निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : (i) नियंत्रक-महालेखा परीक्षक का कर्त्तव्य होगा कि वह उन सभी प्राप्तियों की लेखा परीक्षा करें, जो भारत की संचित निधि में संदेय है। (ii) नियंत्रक-महालेखा परीक्षक को संघ या किसी राज्य के किसी कार्यालय या विभाग में रखे गए भण्डारों या स्टॉक के लेखाओं की लेखा परीक्षा करने और उनकी बाबत में रिपोर्ट देने का प्राधिकार होगा। सही विकल्प का चुनाव कीजिये :
- (a)(i) तथा (ii) दोनों असत्य हैं
- (b)(i) तथा (ii) दोनों सत्य हैं
- (c)(i) असत्य है लेकिन (ii) सत्य है
- (d)(i) सत्य है लेकिन (ii) असत्य है
सही उत्तर — (b) (i) तथा (ii) दोनों सत्य हैं। कथन (i) नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (कैग) की (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा-शर्तें) अधिनियम, 1971 की धारा 16 को दोहराता है — भारत की संचित निधि (तथा प्रत्येक राज्य व संघ राज्यक्षेत्र की संचित निधि) में संदेय सभी प्राप्तियों की लेखापरीक्षा करना तथा यह सुनिश्चित करना कि उन प्राप्तियों को सुरक्षित करने वाले नियम व प्रक्रियाएँ प्रभावी हैं, कैग का कर्तव्य है। कथन (ii) धारा 17 को दोहराता है — कैग को संघ या किसी राज्य के किसी कार्यालय या विभाग में रखे गए भण्डारों व स्टॉक के लेखाओं की लेखापरीक्षा करने व उनकी बाबत रिपोर्ट देने का प्राधिकार है। दोनों वास्तविक सांविधिक कर्तव्य हैं, अतः 'दोनों (i) तथा (ii) सत्य हैं' सही है।
- (a)(i) तथा (ii) दोनों असत्य हैं — दोनों कथन वास्तविक सांविधिक कर्तव्यों (कैग अधिनियम, 1971 की धारा 16 व 17) का सटीक विवरण हैं, अतः दोनों को असत्य कहना गलत है।
- (c)(i) असत्य है लेकिन (ii) सत्य है — कथन (i) भी सत्य है — संचित निधि में संदेय प्राप्तियों की लेखापरीक्षा करना धारा 16 के अंतर्गत स्पष्ट रूप से कैग का कर्तव्य है।
- (d)(i) सत्य है लेकिन (ii) असत्य है — कथन (ii) भी सत्य है — भण्डारों व स्टॉक की लेखापरीक्षा अधिनियम की धारा 17 द्वारा स्पष्ट रूप से प्राधिकृत है।
नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (कैग) भारत का संवैधानिक लेखापरीक्षक है (अनुच्छेद 148-151)। उसके विस्तृत कर्तव्य व शक्तियाँ संविधान में नहीं, बल्कि कैग (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा-शर्तें) अधिनियम, 1971 में निर्धारित हैं। ये संचित निधि से होने वाले व्यय और उसमें होने वाली प्राप्तियों की लेखापरीक्षा, तथा भण्डारों व स्टॉक के लेखाओं की लेखापरीक्षा को शामिल करते हैं — परंतु कैग केवल लेखापरीक्षा करता है व रिपोर्ट देता है; वह व्यय स्वीकृत नहीं करता, न ही राजकोष को नियंत्रित करता है।
दोनों कथन 1971 के अधिनियम की वास्तविक धाराओं (धारा 16 के अंतर्गत प्राप्तियाँ, धारा 17 के अंतर्गत भण्डार व स्टॉक) को दोहराते हैं, अतः सुरक्षित उत्तर 'दोनों सत्य' है। जाल यह मान लेना है कि प्राप्तियाँ लेखापरीक्षा के दायरे से बाहर हैं (लोग कैग को केवल व्यय से जोड़ते हैं) या यह कि 'भण्डार व स्टॉक' इतना परिचालनात्मक लगता है कि यह लेखापरीक्षा का कर्तव्य नहीं हो सकता।
- अनुच्छेद 148-151 कैग का सृजन करते हैं; विस्तृत कर्तव्य कैग (डीपीसी) अधिनियम, 1971 में निर्धारित हैं।
- धारा 16 - कैग भारत की संचित निधि तथा प्रत्येक राज्य/संघ राज्यक्षेत्र में संदेय सभी प्राप्तियों की लेखापरीक्षा करता है।
- धारा 17 - कैग संघ या किसी राज्य के किसी कार्यालय या विभाग में रखे भण्डारों व स्टॉक की लेखापरीक्षा करता है व रिपोर्ट देता है।
- कैग केवल लेखापरीक्षा करता है व रिपोर्ट देता है; वह व्यय स्वीकृत नहीं करता, न राजकोष को नियंत्रित करता है।
दोनों कैग के वास्तविक सांविधिक कर्तव्य हैं -> विकल्प (b) दोनों सत्य।
- यह सोचना कि कैग केवल व्यय की लेखापरीक्षा करता है, प्राप्तियों की नहीं
- कैग की लेखापरीक्षा-भूमिका को व्यय स्वीकृत करने या नियंत्रित करने की किसी शक्ति से भ्रमित करना
एमपीपीएससी व यूपीएससी इसे कैग के कर्तव्यों पर कथन-आधारित सही/गलत या 'निम्न में से कौन-सा कैग का कार्य नहीं है' के रूप में पूछते हैं - कर्तव्यों को 1971 के अधिनियम से जोड़ें और याद रखें कि कैग केवल लेखापरीक्षा करता है व रिपोर्ट देता है।
निम्नलिखित में से कौन-सा कर्तव्य भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक द्वारा नहीं निभाया जाता?
