फरवरी 2021 में प्रधानमंत्रीजी द्वारा किस शताब्दी समारोह की शुरुआत की गयी ?
- (a)जालियांवाला बाग शताब्दी समारोह
- (b)असहयोग आन्दोलन शताब्दी समारोह
- (c)चौरी चौरा शताब्दी समारोह
- (d)चंपारन शताब्दी समारोह
सही उत्तर — (c) चौरी चौरा शताब्दी समारोह। 4 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री ने वर्षभर चलने वाले चौरी चौरा शताब्दी समारोह की शुरुआत की, जो फरवरी 1922 की चौरी चौरा घटना (वर्तमान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में) के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आधारित थी, जहाँ एक भीड़ पुलिस से भिड़ गई थी और उसने एक थाने को आग लगा दी थी। इस हिंसा के कारण महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।
- (a)जालियांवाला बाग शताब्दी समारोह — जालियांवाला बाग हत्याकांड 1919 में हुआ था, इसलिए इसकी शताब्दी 2019 में पड़ी, फरवरी 2021 में नहीं।
- (b)असहयोग आन्दोलन शताब्दी समारोह — असहयोग आंदोलन 1920-21 में प्रारंभ हुआ था, परंतु फरवरी 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया विशिष्ट कार्यक्रम चौरी चौरा शताब्दी था, न कि कोई असहयोग आंदोलन शताब्दी कार्यक्रम।
- (d)चंपारन शताब्दी समारोह — चंपारन सत्याग्रह 1917 में हुआ था, इसलिए इसकी शताब्दी 2017 में मनाई गई थी, 2021 में नहीं।
चौरी चौरा घटना (फरवरी 1922) स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है: असहयोग आंदोलन में शामिल एक उत्तेजित भीड़ ने एक थाने को जला दिया और पुलिसकर्मियों को मार डाला। इस हिंसा से स्तब्ध होकर गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया, इस बात पर बल देते हुए कि संघर्ष अहिंसक ही रहे। 2021 की शताब्दी ने इस घटना व इसके शहीदों की सार्वजनिक स्मृति को पुनर्जीवित किया।
चारों विकल्प स्वतंत्रता संग्राम की वर्षगाँठें हैं, इसलिए युक्ति तिथि-गणना है: फरवरी 2021 से सौ वर्ष पहले की घटना 1921-22 की होनी चाहिए। केवल चौरी चौरा (1922) यह पूरा करती है; जालियांवाला बाग (1919) व चंपारन (1917) नहीं।
- चौरी चौरा घटना — फरवरी 1922, वर्तमान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के निकट।
- एक भीड़ ने थाने को आग लगाई, पुलिसकर्मियों की हत्या की; इसके बाद गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया।
- प्रधानमंत्री ने 4 फरवरी 2021 को चौरी चौरा शताब्दी समारोह की शुरुआत की।
- जालियांवाला बाग (1919) → शताब्दी 2019; चंपारन सत्याग्रह (1917) → शताब्दी 2017।
- असहयोग आंदोलन को चुनना क्योंकि यह चौरी चौरा से घनिष्ठ रूप से जुड़ा है — फरवरी 2021 का कार्यक्रम विशेष रूप से चौरी चौरा शताब्दी था।
- तिथियों में गलती करना: जालियांवाला बाग 1919, चंपारन 1917, चौरी चौरा 1922।
समसामयिकी में 'कौन-सी शताब्दी/वर्षगाँठ' जैसा प्रश्न पूछा जाता है, जो स्वतंत्रता संग्राम की कालक्रम को भी जांचता है। चौरी चौरा ↔ फरवरी 1922 ↔ असहयोग आंदोलन की वापसी स्थिर रखें।
कथन (A): गांधीजी ने 1922 में असहयोग आंदोलन बंद कर दिया। कारण (R): चौरी-चौरा में हुई हिंसा के कारण उन्होंने आंदोलन बंद किया।
- (a) A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है
- (b) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है
- (c) A सत्य है, परंतु R असत्य है
- (d) A असत्य है, परंतु R सत्य है
उत्तर(a) A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है
वही घटना — UPSC 1998 यह जांचता है कि चौरी चौरा की हिंसा ही वह कारण थी जिसके चलते गांधीजी ने असहयोग आंदोलन वापस लिया, वही घटना जिसकी शताब्दी इस 2020 के प्रश्न में संदर्भित है।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
चौरी चौरा घटना (1922) ने महात्मा गांधी को सीधे किस आंदोलन को वापस लेने के लिए प्रेरित किया?
- (a)असहयोग आंदोलन
- (b)भारत छोड़ो आंदोलन
- (c)सविनय अवज्ञा आंदोलन
- (d)खिलाफत आंदोलन
उत्तर(a) असहयोग आंदोलन — हिंसा के बाद गांधीजी ने इसे वापस ले लिया।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
1922 की घटना से संबद्ध चौरी चौरा, वर्तमान में किस राज्य में स्थित है?
- (a)उत्तर प्रदेश
- (b)बिहार
- (c)गुजरात
- (d)मध्य प्रदेश
उत्तर(a) उत्तर प्रदेश — गोरखपुर जिले में।