राजा भोज के किस कवि ने जैनधर्म अपना लिया था ?
- (a)ग्रंथपाल
- (b)राजपाल
- (c)महिपाल
- (d)धनपाल
सही उत्तर — (d) धनपाल। धनपाल धार के परमार राजा भोज (11वीं शताब्दी) के दरबार के एक प्रसिद्ध संस्कृत-प्राकृत कवि थे। एक शैव ब्राह्मण परिवार में जन्मे, उन्होंने जैन धर्म अपना लिया — परंपरा इसका श्रेय उनके छोटे भाई शोभन के प्रभाव को देती है, जो एक जैन मुनि बन गए थे। उनकी रचनाओं में संस्कृत गद्य-काव्य तिलकमंजरी तथा प्राकृत शब्दकोश पाइयलच्छी शामिल हैं।
- (a)ग्रंथपाल — भोज के दरबार का वह कवि नहीं है जो जैन धर्म ग्रहण करने से जुड़ा है।
- (b)राजपाल — राजा भोज या जैन धर्म ग्रहण की कथा से संबद्ध नहीं है; यह एक समान-दिखने वाला '…पाल' भ्रामक विकल्प है।
- (c)महिपाल — भोज का जैन-धर्मांतरित कवि नहीं है — आयोग की कुंजी जिस उत्तर को श्रेय देती है वह धनपाल है।
धार के परमार राजा भोज (शासनकाल लगभग 1010-1055 ई.) विद्या के एक प्रसिद्ध संरक्षक थे, जिनके दरबार ने कई विद्वानों व कवियों को आकर्षित किया। धनपाल, उनमें से एक, संस्कृत/प्राकृत साहित्यकार के रूप में और जैन धर्म अपनाने वाले ब्राह्मण के रूप में — जो मध्यकालीन मालवा व गुजरात में जैन धर्म की प्रबल उपस्थिति को दर्शाता है — दोनों रूपों में उल्लेखनीय हैं।
चारों विकल्प समान-दिखने वाले '…पाल' नाम हैं, इसलिए चुनाव विशिष्ट कवि धनपाल व उनकी धर्मांतरण कथा को याद रखने पर निर्भर करता है। शृंखला स्थिर रखें: भोज का दरबार → धनपाल → तिलकमंजरी → जैन धर्म।
- राजा भोज: धार (मालवा) के परमार शासक, 11वीं शताब्दी में; विद्वता के महान संरक्षक।
- धनपाल: उनके दरबार के संस्कृत-प्राकृत कवि, जिन्होंने जैन धर्म अपनाया।
- धनपाल की रचनाएँ: तिलकमंजरी (संस्कृत गद्य-काव्य) व पाइयलच्छी (एक प्राकृत शब्दकोश)।
- उनका धर्मांतरण परंपरागत रूप से उनके भाई शोभन, एक जैन मुनि, से जुड़ा माना जाता है।
- धार के परमार भोज को कन्नौज के प्रतिहार भोज (मिहिर भोज) से भ्रमित करना
- समान-दिखने वाले '…पाल' विकल्प नामों को गड्डमड्ड करना
MPPSC 'भोज का दरबारी कवि' या तिलकमंजरी की रचयिता पूछता है; UPSC भोज को परमार कालक्रम व संरक्षण के अंतर्गत प्रस्तुत करता है — दोनों भोजों को अलग रखें।
इस प्रश्न से सीधे संबंधित कोई पूर्व PYQ उपलब्ध नहीं।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजा भोज के दरबार में संस्कृत गद्य-काव्य तिलकमंजरी किस कवि द्वारा लिखी गई?
- (a)धनपाल
- (b)बिल्हण
- (c)बाण
- (d)कल्हण
उत्तर(a) धनपाल — तिलकमंजरी व प्राकृत शब्दकोश पाइयलच्छी के रचयिता।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
राजा भोज, विद्या के एक महान संरक्षक जिन्हें भोजपुर के मंदिर का श्रेय दिया जाता है, किस वंश से संबद्ध थे?
- (a)परमार
- (b)प्रतिहार
- (c)चंदेल
- (d)कलचुरि
उत्तर(a) परमार — भोज ने धार से मालवा के परमार राज्य पर शासन किया।