- (a) भारत की संचित निधि से होने वाले सभी व्यय की लेखापरीक्षा करना व रिपोर्ट देना
- (b) आकस्मिकता निधियों व लोक लेखाओं से होने वाले सभी व्यय की लेखापरीक्षा करना व रिपोर्ट देना
- (c) सभी व्यापारिक, विनिर्माण, लाभ व हानि लेखाओं की लेखापरीक्षा करना व रिपोर्ट देना
- (d) लोक धन की प्राप्ति व निर्गम को नियंत्रित करना, और यह सुनिश्चित करना कि लोक राजस्व राजकोष में जमा हो
उत्तर(d) लोक धन की प्राप्ति व निर्गम को नियंत्रित करना - यह कैग का कर्तव्य नहीं है; कैग केवल लेखापरीक्षा करता है व रिपोर्ट देता है।
समान अवधारणा - कैग के लेखापरीक्षा कर्तव्यों का दायरा, तथा वह मूल सीमा कि कैग लेखापरीक्षा/रिपोर्ट करता है परंतु राजकोष को नियंत्रित नहीं करता।
भारत में, लोक निधियों के कुशल व नियत उद्देश्य हेतु उपयोग सुनिश्चित करने के अतिरिक्त, नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (कैग) के कार्यालय का क्या महत्त्व है? 1. जब राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपातकाल/वित्तीय आपातकाल की घोषणा करते हैं, तब कैग संसद की ओर से राजकोष नियंत्रण का प्रयोग करता है। 2. मंत्रालयों द्वारा परियोजनाओं या कार्यक्रमों के क्रियान्वयन पर कैग की रिपोर्टों पर लोक लेखा समिति में चर्चा होती है। 3. कैग रिपोर्टों की जानकारी का उपयोग जाँच एजेंसियाँ लोक वित्त प्रबंधन में कानून का उल्लंघन करने वालों पर आरोप लगाने के लिए कर सकती हैं। 4. सरकारी कंपनियों की लेखापरीक्षा व लेखांकन से निपटते समय, कैग के पास कानून का उल्लंघन करने वालों पर अभियोजन हेतु कुछ न्यायिक शक्तियाँ हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- (a) 1, 3 और 4 केवल
- (b) केवल 2
- (c) केवल 2 और 3
- (d) 1, 2, 3 और 4
उत्तर(c) केवल 2 और 3
समान विचार परखता है - कैग का कार्यालय क्या करता है व क्या नहीं करता; इसके पास केवल लेखापरीक्षा शक्ति है, राजकोष नियंत्रण या न्यायिक/अभियोजन शक्ति नहीं।
भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक संघ के लेखाओं पर अपनी रिपोर्ट किसे प्रस्तुत करते हैं
- (a) भारत के सर्वोच्च न्यायालय को
- (b) प्रधानमंत्री को
- (c) उपराष्ट्रपति को
- (d) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर(d) उपरोक्त में से कोई नहीं - कैग की संघ लेखाओं संबंधी रिपोर्टें राष्ट्रपति को जाती हैं, जो उन्हें संसद के समक्ष रखते हैं (अनुच्छेद 151)।
वही पद व इसका रिपोर्टिंग कर्तव्य - कैग की लेखापरीक्षा व रिपोर्ट देने का कार्य, तथा वे संघ रिपोर्टें राष्ट्रपति के पास जाती हैं, न कि न्यायालयों या कार्यपालिका के पास।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
संविधान के अंतर्गत, संघ के लेखाओं से संबंधित कैग की रिपोर्टें किसे प्रस्तुत की जाती हैं?
- (a)सीधे संसद को
- (b)राष्ट्रपति को, जो उन्हें संसद के समक्ष रखते हैं
- (c)प्रधानमंत्री को
- (d)वित्त मंत्री को
उत्तर(b) राष्ट्रपति को, जो उन्हें संसद के समक्ष रखवाते हैं (अनुच्छेद 151)।
- अभ्यास — वास्तविक PYQ नहीं
निम्नलिखित में से कौन-सा भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक का कार्य नहीं है?
- (a)संचित निधि में संदेय प्राप्तियों की लेखापरीक्षा
- (b)भण्डारों व स्टॉक की लेखापरीक्षा
- (c)संचित निधि से धन निकालने को स्वीकृति देना
- (d)संचित निधि से व्यय की लेखापरीक्षा
उत्तर(c) निकासी को स्वीकृति देना कैग का कार्य नहीं है - कैग केवल लेखापरीक्षा करता है व रिपोर्ट देता है।