी. डी. सावरकर
- (b)आर. सी. मजूमदार
- (c)जॉन लॉरेंस
- (d)एस. एन. सेन
उत्तर(a) वी. डी. सावरकर।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
विद्रोह का एक आधिकारिक शताब्दी-इतिहास 'एटीन फिफ्टी-सेवन' किसने लिखा?
- (a)एस. एन. सेन
- (b)आर. सी. मजूमदार
- (c)ताराचंद
- (d)बिपन चंद्र
उत्तर(a) एस. एन. सेन।